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उत्तर प्रदेश
ओमान में जहाज पर हमला, देवरिया के युवक की मौत से मचा कोहराम
nidhi
24 Sept 2026 10:59 AM IST

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कमाने विदेश गए सूरज की मौत
देवरिया: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले सूरज की विदेश में जहाज पर हुए हमले में मौत की खबर से उनके परिवार में कोहराम मच गया। बताया जा रहा है कि सूरज करीब एक महीने पहले ही रोजगार के सिलसिले में ओमान गए थे। परिवार को उम्मीद थी कि विदेश में नौकरी करने से घर की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, लेकिन अचानक आई उनकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
सूरज समुद्री जहाज से जुड़े काम के लिए ओमान गए थे। विदेश जाने के बाद वह लगातार परिवार के संपर्क में थे। घर के लोगों से फोन पर बातचीत होती रहती थी और सभी उनके सुरक्षित लौटने का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच जहाज पर हमले और उसमें सूरज की मौत की सूचना परिवार तक पहुंची। मौत की खबर मिलते ही घर में चीख-पुकार मच गई। परिजनों को पहले इस सूचना पर भरोसा नहीं हुआ। कुछ समय पहले ही घर से विदा हुए सूरज की अचानक मौत की खबर ने सभी को स्तब्ध कर दिया। रिश्तेदारों और आसपास के लोगों को घटना की जानकारी मिली तो वे भी परिवार को सांत्वना देने पहुंचे।
होर्मुज में जहाज पर टॉरपीडो हमला, देवरिया के भारतीय नाविक सूरज यादव की मौत28 सदस्यीय दल में 20 भारतीय थे, ओमान तट के पास हुआ हमला; जहाज के आवासीय हिस्से और इंजन कक्ष में लगी टक्कर ओमान के पास होर्मुज जलडमरूमध्य से भारत की ओर आ रहे एंटिगुआ और बारबुडा के ध्वज वाले मालवाहक जहाज… pic.twitter.com/Qn7IPjhhd8
— Vishal Singh🇮🇳 (@vishalpcbvisha1) September 23, 2026
परिवार के सामने अब सबसे बड़ी चिंता सूरज के पार्थिव शरीर को भारत वापस लाने की है। विदेश में किसी भारतीय नागरिक की मृत्यु होने पर स्थानीय प्रशासन, भारतीय दूतावास और संबंधित कंपनी के बीच जरूरी औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं। परिजनों को उम्मीद है कि प्रक्रिया जल्द पूरी होगी और पार्थिव शरीर देवरिया लाया जा सकेगा।
जहाज पर हमला किन परिस्थितियों में हुआ और घटना के समय सूरज की क्या जिम्मेदारी थी, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरा घटनाक्रम स्पष्ट हो सकेगा। समुद्री क्षेत्र में मौजूदा तनाव के बीच व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा भी चिंता का विषय बनी हुई है। हालांकि इस विशेष घटना को लेकर किसी पक्ष की जिम्मेदारी आधिकारिक पुष्टि के आधार पर ही तय की जानी चाहिए। सूरज के विदेश जाने को अभी लगभग एक महीना ही हुआ था। परिवार ने उनके भविष्य को लेकर कई सपने संजोए थे। बेहतर कमाई और परिवार की आर्थिक जरूरतें पूरी करने के उद्देश्य से उनका विदेश जाना अब परिजनों के लिए कभी न भूलने वाला दर्द बन गया है।
घटना की खबर गांव और आसपास के क्षेत्र में भी फैल गई है। घर पर लोगों की भीड़ जुट रही है। परिजन सरकार और संबंधित अधिकारियों से पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल परिवार की नजर विदेश से आने वाली आधिकारिक सूचना पर टिकी है। जहाज पर हुए हमले से जुड़ी परिस्थितियों, मृतक के पार्थिव शरीर को भारत भेजने और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं को लेकर संबंधित एजेंसियों से जानकारी मिलने का इंतजार किया जा रहा है। अचानक हुई इस घटना ने सूरज के परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया है।
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