
World वर्ल्ड: ब्रिटेन और भारत के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते में भारतीय अस्थायी कर्मचारियों को तीन वर्षों तक ब्रिटेन की सामाजिक सुरक्षा प्रणाली में योगदान से छूट देने का प्रावधान विपक्ष के निशाने पर आ गया है। ब्रिटेन के व्यापार मंत्री ने इस आलोचना को "पूर्णत: बेतुका" बताते हुए कहा कि इससे किसी ब्रिटिश कर्मचारी का नुकसान नहीं होगा।
यह प्रावधान ‘डबल कॉन्ट्रीब्यूशन कन्वेंशन’ के तहत है, जिसमें ब्रिटिश कर्मचारियों को भी भारत में ऐसी ही राहत मिलेगी। हालांकि भारत ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया, वहीं ब्रिटेन सरकार ने इसे ज़्यादा प्रचारित नहीं किया।
विपक्षी दलों और रिफॉर्म यूके पार्टी के नेता निगेल फैराज़ ने सरकार पर "ब्रिटिश श्रमिकों से विश्वासघात" का आरोप लगाया। वहीं, मंत्री का कहना है कि ऐसा समझौता ब्रिटेन के 50 से अधिक देशों से पहले भी हो चुका है और इससे केवल सीमित संख्या में लोग प्रभावित होंगे।





