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होर्मुज से युद्ध तक बढ़ी चिंता, ईरान संकट सुलझाने में मदद करेगा रूस

nidhi
9 Oct 2026 7:59 AM IST
होर्मुज से युद्ध तक बढ़ी चिंता, ईरान संकट सुलझाने में मदद करेगा रूस
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ईरान युद्ध खत्म कराने के लिए आगे आया रूस
अश्गाबात/मॉस्को: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से कहा है कि रूस मध्य पूर्व में जारी संघर्ष को समाप्त कराने के लिए हरसंभव मदद देने को तैयार है। दोनों नेताओं की मुलाकात गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को तुर्कमेनिस्तान में राष्ट्रमंडल स्वतंत्र राज्यों (सीआईएस) के शिखर सम्मेलन से पहले हुई। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष खत्म करने को लेकर कूटनीतिक प्रयासों में गतिरोध बना हुआ है।
पुतिन ने पेजेश्कियान से कहा कि मॉस्को इस स्थिति का समाधान निकालने में हरसंभव सहयोग करने के लिए तैयार है। उन्होंने ईरान की ओर से संघर्ष समाप्त करने के प्रयासों का भी उल्लेख किया। इससे पहले बुधवार को दोनों नेताओं के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, उस बातचीत में भी रूस ने मध्य पूर्व में जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए मध्यस्थता संबंधी प्रयासों में मदद की पेशकश की थी।
अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत पर दुनिया की नजर
रूस की यह पहल ऐसे समय सामने आई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ाने की कोशिशों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा था कि अमेरिका 3 नवंबर के मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान पर हमला नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच संघर्ष समाप्त करने को लेकर बातचीत चल रही है। कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद क्षेत्र में तनाव कम होने के स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। ईरान और अमेरिका के बीच मतभेदों के कारण युद्ध समाप्त करने की शर्तों पर सहमति बनाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। ऐसे में रूस की मध्यस्थता की पेशकश अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
रूस और ईरान के संबंधों में बढ़ रही नजदीकी
रूस और ईरान के बीच पिछले कुछ वर्षों में राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक सहयोग बढ़ा है। दोनों देशों ने 2025 में व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते में व्यापार, सैन्य सहयोग, विज्ञान, संस्कृति और शिक्षा जैसे क्षेत्र शामिल हैं। दोनों देश पश्चिमी प्रतिबंधों का भी सामना कर रहे हैं। पुतिन ने ईरान के साथ संबंधों में हो रहे विकास को सकारात्मक बताया है। हालांकि, रूस की ओर से संघर्ष समाप्त कराने में मदद की पेशकश के बावजूद अभी तक किसी औपचारिक मध्यस्थता प्रक्रिया, बातचीत की तारीख या समझौते की शर्तों की घोषणा नहीं की गई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी चिंता
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का असर अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति और समुद्री परिवहन पर भी पड़ रहा है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को लेकर खतरे बढ़े हैं। ईरान ने कुछ समुद्री मार्गों को लेकर चेतावनी दी है, जबकि तेल टैंकरों पर हमलों की घटनाओं ने ऊर्जा आपूर्ति की चिंताएं बढ़ा दी हैं। यदि संघर्ष लंबा खिंचता है, तो इसका असर तेल की कीमतों, वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ सकता है। इसीलिए रूस सहित कई देश कूटनीतिक समाधान की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं।
क्या रूस की पहल से निकलेगा समाधान?
पुतिन की पेशकश से रूस ने स्पष्ट किया है कि वह ईरान से जुड़े संघर्ष को समाप्त करने के प्रयासों में भूमिका निभाना चाहता है। लेकिन किसी भी समझौते के लिए संबंधित पक्षों की सहमति और ठोस बातचीत जरूरी होगी। फिलहाल यह साफ नहीं है कि रूस की पहल से अमेरिका और ईरान के बीच प्रत्यक्ष वार्ता शुरू हो पाएगी या नहीं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस बात पर है कि क्या कूटनीतिक प्रयास संघर्ष को रोकने और क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने में मदद कर पाएंगे।
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