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अमेरिका में टेक दिग्गजों का सम्मान, ट्रंप ने 6 हस्तियों को दिए राष्ट्रीय मेडल

nidhi
9 Oct 2026 6:46 AM IST
अमेरिका में टेक दिग्गजों का सम्मान, ट्रंप ने 6 हस्तियों को दिए राष्ट्रीय मेडल
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ट्रंप के मंच पर जुटे दुनिया के टेक दिग्गज

वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले दुनिया के छह प्रमुख टेक दिग्गजों को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया। इनमें माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला, टेस्ला और स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क, गूगल के सह-संस्थापक सर्गेई ब्रिन, एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग, एएमडी की सीईओ लिसा सु और डेल टेक्नोलॉजीज के संस्थापक माइकल डेल शामिल हैं। वाशिंगटन में आयोजित इस समारोह में ट्रंप ने इन हस्तियों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें अमेरिका की तकनीकी प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बताया।

यह सम्मान 'साइंस: ए न्यू गोल्डन एज' शिखर सम्मेलन के दौरान प्रदान किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विज्ञान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष अनुसंधान और कंप्यूटिंग के क्षेत्र में अमेरिका की उपलब्धियों को रेखांकित करना था। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका वैज्ञानिक अनुसंधान और नई तकनीकों के विकास में अपनी वैश्विक नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। समारोह के दौरान चार टेक दिग्गजों को 'नेशनल मेडल ऑफ साइंस' और दो को 'नेशनल मेडल ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन' प्रदान किया गया। ये अमेरिका में विज्ञान और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में दिए जाने वाले सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मानों में शामिल हैं।
एलन मस्क को अंतरिक्ष अनुसंधान, उन्नत इंजीनियरिंग, संचार और आधुनिक तकनीकी प्रणालियों के विकास में उनके योगदान के लिए नेशनल मेडल ऑफ साइंस से सम्मानित किया गया। स्पेसएक्स के माध्यम से अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने और नई इंजीनियरिंग क्षमताओं के विकास में उनकी भूमिका को विशेष रूप से मान्यता दी गई। ट्रंप ने मस्क की प्रशंसा करते हुए उनकी तुलना आधुनिक दौर के थॉमस एडिसन से की।
गूगल के सह-संस्थापक सर्गेई ब्रिन को इंटरनेट पर सूचना खोजने और डेटा प्रोसेसिंग की तकनीकों में महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मान मिला। उनके द्वारा विकसित तकनीकी नवाचारों ने दुनियाभर में सूचना तक पहुंच के तरीकों को बदलने में भूमिका निभाई है। एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग को ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट यानी जीपीयू तकनीक के विकास और उसके वैज्ञानिक कंप्यूटिंग तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में व्यापक इस्तेमाल के लिए सम्मानित किया गया। ट्रंप ने एनवीडिया की तकनीकी उपलब्धियों की सराहना करते हुए वैश्विक कंप्यूटिंग क्षेत्र में कंपनी के योगदान का उल्लेख किया।
एएमडी की सीईओ लिसा सु को सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग, आधुनिक प्रोसेसर डिजाइन और उच्च प्रदर्शन वाली कंप्यूटिंग तकनीकों के विकास के लिए नेशनल मेडल ऑफ साइंस दिया गया। उनके नेतृत्व और तकनीकी योगदान ने उन्नत कंप्यूटिंग प्रणालियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारतीय मूल के माइक्रोसॉफ्ट सीईओ सत्या नडेला को नेशनल मेडल ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन प्रदान किया गया। उन्हें माइक्रोसॉफ्ट को क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नए दौर में आगे बढ़ाने तथा बड़े पैमाने पर कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में उनके नेतृत्व के लिए सम्मानित किया गया।
डेल टेक्नोलॉजीज के संस्थापक माइकल डेल को व्यक्तिगत कंप्यूटर और कारोबारी कंप्यूटिंग प्रणालियों को व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराने तथा तकनीकी क्षेत्र में उनके दीर्घकालिक योगदान के लिए इसी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में ट्रंप ने इन सभी हस्तियों को अमेरिका का राष्ट्रीय गौरव बताते हुए कहा कि उनके योगदान से देश विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंच रहा है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी उभरती तकनीकों के महत्व पर भी जोर दिया।
हालांकि, इस सम्मान समारोह के साथ एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम भी चर्चा में रहा। उसी दिन अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने माइक्रोसॉफ्ट सहित कुछ बड़ी तकनीकी कंपनियों की विदेशी कर्मचारियों से जुड़ी रोजगार और स्थायी निवास प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए। अमेरिकी प्रशासन ने माइक्रोसॉफ्ट को विदेशी कर्मचारियों के स्थायी निवास संबंधी एक कार्यक्रम से अस्थायी रूप से निलंबित करने की घोषणा की। दूसरी ओर, ट्रंप ने उसी दिन कंपनी के सीईओ सत्या नडेला को राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया। इस घटनाक्रम ने अमेरिकी प्रशासन की तकनीकी कंपनियों के प्रति नीतियों को लेकर भी चर्चा बढ़ा दी। एक तरफ सरकार तकनीकी नवाचार और वैज्ञानिक उपलब्धियों को प्रोत्साहित कर रही है, वहीं दूसरी तरफ विदेशी कर्मचारियों की नियुक्ति से संबंधित नियमों को सख्त करने की दिशा में कदम उठा रही है।
समारोह की एक विशेष बात यह भी रही कि सम्मान प्राप्त करने वाली छह हस्तियों में से पांच का जन्म अमेरिका के बाहर हुआ था। इससे अमेरिकी तकनीकी उद्योग में प्रवासी प्रतिभाओं की भूमिका भी चर्चा का विषय बनी।
ट्रंप प्रशासन ने इस आयोजन के माध्यम से विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में अमेरिका की नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने का संदेश दिया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, कंप्यूटिंग और अंतरिक्ष अनुसंधान से जुड़े इन छह दिग्गजों को एक मंच पर सम्मानित किए जाने के कारण इस समारोह ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया।
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