विश्व

ताइवान के आस-पास चीन की समुद्री गतिविधियां अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई

Gulabi Jagat
27 Aug 2026 7:37 PM IST
ताइवान के आस-पास चीन की समुद्री गतिविधियां अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई
x

ताइपे: चीन ने ताइवान के आस-पास कोस्ट गार्ड, रिसर्च और दूसरे सिविलियन जहाजों की मौजूदगी बहुत बढ़ा दी है। समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इन गतिविधियों का स्तर अभूतपूर्व है। ताइवान के कोस्ट गार्ड एडमिनिस्ट्रेशन (CGA) के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महीने ताइवान के आस-पास के समुद्री इलाकों में 244 चीनी जहाज देखे गए, जबकि जून में यह संख्या 55 और मई में 30 थी। 'ताइपे टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, इस आंकड़े का मतलब है कि उस इलाके में हर दिन औसतन लगभग आठ चीनी जहाज काम कर रहे थे।

पिछले महीने देखे गए जहाजों में से लगभग 60 प्रतिशत चीनी कोस्ट गार्ड के जहाज थे, जबकि इन आंकड़ों में चीन की नौसेना के जहाज शामिल नहीं थे, जिन्हें नियमित रूप से ताइवान के आस-पास तैनात किया जाता है। 'ताइपे टाइम्स' ने बताया कि इस महीने के पहले 21 दिनों में 152 चीनी जहाज देखे गए, जिससे मई से अब तक कुल संख्या 1,247 हो गई है।

CGA के एक अधिकारी ने स्थिति को "लगातार गंभीर" बताया और द्वीप के आस-पास बीजिंग की बढ़ती समुद्री गतिविधियों पर चिंता जताई।

चीनी रिसर्च जहाजों की बढ़ती भागीदारी ने भी ध्यान खींचा है। US नेवल वॉर कॉलेज के 'चाइना मैरीटाइम स्टडीज़ इंस्टीट्यूट' के रयान डी. मार्टिंसन ने कहा कि सिविलियन रिसर्च संस्थानों द्वारा इकट्ठा किया गया डेटा चीन की सेना के साथ साझा किया जा सकता है और यह पनडुब्बी (सबमरीन) और एंटी-सबमरीन युद्ध के लिए विशेष रूप से मूल्यवान है। हालांकि उन्होंने कहा कि यह तरीका नया नहीं है, लेकिन इसका मौजूदा स्तर अभूतपूर्व है। 'ताइपे टाइम्स' ने मार्टिंसन के हवाले से कहा कि ये ऑपरेशन ताइवान के आस-पास के समुद्री इलाकों पर अपना अधिकार जताने और वहां के नेतृत्व पर अतिरिक्त दबाव डालने की बीजिंग की कोशिशों में बढ़ोतरी को दिखाते हैं।

हाल ही में चीन के 'शियांग यांग होंग 03' रिसर्च जहाज का मामला सामने आया, जिसे चीन के कोस्ट गार्ड जहाज और चीन की समुद्री मिलिशिया से जुड़े एक मछली पकड़ने वाले जहाज के साथ काम करते देखा गया। 'इंजीनीस्पेस' (ingeniSPACE) के जेसन वांग ने कहा कि यह पहली बार था जब ताइवान के समुद्री इलाकों में किसी चीनी रिसर्च जहाज को समुद्री मिलिशिया का साथ मिला।

वांग के अनुसार, इस मिशन का मकसद एंटी-सबमरीन युद्ध में मदद के लिए रयुक्यु और पूर्वी ताइवान ट्रेंच से नई हाइड्रोग्राफिक जानकारी इकट्ठा करना था, साथ ही अमेरिकी और सहयोगी सेनाओं की ऐसी ही गतिविधियों को रोकना भी था।

Next Story