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China की हाइब्रिड वॉरफेयर रणनीति तेज, ताइवान पर समुद्री दबाव बढ़ा

Gulabi Jagat
21 Jun 2026 8:54 PM IST
China की हाइब्रिड वॉरफेयर रणनीति तेज, ताइवान पर समुद्री दबाव बढ़ा
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Taipei : ताइवान के एक सीनियर सुरक्षा अधिकारी के अनुसार, चीन ताइवान पर दबाव बढ़ाने के लिए "हाइब्रिड वॉरफेयर" (मिली-जुली युद्ध नीति) के तरीकों का ज़्यादा इस्तेमाल कर रहा है। वह सीधे सैन्य टकराव के बजाय कोस्ट गार्ड की तैनाती, वैज्ञानिक रिसर्च जहाज़ों और कानूनी अस्पष्टताओं का इस्तेमाल करके अपने रणनीतिक मकसद पूरे कर रहा है। 'ताइपे टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, ताइवान नेशनल सिक्योरिटी इंस्टीट्यूट के डिप्टी सेक्रेटरी-जनरल हो चेंग-हुई ने कहा कि बीजिंग के कामों से पता चलता है कि वह "ग्रे-ज़ोन ऑपरेशन" (ऐसे ऑपरेशन जो सीधे युद्ध नहीं हैं लेकिन तनाव बढ़ाते हैं) पर ज़्यादा निर्भर हो रहा है।

'ताइपे टाइम्स' के अनुसार, बदलते क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल पर बात करते हुए हो ने कहा कि जैसे-जैसे यूक्रेन और ईरान में टकराव कम होते दिख रहे हैं, बीजिंग को लग सकता है कि सीधे सैन्य ताकत से अपने लक्ष्य हासिल करने की संभावनाएँ कम हो रही हैं। नतीजतन, चीन ऐसे तरीकों का इस्तेमाल बढ़ा रहा है जो युद्ध की श्रेणी में नहीं आते। हो के अनुसार, इन उपायों में संप्रभुता के दावे, समुद्री ताकत का प्रदर्शन और समन्वित प्रचार अभियान शामिल हैं, जिनका मकसद जनमत को प्रभावित करना और ताइवान तथा जापान और फिलीपींस जैसे अन्य क्षेत्रीय देशों पर कूटनीतिक दबाव डालना है।

उन्होंने तर्क दिया कि बीजिंग अंतरराष्ट्रीय कानूनों की कमियों का फायदा उठा रहा है और विवादित समुद्री इलाकों में अपने आक्रामक व्यवहार को सही ठहराने के लिए कानूनी तरीकों का इस्तेमाल कर रहा है। हो ने ताइवान के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक ज़ोन, ताइवान जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) में मीडियन लाइन और किनमेन और मात्सू के आसपास के पानी को भविष्य में चीन की गतिविधियों के संभावित हॉटस्पॉट के तौर पर चिह्नित किया। उन्होंने कहा कि चीन का कोस्ट गार्ड इस रणनीति में एक अहम हथियार बन गया है, जो अक्सर विवादित समुद्री सीमाओं के पास काम करता है ताकि अनिश्चितता पैदा की जा सके और स्थापित नियमों को चुनौती दी जा सके।

हो ने ताइवान से ज़्यादा सक्रियता से जवाब देने का आग्रह किया और फिलीपींस की "पूरी पारदर्शिता" वाली नीति को एक असरदार मॉडल बताया। 'ताइपे टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, चीन की हर समुद्री घुसपैठ को सार्वजनिक रूप से रिकॉर्ड करके और उजागर करके, मनीला बीजिंग के नैरेटिव और गलत सूचना फैलाने की कोशिशों का मुकाबला करने में कामयाब रहा है।

हो ने सुझाव दिया कि ताइवान भी ऐसे ही उपाय अपना सकता है, जिसमें अपने दूर-दराज के द्वीपों के आसपास कोस्ट गार्ड की गश्त की लाइव-स्ट्रीमिंग करना शामिल है, ताकि चीन के झूठे दावों को तुरंत गलत साबित किया जा सके। उन्होंने खुफिया जानकारी साझा करने, संयुक्त समुद्री प्रवर्तन अभियानों और मछली पकड़ने व संसाधनों से जुड़े विवादों पर कूटनीतिक बातचीत के ज़रिए ताइवान, जापान और फिलीपींस के बीच मज़बूत सहयोग का भी आह्वान किया, जैसा कि 'ताइपे टाइम्स' ने बताया है।

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