विश्व
रूस यूक्रेन युद्ध में युद्धविराम का ऐलान, मेलानिया ट्रम्प की पहल
Ratna Netam
23 Oct 2026 8:38 PM IST

x
वाशिंगटन। रूस और यूक्रेन के बीच पिछले कई वर्षों से जारी युद्ध के बीच एक महत्वपूर्ण मानवीय पहल सामने आई है। अमेरिका के व्हाइट हाउस ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि अमेरिकी फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रम्प की मध्यस्थता से दोनों देशों के बीच यूक्रेन के ओलेशकी शहर में अस्थायी युद्धविराम पर सहमति बनी है। यह युद्धविराम 29 अक्टूबर से लागू होना निर्धारित है। इसका मुख्य उद्देश्य युद्ध प्रभावित क्षेत्र में फंसे नागरिकों तक भोजन, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाना तथा उन्हें सुरक्षित स्थानों पर निकालने की व्यवस्था करना है। हालांकि, यह समझौता केवल ओलेशकी शहर तक सीमित है, पूरे रूस-यूक्रेन युद्ध पर लागू नहीं होगा।
29 अक्टूबर से बंद होंगी सैन्य गतिविधियां
व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान के अनुसार, रूस और यूक्रेन ने ओलेशकी शहर में सभी सैन्य गतिविधियों को अस्थायी रूप से रोकने पर सहमति जताई है।इस अवधि में मानवीय सहायता पहुंचाने वाली टीमों को प्रभावित नागरिकों तक जाने की अनुमति देने की योजना है। इसके अलावा नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए विशेष मार्ग निर्धारित किया जाएगा।व्हाइट हाउस का कहना है कि युद्धविराम का उद्देश्य उन लोगों की जान बचाना है, जो लंबे समय से संघर्ष प्रभावित क्षेत्र में फंसे हुए हैं।हालांकि, समझौते की अवधि और इसे लागू करने की पूरी व्यवस्था अभी स्पष्ट नहीं है।
मेलानिया ट्रम्प ने जताई गंभीर चिंता
अमेरिकी फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रम्प ने ओलेशकी में बिगड़ते मानवीय हालात पर चिंता जताई है।उन्होंने कहा कि यह शहर युद्ध के अग्रिम मोर्चे के पास स्थित है और गंभीर मानवीय संकट का सामना कर रहा है।मेलानिया के मुताबिक, शहर में बचे लोगों में बड़ी संख्या बुजुर्गों की है, जिन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता, दवाइयों, भोजन और स्वच्छ पेयजल की आवश्यकता है।उन्होंने बताया कि लगातार संघर्ष के कारण नागरिकों की सामान्य जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई है। ऐसे में युद्धविराम से मानवीय सहायता पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित निकालने का अवसर मिलेगा।
2022 से रूस के कब्जे में है ओलेशकी
ओलेशकी दक्षिणी यूक्रेन के खेरसॉन क्षेत्र में स्थित एक शहर है। यह नीप्रो नदी के किनारे बसा हुआ है।रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर व्यापक सैन्य हमला शुरू करने के दौरान इस शहर पर कब्जा कर लिया था।इसके बाद से ओलेशकी में लगातार सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बनी हुई हैं।युद्ध के कारण शहर की इमारतों, सड़कों और अन्य बुनियादी सुविधाओं को भारी नुकसान पहुंचा है।जून 2023 में काखोवका बांध के नष्ट होने के बाद आई भीषण बाढ़ ने भी शहर को प्रभावित किया था। इससे स्थानीय आबादी के सामने पहले से मौजूद संकट और गंभीर हो गया।
हजारों नागरिकों के सामने भोजन और पानी का संकट
युद्ध शुरू होने से पहले ओलेशकी की आबादी लगभग 24 हजार थी, लेकिन अब वहां बहुत कम लोग बचे हैं।हालिया अनुमानों के अनुसार, शहर में करीब 1,700 से 2,000 नागरिक रह रहे हैं। इनमें अधिकांश बुजुर्ग हैं, जबकि लगभग 50 बच्चे भी मौजूद बताए जा रहे हैं।स्थानीय निवासियों को लंबे समय से भोजन, दवाइयों और साफ पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है।बिजली, हीटिंग और नियमित जलापूर्ति जैसी सुविधाएं भी प्रभावित हैं। कई रास्तों पर बारूदी सुरंगों और लगातार सैन्य गतिविधियों के कारण लोगों का सुरक्षित बाहर निकलना बेहद कठिन हो गया है।
रूस और यूक्रेन के अधिकारियों से हुई बातचीत
व्हाइट हाउस के अनुसार, मेलानिया ट्रम्प ने इस मानवीय पहल की शुरुआत की थी।बताया गया है कि उन्होंने और उनके एक प्रतिनिधि ने रूस तथा यूक्रेन के नेतृत्व के साथ सीधे बातचीत करके युद्धविराम की शर्तों को अंतिम रूप देने में भूमिका निभाई।समझौते के तहत दोनों देशों की गैर-सैन्य टीमें नागरिकों से संपर्क करेंगी और सुरक्षित निकासी में मदद करेंगी।हालांकि, घोषणा के तुरंत बाद रूस और यूक्रेन की सरकारों की ओर से इस समझौते पर अलग-अलग विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
शांति प्रयासों के बीच महत्वपूर्ण पहल
रूस और यूक्रेन के बीच व्यापक युद्धविराम को लेकर लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का प्रशासन भी दोनों देशों के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।ऐसे समय में मेलानिया ट्रम्प की पहल पर घोषित स्थानीय युद्धविराम को नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण मानवीय कदम माना जा रहा है।हालांकि, इस समझौते से पूरे युद्ध के समाप्त होने का संकेत नहीं मिलता।फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें 29 अक्टूबर पर टिकी हैं, जब ओलेशकी में युद्धविराम लागू होना है। इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि दोनों पक्ष सैन्य गतिविधियां रोकने और सहायता दलों को सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करने की शर्तों का कितना पालन करते हैं।
Next Story





