
World: लाल सागर (Red Sea) में यमन तट के पास रविवार को एक अज्ञात हथियारबंद समूह द्वारा एक मालवाहक जहाज पर हमला किए जाने की घटना सामने आई है। ब्रिटिश सेना ने इस हमले की पुष्टि की है, जिससे समुद्री सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है।
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार, यह हमला तटीय शहर होदेइदा से लगभग 30 समुद्री मील (करीब 55 किलोमीटर) दक्षिण-पश्चिम में हुआ। यह क्षेत्र वर्तमान में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के नियंत्रण में बताया जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, जहाज के चालक दल ने अज्ञात सशस्त्र हमलावरों द्वारा निशाना बनाए जाने की सूचना दी है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच में जुट गई हैं।
अब तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि हूती विद्रोहियों ने पहले लाल सागर से गुजरने वाले जहाजों पर हमले की चेतावनी दी थी, लेकिन इस घटना पर उनकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
गौरतलब है कि गाजा युद्ध के दौरान हूती विद्रोहियों ने दक्षिणी लाल सागर और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के पास कई जहाजों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए थे। इन घटनाओं के कारण वैश्विक शिपिंग मार्ग प्रभावित हुए थे और कई कंपनियों को स्वेज नहर के बजाय अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप मार्ग से लंबा रास्ता अपनाना पड़ा था।
इसके अलावा, इस क्षेत्र में सोमाली समुद्री डाकुओं की गतिविधियां भी हाल के दिनों में बढ़ी हैं। इसी महीने 1 जुलाई को बलहाफ के पास एक संदिग्ध समुद्री डाकू हमले की घटना सामने आई थी, जिसमें एक जहाज को मामूली नुकसान पहुंचा था।
इस ताजा हमले ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसे हमले जारी रहे तो वैश्विक व्यापार और शिपिंग उद्योग पर बड़ा असर पड़ सकता है।





