
Islamabad इस्लामाबाद : इस्लामाबाद/लाहौर। पाकिस्तान के लाहौर में दो विदेशी महिलाओं के कथित अपहरण और दुर्व्यवहार मामले में जांच एजेंसियों ने बड़ा खुलासा किया है। इस केस में अब क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े लेनदेन और वित्तीय विवाद की भी जांच की जा रही है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुख्य आरोपी मुहम्मद रजा डार पर आरोप है कि उसने महिलाओं से क्रिप्टो फंड हासिल करने के उद्देश्य से उन्हें बंधक बनाया और फिरौती की मांग की। आरोपी का संबंध पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार के परिवार से बताया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जांच के दौरान सामने आया है कि आरोपी और पीड़ित महिलाओं की मुलाकात पिछले वर्ष सिंगापुर में हुई थी और वे कथित तौर पर क्रिप्टोकरेंसी कारोबार से जुड़े थे। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने ही दोनों महिलाओं को पाकिस्तान आने के लिए बिजनेस वीजा की व्यवस्था करवाई थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 29 जून को लाहौर में दोनों महिलाओं का कथित रूप से अपहरण किया गया था, जिसके बाद उनसे फिरौती की मांग की गई। जांच में यह भी सामने आया कि महिलाओं की रिहाई के बदले 1 लाख डॉलर की मांग की गई थी।
पीड़ित महिलाओं में से एक ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उन्हें एक घर में बंधक बनाकर रखा गया और उनके मोबाइल फोन से संपर्कों को पैसे भेजने के संदेश भी भेजे गए। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने उनसे कंप्यूटर और क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट से जुड़ी जानकारी मांगी।
पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी फरार बताया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत ने पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। जांच एजेंसियां डिजिटल लेनदेन, क्रिप्टो नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच कर रही हैं।





