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Canada Latest News : कनाडा चुनावी जंग तेज

Uma Verma
24 March 2025 8:11 AM IST
Canada Latest News : कनाडा चुनावी जंग तेज
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वर्ल्ड | कनाडा में आम चुनाव की तारीख के एलान के साथ ही सियासी पारा चढ़ने लगा है। प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की लिबरल पार्टी और मुख्य विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है। इस बार चुनावी मुकाबला और दिलचस्प इसलिए हो गया है क्योंकि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वापसी की संभावनाओं के बीच कनाडा-अमेरिका संबंधों और ट्रेड वॉर का मुद्दा भी सुर्खियों में आ गया है।

ट्रूडो के सामने सबसे कठिन चुनाव?

प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के लिए यह चुनाव उनकी अब तक की सबसे कठिन राजनीतिक परीक्षा हो सकती है। बीते कुछ वर्षों में उनकी सरकार को कई मुद्दों पर आलोचना झेलनी पड़ी है, जिनमें महंगाई, आवास संकट, और चीन के साथ संबंधों को लेकर उठे सवाल शामिल हैं। विपक्षी नेता पियरे पोइलिवर की अगुवाई में कंजर्वेटिव पार्टी तेजी से लोकप्रिय हो रही है और ट्रूडो को कड़ी टक्कर देने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।

पिछले चुनाव में लिबरल पार्टी ने अल्पमत सरकार बनाई थी, लेकिन इस बार कंजर्वेटिव पार्टी के समर्थन में इजाफा हुआ है। कई जनमत सर्वेक्षणों के मुताबिक, जनता की एक बड़ी संख्या मौजूदा सरकार से नाखुश है और बदलाव चाहती है।

क्या अमेरिका की राजनीति का पड़ेगा असर?

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव भी इसी साल होने हैं, और वहां डोनाल्ड ट्रंप की बढ़ती लोकप्रियता ने कनाडा की चुनावी राजनीति को भी प्रभावित किया है। ट्रंप ने पहले भी कनाडा के साथ ट्रेड डील्स पर सवाल उठाए थे और कई मौकों पर ट्रूडो सरकार की नीतियों की आलोचना की थी। अगर ट्रंप फिर से राष्ट्रपति बने तो कनाडा के लिए आर्थिक और व्यापारिक नीतियों में बदलाव देखने को मिल सकता है, जिससे ट्रूडो सरकार को बड़ा नुकसान हो सकता है।

वहीं, मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और ट्रूडो के रिश्ते बेहतर रहे हैं, लेकिन अमेरिका की "अमेरिका फर्स्ट" नीति के चलते कनाडा को कई बार व्यापारिक दबाव झेलना पड़ा है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि कनाडा के मतदाता इस चुनाव में अमेरिकी राजनीति को कितना महत्व देते हैं।

चुनाव में कौन से मुद्दे होंगे हावी?

इस बार के चुनाव में आर्थिक स्थिति, स्वास्थ्य सेवा, पर्यावरण नीति, और आवास संकट जैसे घरेलू मुद्दे सबसे ज्यादा असर डाल सकते हैं। कनाडा में बढ़ती महंगाई और घरों की कीमतों में तेजी ने जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जिसका सीधा असर ट्रूडो सरकार की लोकप्रियता पर पड़ रहा है।

दूसरी ओर, विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी कर कटौती, व्यापारिक सुधार, और आवास योजनाओं को लेकर अपनी नीतियों को आक्रामक तरीके से प्रचारित कर रही है। इन सबके बीच, ट्रेड वॉर और अमेरिका-कनाडा संबंधों का चुनाव पर कितना प्रभाव पड़ेगा, यह देखने वाली बात होगी।

क्या बदलाव की ओर है कनाडा?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार का चुनाव बेहद कड़ा रहेगा। ट्रूडो की लिबरल पार्टी को जहां सत्ता बचाने की चुनौती है, वहीं कंजर्वेटिव पार्टी के पास सरकार बनाने का मौका है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि कनाडा के मतदाता बदलाव के पक्ष में जाते हैं या एक बार फिर ट्रूडो पर भरोसा जताते हैं।


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