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Jeddah : उत्तरी बॉर्डर इलाके में बसंत के आगमन के साथ ही ऊंटनी का दूध बेडौइन समुदाय के जीवन में अहम स्थान ले चुका है। स्थानीय लोगों और यात्रियों के अनुसार यह दूध न केवल पोषण का स्रोत है, बल्कि परंपराओं और सामाजिक आयोजनों में भी इसकी अहम भूमिका है।
सऊदी प्रेस एजेंसी ने बताया कि हल्के मौसम और हरे-भरे प्राकृतिक चरागाहों के कारण ऊंटनी का दूध प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हो गया है। इसका असर न केवल स्थानीय आबादी पर पड़ा है, बल्कि रेगिस्तान में घूमने और कैंप करने वाले यात्रियों के लिए भी यह एक जरूरी संसाधन बन गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंटनी का दूध स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होने के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों और परंपराओं को भी बढ़ावा देता है। स्थानीय बेडौइन लोग इसे पारंपरिक व्यंजनों और उत्सवों में इस्तेमाल करते हैं, जिससे युवा पीढ़ी भी अपनी सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ी रहती है।
स्थानीय प्रशासन ने इस पहल का समर्थन किया और क्षेत्र में स्थायी चरागाहों और ऊंट पालन के लिए आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई हैं। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे संसाधन न केवल स्थानीय जीवन को आसान बनाते हैं, बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक जागरूकता को भी बढ़ावा देते हैं।
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