
बांग्लादेश | बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस BIMSTEC शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के लिए उत्सुक हैं। अगर यह बैठक होती है, तो यह ऐसे समय में होगी जब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों में खटास देखी जा रही है। भारत ने हाल ही में बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर चिंता जताई थी, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया। वहीं, यूनुस पिछले हफ्ते चीन गए थे, जहां उन्होंने भारत के खिलाफ कुछ विवादित बयान दिए थे, जिससे हालात और पेचीदा हो गए। हालांकि, अब उनके सुर बदले हुए नजर आ रहे हैं और पूर्वोत्तर भारत के प्रति बांग्लादेश का रुख भी अचानक नरम पड़ता दिख रहा है।
बांग्लादेश के बदले रुख के पीछे क्या वजह?
यूनुस की मोदी से मुलाकात की इच्छा को लेकर यह भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या बांग्लादेश भारत के साथ संबंधों में आई दरार को पाटना चाहता है? बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था इस वक्त दबाव में है और उसे चीन और भारत दोनों की जरूरत है। चीन के करीब जाने की कोशिशों के बावजूद बांग्लादेश यह भी जानता है कि भारत उसके सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है। इसके अलावा, बांग्लादेश में आगामी चुनावों को लेकर भी राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है, ऐसे में भारत का समर्थन उसके लिए अहम हो सकता है।
पूर्वोत्तर को लेकर नरम क्यों हुआ बांग्लादेश?
हाल ही में बांग्लादेश ने पूर्वोत्तर भारत को लेकर अपने बयान बदल दिए हैं। पहले जहां भारत के इस हिस्से को लेकर बांग्लादेश का रुख सख्त रहता था, अब अचानक उसमें नरमी देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की बढ़ती रणनीतिक और कूटनीतिक ताकत को देखते हुए बांग्लादेश अपने रुख में बदलाव कर रहा है।
भारत-बांग्लादेश संबंधों का भविष्य
अगर BIMSTEC सम्मेलन के दौरान मोदी और यूनुस की मुलाकात होती है, तो यह दोनों देशों के संबंधों को एक नया मोड़ दे सकती है। भारत ने हमेशा बांग्लादेश के साथ मित्रता और सहयोग का समर्थन किया है, लेकिन हाल की घटनाओं ने इस रिश्ते को प्रभावित किया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह मुलाकात दोनों देशों के बीच तनाव कम कर पाती है या नहीं।





