
वर्ल्ड | बांग्लादेश में प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ विरोध एक बार फिर तेज हो गया है। छात्र नेतृत्व वाले संगठन नेशनलिस्ट कंजर्वेटिव पार्टी (NCP) ने सरकार पर लोकतंत्र विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाते हुए अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
संगठन का कहना है कि अवामी लीग देश में सत्ता का दुरुपयोग कर रही है और विपक्ष को दबाने के लिए दमनकारी कदम उठा रही है। इस विरोध के चलते बांग्लादेश की राजनीति में नया उथल-पुथल देखने को मिल रहा है।
NCP के नेताओं का आरोप है कि सरकार लगातार चुनावों में धांधली कर रही है और सत्ता में बने रहने के लिए विरोधियों पर कार्रवाई कर रही है। संगठन ने कहा कि छात्र आंदोलनकारियों, विपक्षी दलों और पत्रकारों को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान कई छात्र नेताओं को गिरफ्तार किए जाने की खबरें भी सामने आई हैं। इस बीच, बांग्लादेश की राजधानी ढाका समेत कई शहरों में सरकार विरोधी रैलियां आयोजित की जा रही हैं, जहां प्रदर्शनकारियों ने हसीना सरकार को हटाने की मांग की है।
सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। अवामी लीग के प्रवक्ताओं ने कहा है कि यह प्रदर्शन सिर्फ सरकार को अस्थिर करने की साजिश का हिस्सा हैं और विरोध करने वाले संगठनों को विपक्षी पार्टियों से समर्थन मिल रहा है। सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि कानून-व्यवस्था भंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार लंबे समय से सत्ता में है, लेकिन हाल के वर्षों में उन पर अवैध तरीके से चुनाव जीतने और विपक्षी दलों को कुचलने के आरोप लगे हैं। देश में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर भी जनता में असंतोष बढ़ रहा है।
अगर विरोध प्रदर्शन और तेज हुए तो यह सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। अब यह देखना होगा कि अगले कुछ हफ्तों में स्थिति किस दिशा में जाती है और क्या सरकार इस बढ़ते विरोध को शांत करने में सफल हो पाती है।





