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फारस की खाड़ी में LNG जहाज पर हमला, छह भारतीय नाविक सुरक्षित

Ratna Netam
31 Oct 2026 7:28 PM IST
फारस की खाड़ी में LNG जहाज पर हमला, छह भारतीय नाविक सुरक्षित
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नई दिल्ली। फारस की खाड़ी में मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले एक तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) वाहक जहाज के टकराने की घटना के बाद केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि जहाज पर सवार छह भारतीय नाविकों सहित चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं। इस जानकारी से नाविकों के परिजनों को राहत मिली है। समुद्री परिवहन से जुड़े इस घटनाक्रम ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों पर जहाजों की सुरक्षा और समुद्री परिचालन में सतर्कता के महत्व को सामने ला दिया है।फारस की खाड़ी दुनिया के महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार क्षेत्रों में शामिल है। इस क्षेत्र से कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और अन्य ऊर्जा उत्पादों की बड़ी मात्रा में आवाजाही होती है। ऐसे में किसी LNG वाहक जहाज के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना समुद्री सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जाती है।केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने चालक दल की सुरक्षा की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि जहाज पर मौजूद छह भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। हालांकि, घटना में जहाज को कितना नुकसान पहुंचा और टक्कर किन परिस्थितियों में हुई, इसके बारे में उपलब्ध जानकारी सीमित है।
छह भारतीय नाविकों की सुरक्षा से मिली राहत
समुद्री जहाजों पर काम करने वाले भारतीय नाविक अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक परिवहन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। दुनिया के विभिन्न समुद्री मार्गों पर बड़ी संख्या में भारतीय अधिकारी और कर्मचारी विदेशी झंडे वाले जहाजों पर अपनी सेवाएं देते हैं।मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले LNG कैरियर पर छह भारतीय नाविकों की मौजूदगी भी इसी वैश्विक समुद्री कार्यबल का हिस्सा है। टक्कर की घटना के बाद सबसे बड़ी चिंता जहाज पर सवार कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर थी।केंद्रीय मंत्री की ओर से सभी नाविकों के सुरक्षित होने की जानकारी सामने आने के बाद तत्काल मानवीय सुरक्षा संबंधी आशंकाओं को लेकर राहत मिली है। हालांकि, जहाज के संचालन, उसकी तकनीकी स्थिति और आगे की यात्रा के संबंध में आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जाना चाहिए।
जहाज पर कुल 25 सदस्य थे सवार
ताजा जानकारी के अनुसार, घटना 30 अक्टूबर 2026 को हुई थी। प्रभावित जहाज का नाम M/T AL MAYEDA है, जो मार्शल आइलैंड्स के झंडे के तहत संचालित होता है। जहाज पर कुल 25 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें छह भारतीय नागरिक शामिल थे।महत्वपूर्ण बात यह है कि यह सामान्य समुद्री टक्कर का मामला नहीं, बल्कि जहाज पर प्रोजेक्टाइल यानी किसी प्रक्षेप्य से किए गए हमले की घटना बताई गई है। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 31 अक्टूबर को सोशल मीडिया के माध्यम से घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि सभी 25 चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं।
भारत सरकार लगातार कर रही निगरानी
केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने कहा कि भारत सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। भारतीय नाविकों की सुरक्षा और कुशलक्षेम सुनिश्चित करने के लिए जहाज का प्रबंधन करने वाली कंपनी के साथ संपर्क रखा जा रहा है।सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि जहाज पर मौजूद भारतीय नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। समुद्री मार्गों पर बढ़ते सुरक्षा खतरों को देखते हुए जहाज संचालकों और संबंधित अधिकारियों के बीच नियमित संवाद महत्वपूर्ण हो गया है।फिलहाल हमले के लिए जिम्मेदार पक्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जहाज को हुए नुकसान और उसके आगे के परिचालन के बारे में भी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में भी सामने आए हमले
फारस की खाड़ी में हुई यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की कई घटनाएं दर्ज की गई हैं।30 अक्टूबर को पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर MT LOUISE 1 पर भी हमले की सूचना मिली थी। इस जहाज पर 27 भारतीय नाविक सवार थे। केंद्रीय मंत्री सोनोवाल के अनुसार, सभी भारतीय सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की खबर नहीं है।इसके अलावा 29 अक्टूबर को लाइबेरिया के झंडे वाले बड़े तेल टैंकर MT ARZANAH को भी प्रक्षेप्य हमले का निशाना बनाया गया था। उस जहाज पर सवार दो भारतीय नागरिकों के सुरक्षित होने की पुष्टि की गई थी।
ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है फारस की खाड़ी
फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा व्यापार के प्रमुख समुद्री मार्गों में शामिल हैं। इस क्षेत्र से तेल और प्राकृतिक गैस ले जाने वाले जहाजों की नियमित आवाजाही होती है।LNG कैरियर विशेष रूप से डिजाइन किए गए जहाज होते हैं, जिनमें प्राकृतिक गैस को अत्यंत कम तापमान पर तरल अवस्था में रखकर एक देश से दूसरे देश तक पहुंचाया जाता है। ऐसे जहाजों के सुरक्षित परिचालन के लिए विशेष तकनीकी व्यवस्था और प्रशिक्षित कर्मचारियों की आवश्यकता होती है।इस क्षेत्र में जहाजों पर हमले होने से न केवल चालक दल की सुरक्षा को खतरा पैदा होता है, बल्कि व्यापारिक परिवहन, बीमा लागत और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर भी चिंताएं बढ़ सकती हैं।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा बनी अहम प्राथमिकता
अंतरराष्ट्रीय समुद्री परिवहन में भारतीय नाविक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक विदेशी कंपनियों के जहाजों पर अधिकारी, इंजीनियर और अन्य तकनीकी पदों पर कार्यरत हैं।इस कारण दुनिया के किसी भी प्रमुख समुद्री मार्ग पर सुरक्षा संकट उत्पन्न होने पर भारतीय नाविकों की स्थिति पर विशेष ध्यान देना आवश्यक हो जाता है।समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, संवेदनशील क्षेत्रों से गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरे का आकलन, आपातकालीन संचार व्यवस्था और चालक दल को सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण देना महत्वपूर्ण होता है।
आगे की स्थिति पर रहेगी नजर
M/T AL MAYEDA पर हमले के बाद सभी 25 कर्मचारियों के सुरक्षित होने की पुष्टि राहत देने वाली है। हालांकि, समुद्री सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं अभी समाप्त नहीं हुई हैं।आने वाले समय में जहाज की तकनीकी स्थिति, संभावित नुकसान और आगे की यात्रा को लेकर जानकारी महत्वपूर्ण होगी। साथ ही यह भी देखना होगा कि संबंधित समुद्री सुरक्षा एजेंसियां घटना की परिस्थितियों के बारे में क्या निष्कर्ष सामने लाती हैं।फिलहाल भारत सरकार जहाज प्रबंधन कंपनी के संपर्क में है और भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए घटनाक्रम की निगरानी कर रही है।
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