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आर्मी चीफ की दर्दनाक मौत, प्लेन क्रैश होने की घटना

Nilmani Pal
24 Dec 2025 7:06 AM IST
आर्मी चीफ की दर्दनाक मौत, प्लेन क्रैश होने की घटना
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ब्रेकिंग

लीबिया। सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद अली अहमद अल-हद्दाद और 4 अन्य लोगों की मंगलवार रात एक प्लेन क्रैश में मौत हो गई. उनका प्राइवेट जेट तुर्की की राजधानी अंकारा से टेकऑफ करने के कुछ देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया. तुर्की के अधिकारियों के मुताबिक फाल्कन 50 बिजनेस जेट अंकारा में उच्चस्तरीय रक्षा वार्ता पूरी करने के बाद लीबिया लौट रहा था. अंकारा के एसेनबोगा एयरपोर्ट से शाम 8:30 बजे टेकऑफ करने के लगभग 40 मिनट बाद इसका संपर्क एयर ट्रैफिक कंट्रोल से टूट गया.

तुर्की के गृह मंत्री अली येरलिकाया ने बताया कि विमान ने अंकारा के दक्षिण में हायमाना जिले के पास इमरजेंसी लैंडिंग का सिग्नल दिया था, लेकिन इसके बाद कोई संपर्क नहीं हो सका. विमान का मलबा हायमाना जिले के केसिक्कावाक गांव के पास मिला. स्थानीय टीवी चैनलों पर प्रसारित सीसीटीवी फुटेज में आकाश में अचानक चमक के साथ विस्फोट होते दिखाई दिया. लीबिया के प्रधानमंत्री अब्दुल हामिद द्बेइबाह ने फेसबुक पर बयान जारी कर जनरल अल-हद्दाद की मौत की पुष्टि की और इसे दुखद दुर्घटना तथा देश के लिए बड़ी क्षति बताया.

लीबियाई आर्मी चीफ अल-हद्दाद के साथ विमान में सवार अन्य लोगों में ग्राउंड फोर्सेस के चीफ अल-फितौरी घ्रेबील, मिलिट्री मैन्युफैक्चरिंग एजेंसी के डायरेक्टर महमूद अल-कुतावी, चीफ ऑफ स्टाफ के एडवाइजर मोहम्मद अल-असावी दीब और मीडिया ऑफिस के फोटोग्राफर मोहम्मद उमर अहमद महजूब शामिल थे. कुछ रिपोर्ट्स में क्रू मेंबर्स की संख्या भी बताई गई है. लीबियाई अधिकारियों ने विमान दुर्घटना का कारण तकनीकी खराबी बताया. जनरल अल-हद्दाद अंकारा में उच्च स्तरीय रक्षा वार्ता के लिए आए थे, जहां उन्होंने तुर्की के रक्षा मंत्री यासर गुलर और चीफ ऑफ जनरल स्टाफ सेल्चुक बायरक्तारोग्लू सहित वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की. इस बैठक का उद्देश्य दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग मजबूत करने और क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर केंद्रित थी. विमान दुर्घटना के बाद अंकारा एयरपोर्ट को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया और कई उड़ानें डायवर्ट की गईं. तुर्की के न्याय मंत्रालय ने इस विमान दुर्घटना की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम बनाई है. यह हादसा ऐसे समय हुआ है, जब तुर्की की संसद ने लीबिया में तुर्की सैनिकों की तैनाती का कार्यकाल दो साल बढ़ाने को मंजूरी दी थी. तुर्की का लीबिया से करीबी रिश्ता है और वह उसे सैन्य सहायता प्रदान करता है.

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