
वर्ल्ड | अफगानिस्तान में बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने के आरोप में गिरफ्तार की गई एक अमेरिकी महिला को रिहा कर दिया गया है। यह महिला, जो एक स्वतंत्र पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता बताई जा रही है, अफगानिस्तान में एक रिपोर्टिंग असाइनमेंट के दौरान हिरासत में ली गई थी। तालिबान प्रशासन ने इस मामले में अधिक जानकारी नहीं दी, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला को कई दिनों तक पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।
यह घटना अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में हुई, जहां यह अमेरिकी नागरिक ड्रोन के जरिए कुछ फुटेज रिकॉर्ड कर रही थी। तालिबान के सुरक्षा बलों ने इसे संदेहास्पद गतिविधि मानते हुए महिला को हिरासत में ले लिया। अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के आने के बाद विदेशियों पर निगरानी और सख्त हो गई है, खासकर उन पर जो बिना अनुमति कैमरा या ड्रोन जैसी तकनीक का इस्तेमाल करते हैं।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, महिला ने अफगान अधिकारियों से अनुमति नहीं ली थी, जिसके चलते उसे हिरासत में लिया गया। गिरफ्तारी के बाद अमेरिकी दूतावास और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने उसकी रिहाई के लिए तालिबान प्रशासन से बातचीत शुरू की।
तालिबान सरकार ने मीडिया, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और विदेशी नागरिकों पर कड़े प्रतिबंध लागू किए हैं। किसी भी विदेशी नागरिक को अफगानिस्तान में ड्रोन कैमरा इस्तेमाल करने से पहले सरकार से विशेष अनुमति लेनी होती है। इसके अलावा, देश में पत्रकारिता करना भी चुनौतीपूर्ण हो गया है, क्योंकि रिपोर्टिंग के लिए भी सख्त नियम बनाए गए हैं।
तालिबान सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि गैरकानूनी तरीके से फिल्मांकन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि विदेशी नागरिकों को अफगानिस्तान में स्थानीय नियमों का सम्मान करना चाहिए।
अमेरिकी सरकार और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद अमेरिकी सरकार ने अपने नागरिकों को अफगानिस्तान यात्रा को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि वे अपनी नागरिक की रिहाई के लिए लगातार संपर्क में थे और अब उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा रही है।
इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने तालिबान प्रशासन की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। कई संगठनों का कहना है कि अफगानिस्तान में स्वतंत्र पत्रकारिता और अभिव्यक्ति की आजादी खतरे में है।
क्या होगा आगे?
अमेरिकी महिला जल्द ही अपने देश लौट सकती है, क्योंकि अमेरिकी सरकार इस मामले को प्राथमिकता से देख रही है।
तालिबान सरकार ने विदेशियों के लिए सख्त चेतावनी जारी कर दी है कि कोई भी बिना अनुमति मीडिया गतिविधि में शामिल न हो।
अफगानिस्तान में मानवाधिकार और पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ सकता है।
यह घटना बताती है कि अफगानिस्तान में तालिबान शासन के तहत विदेशियों के लिए हालात कितने संवेदनशील हैं। इस तरह की घटनाएं आगे भी हो सकती हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अफगानिस्तान में मौजूदा नीतियों पर विचार करना पड़ सकता है।





