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अमेरिका ने कहा- रूसी सेना नए स्थानों पर कर रही तैनाती...वादे के बावजूद यूक्रेन में कम नहीं हुए हमले
Gulabi Jagat
30 March 2022 10:39 PM IST

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करीब पांच हफ्ते बीतने के बावजूद यूक्रेन पर रूसी हमलों की रफ्तार कम नहीं हुई है
कीव, रायटर। करीब पांच हफ्ते बीतने के बावजूद यूक्रेन पर रूसी हमलों की रफ्तार कम नहीं हुई है। बुधवार को राजधानी कीव के बाहरी इलाकों, चार्निहीव, खार्कीव, मारीपोल आदि पर रूसी हमले जारी रहे। मंगलवार को तुर्की में हुई दोनों देशों की वार्ता में रूस ने कीव और चार्निहीव पर हमले कम करने का आश्वासन दिया था। लेकिन चार्निहीव के मेयर व्लादिस्लाव एस्ट्रोशेंको ने कहा है कि बीते 24 घंटों में उनके शहर पर रूसी हमले बढ़ गए हैं। यही स्थिति कीव के बाहरी इलाकों में है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि सेटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि रूसी सेना कीव के बाहरी इलाकों से हट नहीं रही है बल्कि वहां पर सैन्य टुकडि़यों की अदला-बदली और उन्हें नए ठिकानों पर तैनात कर रही है।
तुर्की में रूस ने कीव और चार्निहीव के लिए दिया था आश्वासन
तुर्की में रूसी प्रतिनिधिमंडल ने आपसी विश्वास बढ़ाने के लिए कीव और चार्निहीव पर हमले कम करने का आश्वासन दिया था। यूक्रेन के प्रमुख शहर चार्निहीव पर रूसी सेना ने बीते चार हफ्तों में भीषण हमले किए हैं। इसके चलते वहां पर भारी बर्बादी हुई है। यहां से बड़ी संख्या में बच्चों, बुजुर्गो और महिलाओं का पलायन हुआ है। बावजूद इसके एक लाख से ज्यादा लोग वहां पर फंसे हुए हैं।
शहर में अब बमुश्किल एक सप्ताह के लिए खाद्यान्न और दवाओं का भंडार बचा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि रूस की राजधानी कीव और चार्निहीव पर हमलों को कम करने की घोषणा पर विश्वास करने की कोई वजह नहीं है। दोनों शहरों पर रूस के भीषण हमले जारी हैं। इन हमलों से वहां से रहने वाले नागरिकों की समस्याएं बढ़ रही हैं।
एक लाख से ज्यादा फंसे हैं चार्निहीव में, खाद्यान्न-दवाओं का संकट
मारीपोल के बाद सबसे ज्यादा बर्बादी झेलने वाला चार्निहीव दूसरा बड़ा शहर है। खार्कीव के भी कमोबेश चार्निहीव जैसे ही हालात हैं। रूसी सीमा से महज 50 किलोमीटर दूर स्थित यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खार्कीव पर रूसी सेना 24 फरवरी के बाद से लगातार हमलावर है लेकिन उस पर कब्जा कर पाने में सफल नहीं हो पाई है। बीते एक हफ्ते से राजधानी कीव के बाहरी इलाके में रूस और यूक्रेन की सेनाओं के बीच भीषण लड़ाई जारी है।
कुछ-कुछ घंटों के अंतर पर दोनों सेनाएं आगे और पीछे हो रही हैं। इसी के चलते रूसी सेना को हाल के दिनों में सूमी समेत तीन कस्बों का कब्जा छोड़ना पड़ा है। बीती रात पश्चिमी यूक्रेन में रूसी सेनाओं ने तीन स्थानों पर हमले किए। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के बाद वहां से अभी तक 40 लाख से ज्यादा लोगों का पलायन हो चुका है। हमलों में हजारों लोगों की मौत हुई है या फिर वे घायल हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग ने यूक्रेन में मानवाधिकारों के हनन के मामलों की जांच की जिम्मेदारी नार्वे के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश एरिक मोसे को सौंपी है। एरिक तीन सदस्यीय जांच दल के प्रमुख होंगे।
बेनतीजा रही तुर्की में हुई वार्ता : क्रेमलिन
रूसी राष्ट्रपति के कार्यालय क्रेमलिन ने कहा है कि तुर्की में रूस और यूक्रेन के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही है। हां, यूक्रेन की ओर से वार्ता में कुछ लिखित प्रस्ताव सौंपे गए हैं जिन पर विचार करने का रूस से अनुरोध किया गया है। इसके अतिरिक्त दोनों देशों के बीच गतिरोध की स्थिति पहले की तरह बरकरार है। युद्धविराम के निर्णय तक पहुंचने के लिए दोनों पक्षों को अभी बहुत कार्य करने हैं। मंगलवार को इस्तांबुल में हुई बैठक में यूक्रेन के तटस्थ राष्ट्र बनाने पर भी चर्चा हुई। लेकिन उसके लिए यूक्रेन ने अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, तुर्की, चीन और पोलैंड का गारंटर ग्रुप बनाए जाने की बात कही
साल के अंत तक रूसी तेल का आयात बंद करेगा पोलैंड
पोलैंड इस साल के अंत तक रूस से तेल का आयात बंद कर देगा। प्रधानमंत्री मैटियस मोराविस्की ने कहा कि पोलैंड ने रूस से कोयले का आयात बंद कर दिया है। मई से गैस आयात में कटौती की जाएगी जबकि तेल का आयात 2022 के अंत तक बंद कर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री ने यूरोपीय यूनियन के देशों से रूसी ईंधन पर निर्भरता कम करने का आह्वान भी किया है। जबकि जर्मनी ने रूसी गैस पर निर्भरता कम करने का संकेत दिया है। कहा है कि जर्मनी के लोग यूक्रेन में चल रहे युद्ध के मद्देनजर ऊर्जा की बचत करें। वे गैस और तेल का उपयोग कम करें।
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