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Washington वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के मामले में चीन से "काफी आगे" है। इससे संकेत मिलता है कि सितंबर में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के दौरे के दौरान इस उभरती हुई टेक्नोलॉजी पर भी चर्चा होगी।
व्हाइट हाउस में टेक्नोलॉजी, क्रिप्टोकरेंसी और फाइनेंशियल सेक्टर के नेताओं के साथ बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा, "हम हर क्षेत्र में आगे हैं, और मैं आपको बता दूं कि AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में हम दूसरे नंबर पर मौजूद देश से बहुत आगे हैं।"
उन्होंने कहा, "दूसरे नंबर पर चीन है, और मैं कभी भी चीन को कमतर नहीं आंकना चाहता, लेकिन अभी हम उनसे काफी आगे हैं। राष्ट्रपति शी 24 सितंबर को आ रहे हैं। हम उनके दौरे का इंतज़ार कर रहे हैं। हम शायद AI और कई अन्य मुद्दों पर बात करेंगे।"
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को अपनी बढ़त बनाए रखनी चाहिए, लेकिन ऐसे नियम नहीं थोपने चाहिए जो इस इंडस्ट्री की तरक्की को रोक सकें।
उन्होंने कहा, "हम रेगुलेशन (नियमन) चाहते हैं, लेकिन ऐसा रेगुलेशन चाहते हैं जिससे हम आगे बढ़ते रहें; ऐसा नहीं कि नियम ऐसे हों जो एक बहुत महत्वपूर्ण इंडस्ट्री का गला घोंट दें। मुझे लगता है कि यह इंटरनेट से भी बड़ी चीज़ हो सकती है, ऐसी चीज़ जो किसी ने पहले कभी नहीं देखी होगी।"
राष्ट्रपति ने तर्क दिया कि AI से नौकरियां पैदा होंगी और मेडिकल इनोवेशन (चिकित्सा के क्षेत्र में नई खोज) को बढ़ावा मिलेगा।
ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि इससे बहुत सारी नौकरियां पैदा होंगी, सफलता मिलेगी और मेडिकल क्षेत्र में ज़बरदस्त इनोवेशन होगा।"
उन्होंने AI सुविधाओं और डेटा सेंटरों के निर्माण को इस टेक्नोलॉजी की रोज़गार क्षमता के सबूत के तौर पर पेश किया।
उन्होंने कहा, "अगर मैं किसी शहर का मेयर या राज्य का गवर्नर होता और मुझे कोई बड़ा प्लांट, जैसे AI प्लांट या डेटा सेंटर लगवाने का मौका मिलता, तो मैं ज़रूर ऐसा करता क्योंकि इससे बहुत बड़ी संख्या में नौकरियां मिलती हैं और भारी मात्रा में पैसा और टैक्स मिलता है।"
ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन टेक्नोलॉजी कंपनियों को तेज़ी से मंज़ूरी की प्रक्रिया के तहत अपनी बिजली उत्पादन इकाइयां बनाने की इजाज़त दे रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरीके से अमेरिका के पुराने हो चुके पावर ग्रिड पर दबाव कम होगा।
उन्होंने कहा, "हम उन्हें दो-तीन हफ़्ते में तेज़ी से मंज़ूरी दे रहे हैं; वे दुनिया के कुछ सबसे बेहतरीन इलेक्ट्रिक प्लांट बना रहे हैं क्योंकि हमारा ग्रिड पुराना, जर्जर और कमज़ोर हो चुका है, और वे असल में अतिरिक्त बिजली ग्रिड को ही दे रहे हैं।" व्हाइट हाउस में यह बैठक कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन की इनोवेशन एडवाइजरी कमेटी की पहली मीटिंग से पहले हुई। इसमें कॉइनबेस, नैस्डैक, रॉबिनहुड, क्रैकेन, रिपल, चेनलिंक लैब्स, जेमिनी और इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज (जिसके पास न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज का मालिकाना हक है) के सीनियर रेगुलेटर और एग्जीक्यूटिव शामिल हुए।
CFTC के चेयरमैन माइकल सेलिग ने कंप्यूटिंग क्षमता को AI की होड़ में अहम 'स्ट्रैटेजिक कमोडिटी' बताया।
सेलिग ने कहा, "कुछ लोग इसे डिजिटल ऑयल कहते हैं और AI की रेस जीतने के लिए अमेरिका को इन मार्केट पर दबदबा बनाना होगा।"
ट्रंप ने कांग्रेस से CLARITY एक्ट को मंज़ूरी देने की भी अपील की। यह कानून डिजिटल एसेट्स के लिए रेगुलेटरी ढांचा बनाने के मकसद से लाया गया है। कॉइनबेस के को-फाउंडर ब्रायन आर्मस्ट्रांग ने कहा कि 15 सितंबर को इस पर वोटिंग होने की उम्मीद है और उन्होंने इस कदम को दोनों पार्टियों की सहमति वाला समझौता बताया।
अमेरिका और चीन ने AI में लीडरशिप को स्ट्रैटेजिक प्राथमिकता दी है, जिसमें एडवांस्ड सेमीकंडक्टर, कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी सप्लाई और खास टैलेंट कॉम्पिटिशन के मुख्य क्षेत्र बन गए हैं।
वॉशिंगटन ने चीन की कुछ एडवांस्ड चिप्स और उनसे जुड़ी मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी तक पहुंच को रोकने के लिए एक्सपोर्ट कंट्रोल का भी इस्तेमाल किया है।
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