
वर्ल्ड | अमेरिका ने चीन की एक प्रमुख स्वतंत्र रिफाइनरी पर प्रतिबंध लगा दिया है, जो ईरान से तेल खरीद रही थी। इस कदम को ईरान के खिलाफ अमेरिकी 'अधिकतम दबाव' नीति का हिस्सा माना जा रहा है। इसके साथ ही, टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क के पेंटागन दौरे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
ईरानी तेल पर शिकंजा, चीन पर असर
अमेरिकी वित्त विभाग ने चीन की शेडोंग शुगुआंग लुकिंग पेट्रोकेमिकल कंपनी लिमिटेड पर प्रतिबंध लगाया है। यह रिफाइनरी कथित तौर पर ईरान से कच्चा तेल खरीदकर उसे संसाधित कर रही थी, जिससे ईरान को आर्थिक मदद मिल रही थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कंपनी ने हाल के महीनों में ईरान से करीब 500 मिलियन डॉलर मूल्य का कच्चा तेल खरीदा था।
अमेरिका के इस फैसले का असर चीन की ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक तेल बाजार पर पड़ सकता है। चीन लगातार ईरानी तेल खरीदता रहा है, लेकिन अब अमेरिकी दबाव बढ़ने से उसे वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों की तलाश करनी होगी।
पेंटागन पहुंचे एलन मस्क – सैन्य सहयोग या रणनीतिक बैठक?
दूसरी ओर, अरबपति व्यवसायी और स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क ने पेंटागन का दौरा किया, जिससे कयासों का बाजार गर्म हो गया है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने इस दौरे की पुष्टि तो की है, लेकिन बैठक का उद्देश्य स्पष्ट नहीं किया।
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि मस्क की यह मुलाकात अमेरिका के सैन्य उद्देश्यों में उनकी कंपनियों की भूमिका को लेकर हो सकती है। स्पेसएक्स का Starlink सिस्टम पहले ही यूक्रेन में संचार समर्थन दे रहा है, और अमेरिकी रक्षा विभाग भविष्य के अभियानों में इसकी भूमिका को लेकर मस्क से चर्चा कर सकता है।
अमेरिका की दोहरी रणनीति
इन दोनों घटनाओं को मिलाकर देखा जाए, तो अमेरिका अपनी अंतरराष्ट्रीय नीति में कड़े कदम उठा रहा है। एक ओर वह ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर सैन्य तकनीक और रणनीतिक सहयोग के लिए निजी कंपनियों के साथ गठजोड़ को मजबूत कर रहा है।





