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ईरान-अमेरिका शांति वार्ता को लेकर हलचल तेज, अराघची के इस्लामाबाद पहुंचने की संभावना

Shantanu Roy
24 April 2026 6:50 PM IST
ईरान-अमेरिका शांति वार्ता को लेकर हलचल तेज, अराघची के इस्लामाबाद पहुंचने की संभावना
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New Delhi/Islamabad. नई दिल्ली/इस्लामाबाद। ईरान और अमेरिका के बीच संभावित दूसरे दौर की शांति वार्ता को लेकर कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। पाकिस्तानी सूत्रों के अनुसार, ईरान का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल आज देर रात इस्लामाबाद पहुंच सकता है। इसमें ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के भी एक छोटे वार्ता दल के साथ शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में दोनों देशों के बीच बातचीत को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी।

सूत्रों के अनुसार, अमेरिका की एक लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा टीम पहले से ही इस्लामाबाद में मौजूद है, जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि वार्ता की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। हालांकि आधिकारिक तौर पर अब तक दोनों पक्षों की बैठक की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन पाकिस्तान की राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को काफी सख्त कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच हाल ही में फोन पर लंबी बातचीत हुई थी। इसी बातचीत के बाद अराघची के इस्लामाबाद पहुंचने की संभावना और मजबूत हो गई है।

इससे पहले 22 अप्रैल को ईरान और अमेरिका के बीच चल रही 14 दिनों की सीजफायर अवधि समाप्त हो गई थी। हालांकि इसके बाद ईरान ने दूसरे दौर की वार्ता में शामिल होने से इनकार कर दिया था। स्थिति को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर को आगे बढ़ाने का फैसला किया था। अब ताजा संकेतों के अनुसार ईरान फिर से वार्ता के लिए तैयार हो सकता है। इस बीच अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि ईरान के पास अमेरिका के साथ बेहतर समझौता करने का अवसर है। एक प्रेस ब्रीफिंग में उन्होंने कहा कि ईरान को बातचीत की मेज पर समझदारी से फैसला लेना चाहिए।

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पिछले एक सप्ताह से संभावित वार्ता को लेकर हाई अलर्ट पर है। शहर के प्रमुख हिस्सों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। ‘रेड जोन’ क्षेत्र, जहां सरकारी और कूटनीतिक संस्थान स्थित हैं, वहां विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। प्रमुख सड़कों को बंद कर दिया गया है और प्रशासनिक गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। स्थानीय बाजारों और परिवहन सेवाओं पर भी असर पड़ा है। ‘ब्लू एरिया’ में दुकानों और कैफे में सामान की कमी देखी जा रही है, जबकि बस सेवाएं बाधित होने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि ये सुरक्षा पाबंदियां अस्थायी हैं, लेकिन वार्ता प्रतिनिधिमंडलों के आगमन तक इन्हें जारी रखा जा सकता है। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस्लामाबाद आने की संभावना पर भी चर्चा हुई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं है। कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान और अमेरिका के बीच यह वार्ता होती है, तो यह मध्य पूर्व क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। पाकिस्तान इस पूरे घटनाक्रम में एक मध्यस्थ भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है, जिससे उसकी कूटनीतिक स्थिति भी मजबूत हो सकती है। फिलहाल सभी की नजरें इस्लामाबाद पर टिकी हुई हैं, जहां आने वाले घंटों में इस संवेदनशील वार्ता को लेकर बड़ा विकास हो सकता है।
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