
वर्ल्ड | रूस और यूक्रेन के बीच 372 युद्ध बंदियों की अदला-बदली हुई है। यह 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद अब तक के सबसे बड़े कैदी विनिमय समझौतों में से एक है। यह सौदा ऐसे समय में हुआ है जब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बातचीत हुई थी। इस घटनाक्रम को युद्ध में संभावित कूटनीतिक बदलाव के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।
कैदियों की अदला-बदली का विवरण
- यूक्रेन ने 186 रूसी सैनिकों को रिहा किया।
- रूस ने बदले में 186 यूक्रेनी सैनिकों को छोड़ा।
- इनमें से कई सैनिक महीनों से युद्धबंदियों के रूप में हिरासत में थे।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इसे "मानवीय जीत" बताया, जबकि रूस ने कहा कि यह युद्धबंदियों के अधिकारों का सम्मान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
🇺🇸 पुतिन-ट्रंप वार्ता और इसका असर
डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन के बीच हाल ही में हुई वार्ता के बाद इस बंदियों की रिहाई की प्रक्रिया तेज हुई। हालांकि, अमेरिका और नाटो अभी भी रूस के खिलाफ प्रतिबंध और सैन्य समर्थन जारी रखने के पक्ष में हैं।
क्या यह युद्ध खत्म होने का संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कूटनीतिक वार्ता का पहला कदम हो सकता है।
युद्ध बंदियों की अदला-बदली से दोनों देशों के बीच संभावित बातचीत की उम्मीद बढ़ी है।
हालांकि, रूस और यूक्रेन की सेनाएं अब भी युद्ध क्षेत्र में सक्रिय हैं और संघर्ष जारी है।
आगे क्या?
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह कैदी अदला-बदली किसी शांति वार्ता की ओर संकेत करती है या यह सिर्फ एक मानवीय समझौता है। लेकिन यह तय है कि रूस-यूक्रेन युद्ध में एक नई कूटनीतिक हलचल शुरू हो चुकी है।





