
वर्ल्ड | यमन में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर अमेरिका ने एक बार फिर हवाई हमले किए हैं। इस ताजा कार्रवाई के बाद अमेरिका और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच तनाव और बढ़ सकता है। इसी बीच, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर वह दोबारा सत्ता में आए, तो हूती विद्रोहियों को पूरी तरह "तबाह" कर देंगे।
अमेरिका के हमले की वजह क्या?
हूती विद्रोहियों ने हाल के महीनों में रेड सी (लाल सागर) में अमेरिकी और पश्चिमी जहाजों पर लगातार हमले किए हैं। अमेरिका ने पहले भी इन्हें रोकने की कोशिश की थी, लेकिन हूती लड़ाके झुकने को तैयार नहीं हैं। अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने कहा कि ये हवाई हमले हूती विद्रोहियों के ड्रोन लॉन्चिंग साइट्स, हथियार डिपो और कमांड सेंटर को नष्ट करने के लिए किए गए।
ट्रंप की धमकी - 'पूरी तरह खत्म कर देंगे'
पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जो 2024 के चुनावों में फिर से राष्ट्रपति पद की दौड़ में हैं, ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा,
"अगर मैं वापस सत्ता में आया, तो हूती लड़ाकों का अस्तित्व खत्म कर दूंगा। अमेरिका को कमजोर नहीं दिखना चाहिए।"
उनका यह बयान अमेरिकी राजनीति में बाइडेन प्रशासन की मिडिल ईस्ट नीति पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
हूती विद्रोहियों की प्रतिक्रिया
- हूती कमांडर ने कहा कि "अमेरिका हमारे खिलाफ सीधा युद्ध छेड़ रहा है, और हम जवाब देने के लिए तैयार हैं।"
- उन्होंने धमकी दी कि रेड सी में अमेरिकी जहाज अब पहले से ज्यादा निशाने पर रहेंगे।
- ईरान ने भी इस हमले की आलोचना की और इसे "अवैध आक्रामकता" करार दिया।
आगे क्या?
हूती हमले तेज कर सकते हैं, जिससे अमेरिका और पश्चिमी देशों के लिए खतरा बढ़ेगा।
ट्रंप के बयान से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की रणनीति पर बहस छिड़ सकती है।
अमेरिका और ईरान के रिश्तों में और तनाव आ सकता है।
अमेरिका के ताजा हमले के बाद यह साफ है कि हूती विद्रोही पीछे हटने को तैयार नहीं हैं और यह संघर्ष और लंबा खिंच सकता है।





