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पश्चिमी इथियोपिया में सशस्त्र हमले में 222 लोग की मौत, सो रहे नागरिकों पर बरसाई गोलियां, घरों में लगाई आग
Rounak Dey
26 Dec 2020 7:37 AM IST

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पश्चिमी इथियोपिया में बुधवार को एक सशस्त्र हमले में 222 लोग मारे गए हैं।
पश्चिमी इथियोपिया में बुधवार को एक सशस्त्र हमले में 222 लोग मारे गए हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर के मुताबिक, देश में काम कर रहे रेड क्रॉस के एक कार्यकर्ता ने यह जानकारी दी। उसने बताया कि गुरुवार को इन लोगों को दफनाया गया। मृतकों में 207 आम लोग शामिल थे। हालांकि 15 हमलावर भी मारे गए हैं। वहीं इथियोपियाई मानवाधिकार आयोग ने बताया कि पश्चिमी क्षेत्रीय राज्य बेनीशंगुल-गुमुज के मेटेकेल क्षेत्र के बेकोजी गांव में यह खूनखराबा हुआ था।
समाचार एजेंसी आइएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, हथियारबंद हमलावरों ने सोते वक्त आम लोगों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं और घरों में आग लगा दी। बताया जाता है कि क्षेत्र में लगातार हालात खराब हो रहे हैं और मानवाधिकारों को रौंदा जा रहा है। हाल के दिनों में हमलों में काफी तेजी देखी जा रही है। इथियोपिया के मानवाधिकार आयोग ने हमले में 100 से ज्यादा लोगों के मारे जाने का अनुमान जताया है। आतंकियों या विद्रोहियों के हमलों की दहशत के चलते क्षेत्र में अशांति देखी जा रही है।
माना जा रहा है कि उक्त हमला जतीय हिंसा का नतीजा है। प्रधानमंत्री अबे अहमद (Prime Minister Abiy Ahmed) ने इस हमले को नरसंहार करार दिया है। इलाके में केंद्रीय बलों को भेजा गया है। सेना ने 42 विद्रोहियों को ढेर कर दिया है। बता दें कि साल 2018 में अबे अहमद (Abiy Ahmed) द्वारा सत्ता हाथ में लेने के बाद इथियोपिया में हालात ज्यादा खराब हो गए हैं। आए दिन होने वाले ऐसे हमलों से लोग पलायन को मजबूर हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 40 हजार से ज्यादा लोग अपने घरबार को छोड़कर पलायन कर गए हैं।
उल्लेखनीय है कि इथियोपिया के उत्तरी टिगरी क्षेत्र में बीते करीब छह हफ्ते से सेना विद्रोहियों से लड़ने में लगी हुई है। एक वक्त ऐसा था जब टिग्रे पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट इथियोपिया की सरकार में हावी था लेकिन प्रधानमंत्री अबी अहमद के शासन में उसे हासिए पर धकेल दिया गया। अब दोनों एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं। बीते चार नवंबर को इथियोपियाई सेना और टिग्रे पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट के लड़ाकों के बीच लड़ाई छिड़ गई थी। यही नहीं इथियोपिया के इन इलाकों में जातियों के बीच दुश्मनी पहले से चली आ रही है। अब हिंसा और बढ़ गई है।
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