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जनता से रिश्ता वेबडेस्क | डीजल इंजन की अवधि को भले ही कई राज्यों में कम कर दिया गया हो, लेकिन फिर भी कई लोग अभी-भी डीजल इंजन वाली कारों को चलाना पसंद करते हैं। हम इस खबर में आपको ऐसी पांच टिप्स दे रहे हैं, जिनको ध्यान में रखते हुए आप अपनी डीजल इंजन वाली कार या एसयूवी की उम्र को बढ़ा सकते हैं।
वैसे तो कम पेट्रोल या डीजल में किसी भी वाहन को नहीं चलाना चाहिए। लेकिन डीजल इंजन वाली कार को कम ईंधन में चलाने से ज्यादा नुकसान हो सकता है। टैंक में जब डीजल की मात्रा कम हो जाए तो फ्यूल पंप कंबशन चैंबर में डीजल की जगह हवा भी खींच सकता है। अगर ऐसा हो जाए तो फिर कार में फ्रिक्शन बढ़ जाता है और इंजन के अंदर के पार्ट्स को नुकसान पहुंचा सकता है।
कभी-भी डीजल इंजन वाली कार को कम आरपीएम और ऊंचे गियर में नहीं चलाना चाहिए। ऐसा करने से इंजन को तो नुकसान होता ही है साथ ही कार के ट्रांसमिशन को भी बड़ा नुकसान हो सकता है। जिसके बाद आपको इसे ठीक करवाने में ज्यादा खर्चा और समय दोनों देने पड़ेंगे।
डीजल इंजन वाली कार या एसयूवी में डीपीएफ से प्रदूषण कम करने में मदद मिलती है। इसे डीजल पार्टिकुलेट फिल्टर भी कहा जाता है। जिसका काम इंजन से बाहर निकलने वाली प्रदूषित हवा में से पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले पार्टिकुलेट्स को रोकना होता है।
कभी-भी कार को तुरंत स्टार्ट करने के बाद चलाना नहीं चाहिए। हमेशा कार को स्टार्ट करने के बाद कुछ देर स्टार्ट रहने देना चाहिए। जिससे इंजन का तापमान थोड़ा बढ़ जाता है। अगर कार को स्टार्ट करने के बाद तुंरत चलाया जाता है तो इससे इंजन को लंबे समय में नुकसान होता है।





