प्रौद्योगिकी

Updates on WhatsApp and Telegram : बड़ा फैसला, बिना सिम कार्ड दूसरे डिवाइस में नहीं चलेंगे प्लेटफॉर्म

Sarita
1 Dec 2025 9:21 AM IST
Updates on WhatsApp and Telegram : बड़ा फैसला, बिना सिम कार्ड दूसरे डिवाइस में नहीं चलेंगे प्लेटफॉर्म
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Updates on WhatsApp and Telegram : केंद्र सरकार ने इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को लेकर बड़ा फैसला लिया है। आप WhatsApp, Telegram, Signal, Arattai, Snapchat और Sharechat समेत अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल का तरीका बदलने वाला है। इन ऐप के लिए सिम कार्ड वेरिफिकेशन लागू होगा और वेब बेस्ड सेशन में हर 6 घंटे में ऑटोमैटिक लॉग आउट होना अनिवार्य होगा।
अगर, यूजर के अपने डिवाइस में फिजिकल सिम कार्ड नहीं होगा, जिससे उन्होंने ऐप रजिस्टर्ड किया है तो वो इन सर्विस का उपयोग नहीं कर पाएंगे। दूरसंचार विभाग (DoT) के इस निर्देश का उद्देश्य साइबर फ्रॉड से बचाव करना है।
सरकार के आदेश के अनुसार, इन कम्युनिकेशन ऐप को 90 दिनों के भीतर यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी सर्विस का उपयोग करने वाले डिवाइस में रजिस्ट्रेशन के समय उपयोग किया गया सिम कार्ड वर्तमान में हर समय मौजूद होना चाहिए। अगर, डिवाइस में सिम कार्ड नहीं है तो एक्सेस ब्लॉक करना होगा। सिम बाइंडिंग जैसी टेक्निकल जरूरत से यह पता चलता है। इसके अतिरिक्त वॉट्सऐप वेब समेत इन ऐप के वेब बेस्ड वर्जन में हर 6 घंटे बाद खुद-ब-खुद अब लॉग आउट अनिवार्य हो जाएगा, ताकि साइबर फ्रॉड से काफी हद तक बचाव होगा।
सरकार को जानकारी हुई है कि कुछ ऐप बेस्ड कम्युनिकेशन सर्विस जो ग्राहकों की पहचान के लिए मोबाइल नंबर का उपयोग कर रही हैं, लेकिन यूजरों के डिवाइस में सिम के बिना सर्विस उपयोग करने की अनुमति देती हैं। इससे टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी के लिए चुनौती पैदा हो रही, क्योंकि देश के बाहर से साइबर फ्रॉड करने के लिए इसका गलत उपयोग हो रहा।
ग्राहकों पर होगा असर
भारत में WhatsApp को बहुत बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जाता है। नए नियमों से काफी कुछ बदल सकता है। कई लोग स्मार्टफोन और टैबलेट जैसे कई डिवाइस का उपयोग करते या दो स्मार्टफोन उपयोग करते हैं, लेकिन दोनों डिवाइस पर एक ही अकाउंट उपयोग करने के लिए उन्हें लिंक कर देते हैं। सिम बाइंडिंग के नियम के चलते इसमें रुकावट आ सकती है। वहीं, काम के दौरान अपने लैपटॉप और कंप्यूटर पर वॉट्सऐप का उपयोग करने वाले यूजरों को बीच-बीच में रुकावट का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि वेब बेस्ड सेशन के दौरान हर 6 घंटे में मैसेजिंग ऐप लॉग आउट होगा।
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