- Home
- /
- प्रौद्योगिकी
- /
- AI Summit में रोबोट...
प्रौद्योगिकी
AI Summit में रोबोट डॉग ने Galgotias University का पवेलियन छीन लिया
Tara Tandi
18 Feb 2026 7:56 PM IST

x
Technology टेक्नोलॉजी: भारत मंडपम में चल रहे India AI Impact Summit 2026 में एक विवाद सामने आया है, जिसने एक एजुकेशनल इंस्टिट्यूट को शोकेस से बाहर कर दिया। नोएडा स्थित Galgotias University को अपने प्रदर्शनी स्टॉल को खाली करने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि उसने एक चीनी-निर्मित AI-पावर्ड रोबोट डॉग को अपनी ‘इनोवेशन' बताकर दिखाया, जिसके बाद सोशल मीडिया और टेक कम्युनिटी में तीखी आलोचना शुरू हुई। इस विवाद का केंद्र उस रोबोट डॉग का असली टेक और सोर्स है, जो कि किसी रिसर्च का प्रोटोटाइप नहीं बल्कि एक Unitree Robotics का कॉमर्शियल मॉडल है।
Galgotias University Pavilion Emerges As A Key Attraction At AI Impact Summit 2026 pic.twitter.com/nOYU56neFl
— Galgotias University (@GalgotiasGU) February 16, 2026
समस्या उस समय शुरू हुई जब गलगोटिया यूनिवर्सिटी के पवेलियन में एक रोबोट डॉग को “Orion” नाम से दिखाया गया और एक वीडियो में प्रोफेसर ने इसे अपने यूनिवर्सिटी के “Centre of Excellence” की इनोवेशन बताया। लेकिन टेक कम्युनिटी और दर्शकों ने इसे तुरंत चीन की कंपनी Unitree Robotics द्वारा डेवलप्ड Unitree Go2 के रूप में पहचाना - एक AI-इनेबल्ड फोर-लेग्ड रोबोट, जो साल 2023 से ग्लोबल मार्केट में बेचा जा रहा है।
Unitree Go2 में एडवांस्ड AI-पावर्ड नेविगेशन, LiDAR-बेस्ड सेंसर और कैमरा जैसे फीचर्स हैं जो इसे ऑटोनॉमस मूवमेंट, निगरानी और रोबोटिक्स डेमोंस्ट्रेशन के लिए उपयुक्त बनाते हैं। इसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 1.45 लाख रुपये से शुरू होती है, जबकि भारत में इंपोर्ट टैक्स और शिपिंग के बाद यह कीमत 3-5 लाख रुपये तक पहुंच सकती है।
विवाद इसलिए बढ़ गया क्योंकि एक ऐसे AI समिट में, जिसे भारत में तकनीकी आत्मनिर्भरता और घरेलू AI इनोवेशन के प्रदर्शन के लिए आयोजित किया जा रहा है, एक बाहरी सोर्स से आया रोबोटिक डॉग अपनी इन-हाउस टेक के रूप में प्रदर्शित किया गया, जो दर्शकों और एक्सपर्ट्स ने मिस-रिप्रेजेंटेशन के रूप में देखा।
इस मुद्दे पर आलोचना बढ़ने के बाद आयोजकों ने यूनिवर्सिटी से पवेलियन खाली करने को कहा और बिजली सप्लाई काट दी गई, जिससे स्टॉल को हटाया जाना शुरू हुआ। Galgotias University ने बाद में स्पष्ट भी किया कि उसने खुद यह रोबोट डेवलप नहीं किया, बल्कि इसे छात्रों के लिए टेक्निकल एक्सपीरियंस के रूप में लाया गया था और "डेवलप" व "डेवलपमेंट" जैसे शब्दों के इस्तेमाल से भ्रम पैदा हो गया।
Tagsटेक्नोलॉजी न्यूज़Technology Newsजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





