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प्रौद्योगिकी
Nano Banana Trend: AI टूल से बनवा रहे हैं तस्वीरें, तो इन खतरों से रहें सावधान
Sarita
16 Sept 2025 7:08 AM IST

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Nano Banana Trend: इन दिनों सोशल मीडिया पर AI जनरेटेड तस्वीरों का चलन लगातार बढ़ रहा है। हाल ही में, इंस्टाग्राम पर नैनो बनाना AI 3D फिगरिन और बनाना AI साड़ी ट्रेंड ने धूम मचा दी है। गूगल के जेमिनी नैनो मॉडल पर आधारित यह टूल साधारण सेल्फी को या तो खिलौने जैसे 3D पोर्ट्रेट में बदल देता है या फिर उन्हें 90 के दशक की बॉलीवुड साड़ी लुक में पेश करता है। इन तस्वीरों में चमकदार प्लास्टिक जैसी बनावट, बड़ी-बड़ी एक्सप्रेसिव आँखें, तैरती हुई शिफॉन साड़ियाँ और रेट्रो फिल्मी बैकग्राउंड दिखाई देते हैं। लेकिन हर AI ट्रेंड के साथ एक बड़ा सवाल उठता है कि क्या यह हमारी निजता को खतरे में नहीं डालता?
यह ट्रेंड तेज़ी से वायरल हो रहा है और इसके पीछे सबसे बड़ी वजह इसे बनाने के आसान संकेत या निर्देश हैं, जिनका इस्तेमाल करके कोई भी एक अच्छी AI जनरेटेड तस्वीर बना सकता है। अपनी हाइपर रियलिस्टिक तस्वीर बनवाने के लिए आपको न तो किसी तकनीकी कौशल की ज़रूरत है और न ही किसी भुगतान की।
"नैनो बनाना" AI टूल क्या है?
"नैनो बनाना" टूल से बनाई गई तस्वीरें इंटरनेट पर तेज़ी से वायरल हो रही हैं। ये तस्वीरें इतनी असली लगती हैं कि हर कोई ऐसी तस्वीर बनाना चाहता है। नैनो बनाना, गूगल जेमिनी एआई का एक फोटो एडिटिंग टूल है जो इस ट्रेंड को बढ़ावा दे रहा है। लोग इससे अपनी तस्वीरों के 3D मॉडल और साड़ी वाली रेट्रो तस्वीरें बना रहे हैं। लोगों ने इसके प्रॉम्प्ट सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए हैं, जिसकी वजह से हर कोई ऐसी तस्वीरें बना रहा है। क्या एआई से तस्वीरें बनवाना निजता से समझौता है?
अक्सर देखा जाता है कि लोग सोशल मीडिया पर चल रहे किसी भी ट्रेंड में पीछे नहीं रहना चाहते। चाहे वो कोई चैलेंज हो या एआई फोटो ट्रेंड। खैर, यहाँ एआई से बनी तस्वीरें वायरल हो रही हैं, इसलिए हम तस्वीरों की ही बात करेंगे। किसी भी एआई से तस्वीरें बनवाने में सबसे बड़ा जोखिम आपकी पहचान से समझौता करना है। एक बार आपकी तस्वीर एआई टूल के पास चली जाए, तो आपको पता नहीं होता कि उसका इस्तेमाल कैसे होने वाला है। उस तस्वीर के साथ, एआई उन जानकारियों को भी हासिल कर सकता है जिनकी ज़रूरत नहीं थी, जैसे आपके साथ किसी और की तस्वीर, बैकग्राउंड में दिखाई देने वाली जानकारी, लोकेशन या आपके साथ बच्चों के चेहरे। यानी, एआई सिर्फ़ एक तस्वीर से कई तरह की जानकारियाँ हासिल कर सकता है, जिनकी उसे ज़रूरत नहीं थी।
गौर करने वाली बात यह है कि ट्रेंड में बने रहने की चाहत में हम यह भूल जाते हैं कि हमारी निजी जानकारी का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है। एआई कंपनियाँ यूज़र्स की जानकारी सुरक्षित रखने के कई दावे करती हैं, लेकिन यह नहीं बतातीं कि फ़ोटो का इस्तेमाल कैसे किया जाएगा। ऐसे में, एआई कंपनियों पर पूरी तरह से भरोसा करना अभी संभव नहीं है। गूगल के एआई टूल के सुरक्षा इंतजाम क्या हैं?
जेमिनी अपने विजुअल्स को मानव कलाकृति से अलग दिखाने के लिए एक सिंथआईडी वॉटरमार्क का इस्तेमाल करती है, जो दिखाई नहीं देता। यह एआई द्वारा बनाई गई हर तस्वीर को अलग दिखाने के लिए एक दृश्यमान वॉटरमार्क का भी इस्तेमाल करती है। हालाँकि, अभी तक ऐसा कोई टूल नहीं है जिससे वॉटरमार्क की पुष्टि की जा सके। दूसरी ओर, तस्वीरों से वॉटरमार्क आसानी से हटाए जा सकते हैं और इमेज कॉपी की जा सकती हैं।
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