प्रौद्योगिकी

AI से बातचीत करके बनेगा ट्रिप प्लान, MakeMyTrip और OpenAI ने मिलाया हाथ

Tara Tandi
18 Feb 2026 7:59 PM IST
AI से बातचीत करके बनेगा ट्रिप प्लान, MakeMyTrip और OpenAI ने मिलाया हाथ
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Technology टेक्नोलॉजी: MakeMyTrip ने OpenAI के साथ सहयोग की घोषणा की है, जिसके तहत कंपनी अपने प्लेटफॉर्म पर AI-बेस्ड ट्रैवल डिस्कवरी को और मजबूत करेगी। इस साझेदारी के जरिए MakeMyTrip अपने ऐप में OpenAI के API का इस्तेमाल कर नई AI फीचर्स जोड़ेगी, ताकि यूजर्स बातचीत के जरिए ट्रिप प्लानिंग से सीधे बुकिंग तक पहुंच सकें। कंपनी का कहना है कि इससे हाई-इंटेंट ट्रैवल क्वेरी को बेहतर तरीके से कैप्चर किया जा सकेगा और AI आधारित प्लानिंग को असल बुकिंग में बदला जा सकेगा।
MakeMyTrip ने प्रेस रिलीज के जरिए बताया है कि यह इंटीग्रेशन उसके Myra इंटरफेस के जरिए काम करेगा, जो कि MakeMyTrip का GenAI ट्रिप प्लानिंग असिस्टेंट है। इस सहयोग का उद्देश्य पारंपरिक सर्च मॉडल से आगे बढ़कर AI-ड्रिवन डिस्कवरी में सक्रिय भूमिका निभाना है। यानी यूजर की बातचीत और इरादे को समझकर उसे स्ट्रक्चर्ड और बुकिंग-रेडी ऑप्शंस जैसे फ्लाइट, होटल और अन्य सेवाओं में बदला जाएगा।
इस मौके पर MakeMyTrip के को-फाउंडर और ग्रुप CEO राजेश मागो ने कहा, "OpenAI के साथ हमारा सहयोग यह सुनिश्चित करता है कि जब यात्री अपनी यात्रा की शुरुआत बातचीत से करते हैं, तो MakeMyTrip उसी प्रक्रिया का सुविधाजनक हिस्सा बन जाए। जब AI को हमारे स्वामित्व वाले ट्रैवल डेटा से जोड़ा जाता है और मार्केटप्लेस में गहराई से इंटीग्रेट किया जाता है, तो यह सिर्फ प्रेरणा तक सीमित नहीं रहता बल्कि बड़े स्तर पर पर्सनलाइज्ड और बुकिंग-योग्य विकल्प देता है।"
वहीं OpenAI के इंटरनेशनल मैनेजिंग डायरेक्टर ओलिवर जे ने कहा, “MakeMyTrip OpenAI के API का इस्तेमाल करके ट्रैवल प्लानिंग को फिल्टरिंग की बजाय बातचीत जैसा अनुभव बना रहा है। इससे यात्रियों को उनकी जरूरत के मुताबिक सुझाव और ट्रैवल प्रोग्राम्स मिलते हैं। एडवांस्ड AI केवल एंटरप्राइज के आंतरिक इस्तेमाल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह यूजर एक्सपीरिएंस को भी बदल सकता है।”
कंपनी का दावा है कि Myra फिलहाल रोजाना 50,000 से ज्यादा बातचीत संभाल रहा है। यह असिस्टेंट हिंदी, बंगाली, कन्नड़, मलयालम, मराठी, तमिल, तेलुगु और अंग्रेजी समेत कई भाषाओं में उपलब्ध है। कंपनी के अनुसार करीब 45 प्रतिशत क्वेरी टियर-2 और छोटे शहरों से आती हैं, जबकि वॉयस-बेस्ड इंटरैक्शन नॉन-मेट्रो क्षेत्रों में ज्यादा देखे जा रहे हैं।
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