प्रौद्योगिकी

Key Fob को हैकिंग से बचाने का आसान तरीका

Saba Naaz
5 July 2026 6:24 PM IST
Key Fob को हैकिंग से बचाने का आसान तरीका
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Tech: आजकल की-लेस एंट्री (Keyless Entry) वाली कारों में एक नया सुरक्षा जोखिम सामने आ रहा है, जिसे Relay Attack कहा जाता है। इसी खतरे को लेकर सोशल मीडिया पर एक अजीब ट्रेंड भी तेजी से फैल रहा है, जिसमें लोग अपनी कार की चाबी को एल्युमिनियम फॉइल में लपेटते नजर आ रहे हैं। देखने में यह तरीका साधारण लग सकता है, लेकिन इसके पीछे डिजिटल चोरी से बचाव की कोशिश बताई जा रही है।

आधुनिक कारों में Keyless सिस्टम के जरिए वाहन और चाबी के बीच लगातार रेडियो सिग्नल का आदान-प्रदान होता रहता है। जैसे ही चाबी कार के पास आती है, वाहन उसे पहचान लेता है और बिना चाबी लगाए दरवाजे खुल जाते हैं। यही सुविधा इसे सुविधाजनक बनाती है, लेकिन इसी तकनीक का गलत इस्तेमाल कर चोर नई तरह की चोरी को अंजाम दे रहे हैं।

Relay Attack में अपराधी दो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं। एक डिवाइस घर या किसी जगह पर रखी चाबी के पास से उसका सिग्नल पकड़ता है और दूसरा डिवाइस उस सिग्नल को कार तक पहुंचा देता है। कार को यह लगता है कि चाबी पास में है और वह आसानी से अनलॉक होकर स्टार्ट हो जाती है। कई मामलों में वाहन मालिक को पता भी नहीं चलता और कार कुछ ही सेकेंड में चोरी हो जाती है।

इसी खतरे से बचने के लिए कुछ लोग एल्युमिनियम फॉइल का इस्तेमाल करने लगे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार एल्युमिनियम फॉइल इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगों को काफी हद तक रोक सकता है। यह एक तरह से अस्थायी “सिग्नल ब्लॉकिंग लेयर” की तरह काम करता है। जब कार की चाबी को पूरी तरह फॉइल में लपेट दिया जाता है, तो उसका रेडियो सिग्नल बाहर नहीं निकल पाता। ऐसे में Relay Attack करने वाले डिवाइस चाबी का सिग्नल पकड़ नहीं पाते और कार तक उसे पहुंचाना मुश्किल हो जाता है।

हालांकि, यह तरीका पूरी तरह सुरक्षित या स्थायी समाधान नहीं माना जा सकता। अगर चाबी पूरी तरह से अच्छे से कवर नहीं की गई है या कहीं से भी सिग्नल बाहर निकल रहा है, तो इसका असर कम हो सकता है। इसके अलावा रोजाना फॉइल में चाबी लपेटकर रखना व्यावहारिक भी नहीं माना जाता, क्योंकि यह जल्दी फट सकती है और बार-बार बदलनी पड़ती है।

ऑटोमोबाइल और सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि एल्युमिनियम फॉइल एक अस्थायी उपाय जरूर हो सकता है, लेकिन इसे अकेले भरोसेमंद सुरक्षा विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। इसके बजाय बेहतर विकल्प के तौर पर बाजार में उपलब्ध Faraday Pouch या Signal Blocking Pouch का इस्तेमाल किया जा सकता है। ये विशेष रूप से की-लेस चाबियों के लिए बनाए जाते हैं और ज्यादा प्रभावी सुरक्षा प्रदान करते हैं।

साथ ही वाहन मालिकों को कुछ सामान्य सावधानियां भी अपनानी चाहिए। जैसे कार की चाबी को घर के दरवाजे या खिड़की के पास न रखें, बल्कि अंदर किसी बंद अलमारी या दराज में रखें। इससे सिग्नल बाहर जाने की संभावना कम हो जाती है। कई नई कारों में अब मोशन सेंसर और स्लीप मोड जैसी तकनीक भी दी जा रही है, जो कुछ समय तक निष्क्रिय रहने पर सिग्नल ट्रांसमिशन रोक देती है।

कुल मिलाकर देखा जाए तो की-लेस कारों की सुविधा जितनी आसान है, उतना ही उसमें डिजिटल सुरक्षा का जोखिम भी बढ़ गया है। एल्युमिनियम फॉइल जैसी छोटी सावधानियां तत्काल राहत दे सकती हैं, लेकिन लंबे समय के लिए जागरूकता और आधुनिक सुरक्षा उपाय अपनाना ही सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है। वाहन मालिकों को चाहिए कि वे तकनीक का उपयोग करते समय सुरक्षा पहलुओं को नजरअंदाज न करें, ताकि उनकी लाखों की गाड़ी किसी डिजिटल चोरी का शिकार न बने।

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