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Petrol डीजल के बाद हाइड्रोजन पर फोकस, देशभर में वाहनों की टेस्टिंग जारी

Ratna Netam
10 July 2026 4:52 PM IST
Petrol  डीजल के बाद हाइड्रोजन पर फोकस, देशभर में वाहनों की टेस्टिंग जारी
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technological प्रौद्योगिकीय : भारत में वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। E20, E85 और E100 जैसे इथेनॉल आधारित ईंधनों के बाद अब केंद्र सरकार का फोकस हाइड्रोजन को भविष्य के ईंधन के रूप में विकसित करने पर है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि हाइड्रोजन आने वाले समय में ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री के लिए अहम भूमिका निभा सकता है।

गांधीनगर में आयोजित प्रवास 5.0 और भारत प्रवास अवॉर्ड्स कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नितिन गडकरी ने बताया कि सरकार देश में हाइड्रोजन से चलने वाले वाहनों के परीक्षण कर रही है। इसके लिए देशभर में 10 प्रमुख रूट्स का चयन किया गया है, जहां हाइड्रोजन फ्यूल टेक्नोलॉजी को परखा जा रहा है।

इन 10 रूट्स पर हो रहा हाइड्रोजन वाहनों का ट्रायल

केंद्रीय मंत्री के अनुसार हाइड्रोजन वाहनों का परीक्षण इन रूट्स पर किया जा रहा है—

  • ग्रेटर नोएडा-दिल्ली-आगरा

  • भुवनेश्वर-कोणार्क-पुरी

  • अहमदाबाद-वडोदरा-सूरत

  • साहिबाबाद-फरीदाबाद-दिल्ली

  • पुणे-मुंबई

  • जमशेदपुर-कलिंगानगर

  • तिरुवनंतपुरम-कोच्चि

  • कोच्चि-एडप्पल्ली

  • जामनगर-अहमदाबाद

  • एनएच-16 पर विशाखापत्तनम-बय्यावरम रूट

इन रूट्स पर हाइड्रोजन से चलने वाले वाहनों के प्रदर्शन, ईंधन दक्षता और व्यावहारिक उपयोग की जांच की जा रही है।

हाइड्रोजन को बताया भविष्य का ईंधन

नितिन गडकरी ने कहा कि सड़क परिवहन मंत्रालय हाइड्रोजन तकनीक को लेकर गंभीरता से काम कर रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि भविष्य में ट्रांसपोर्ट सेक्टर में हाइड्रोजन की बड़ी भूमिका होगी। उनके मुताबिक, हाइड्रोजन एक स्वच्छ ईंधन विकल्प है, जो प्रदूषण कम करने में मदद कर सकता है।

उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री वैकल्पिक ईंधन और बायोफ्यूल के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही है। भारत कम लागत और बेहतर तकनीक के जरिए इस क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व हासिल कर सकता है।

ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने की तैयारी

हाइड्रोजन फ्यूल को लेकर दुनियाभर में तेजी से काम हो रहा है। इसे खासतौर पर ग्रीन हाइड्रोजन के रूप में देखा जा रहा है, जिसे नवीकरणीय ऊर्जा के जरिए तैयार किया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, हाइड्रोजन ईंधन से कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिल सकती है।

भारत सरकार पहले ही इलेक्ट्रिक वाहनों, इथेनॉल ब्लेंडिंग और बायोफ्यूल को बढ़ावा दे रही है। अब हाइड्रोजन को भी भविष्य के परिवहन समाधान के रूप में शामिल करने की योजना बनाई जा रही है।

ऑटो सेक्टर में आएगा बड़ा बदलाव

अगर हाइड्रोजन तकनीक सफल होती है तो इसका असर कार, बस, ट्रक और अन्य कमर्शियल वाहनों पर देखने को मिल सकता है। खासकर लंबी दूरी के परिवहन में हाइड्रोजन को एक प्रभावी विकल्प माना जा रहा है।

सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में देश में स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन व्यवस्था को मजबूत किया जाए। हाइड्रोजन ट्रायल के सफल परिणाम मिलने के बाद इसे बड़े स्तर पर लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकते हैं।

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