
Sports स्पोर्ट्स: भारतीय टी20 टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए शुरुआती दौर आसान नहीं रहा है। सात टी20 इंटरनेशनल मैचों में टीम की कप्तानी कर चुके अय्यर अभी तक अपनी पहली जीत का इंतजार कर रहे हैं। लगातार हार के बाद उनकी कप्तानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं, लेकिन भारत के पूर्व बल्लेबाज वसीम जाफर ने उनका समर्थन किया है।
श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम को पहले आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में 2-0 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद इंग्लैंड दौरे पर भी टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, जहां पांच मैचों की टी20 सीरीज में भारत को 4-0 से हार मिली।
इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज का पहला मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था। इसके बाद मेजबान इंग्लैंड ने लगातार चार मैच जीतकर सीरीज अपने नाम कर ली। यह इंग्लैंड की भारत के खिलाफ पहली द्विपक्षीय टी20 इंटरनेशनल सीरीज जीत भी रही।
लगातार हार के बाद श्रेयस अय्यर की कप्तानी पर चर्चा शुरू हो गई। हालांकि, पूर्व भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर ने अय्यर का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने कप्तानी में कोई बड़ी गलती नहीं की है।
जाफर ने कहा कि कोई भी खिलाड़ी या कप्तान अचानक खराब नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि अय्यर ने आईपीएल में अपनी कप्तानी से प्रभावित किया है और घरेलू क्रिकेट में भी उन्होंने नेतृत्व क्षमता दिखाई है।
वसीम जाफर ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि श्रेयस अय्यर के लिए यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कप्तानी का शुरुआती अनुभव है। ऐसे में उन्हें समय देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अय्यर ने बल्लेबाजी में भी योगदान दिया और व्यक्तिगत रूप से उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया।
जाफर ने कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ हार के लिए केवल कप्तान को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उनके अनुसार, पूरी टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा।
उन्होंने कहा कि भारतीय टीम ने इस सीरीज को आगामी टी20 विश्व कप की तैयारियों के नजरिए से भी देखा। टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ता कुछ नए खिलाड़ियों को मौका देकर उनकी क्षमता परखना चाहते थे।
जाफर ने बताया कि इस सीरीज में कई बड़े खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी भी रही। जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या जैसे अनुभवी खिलाड़ी टीम का हिस्सा नहीं थे। इसके अलावा स्पिनर कुलदीप यादव को भी खेलने का मौका नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि मुख्य कोच गौतम गंभीर और चयनकर्ता विश्व कप से पहले टीम संयोजन को लेकर प्रयोग कर रहे हैं। उनका उद्देश्य यह पता लगाना है कि कौन से खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबे समय तक टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।
जाफर के मुताबिक, इन सीरीज में केवल जीत ही प्राथमिक लक्ष्य नहीं था। हालांकि हर टीम जीतना चाहती है, लेकिन विदेशी परिस्थितियों में खिलाड़ियों की क्षमता जांचना भी बेहद जरूरी था।
उन्होंने कहा कि नए खिलाड़ियों को कठिन परिस्थितियों में मौका देना यह समझने में मदद करता है कि वे दबाव में कैसा प्रदर्शन करते हैं। इससे विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए बेहतर टीम तैयार करने में मदद मिलेगी।
श्रेयस अय्यर इससे पहले आईपीएल में कप्तानी कर चुके हैं और अपनी नेतृत्व क्षमता साबित कर चुके हैं। उन्होंने अपनी कप्तानी में कोलकाता नाइट राइडर्स को आईपीएल खिताब भी दिलाया था।
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कप्तानी का दबाव अलग होता है। यहां हर मैच के प्रदर्शन और फैसलों पर नजर रहती है। ऐसे में अय्यर के लिए शुरुआती असफलताओं से उबरना बड़ी चुनौती होगी।
भारतीय टीम प्रबंधन फिलहाल भविष्य की टी20 रणनीति तैयार करने में जुटा है। युवा खिलाड़ियों को मौका देने और टीम का नया संयोजन तैयार करने की प्रक्रिया जारी है।
वसीम जाफर का मानना है कि श्रेयस अय्यर को पर्याप्त समय मिलना चाहिए और कुछ हार के आधार पर उनके नेतृत्व पर सवाल उठाना सही नहीं होगा।
अब देखना होगा कि आने वाले टी20 मुकाबलों में श्रेयस अय्यर अपनी कप्तानी में टीम को पहली जीत दिला पाते हैं या नहीं। साथ ही यह भी देखने वाली बात होगी कि विश्व कप की तैयारियों के लिए किए जा रहे प्रयोग भारतीय टीम के लिए कितने सफल साबित होते हैं।





