
London लंदन : इंग्लैंड क्रिकेट टीम के टेस्ट कोच पद से ब्रेंडन मैकुलम की विदाई के बाद अब नए कोच की तलाश शुरू हो गई है। इस पद के लिए भारत के पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ का नाम संभावित उम्मीदवारों में सामने आ रहा है। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) अगले साल होने वाली एशेज सीरीज से पहले कोचिंग स्टाफ में बदलाव की तैयारी कर रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राहुल द्रविड़ इंग्लैंड के टेस्ट कोच पद के लिए संभावित उम्मीदवारों की सूची में शामिल हैं। ब्रिटेन के अखबार डेली टेलीग्राफ की रिपोर्ट में बताया गया है कि द्रविड़ के अलावा इंग्लैंड के पूर्व कोच एंडी फ्लावर और इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर रिचर्ड डॉसन भी इस पद की दौड़ में शामिल हैं।
ब्रेंडन मैकुलम का इंग्लैंड टेस्ट टीम के साथ चार साल का कार्यकाल न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में 1-2 की हार के बाद समाप्त हो गया। इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने फैसला किया कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी एशेज सीरीज से पहले टीम के कोचिंग सेटअप में बदलाव करना जरूरी है।
मैकुलम के नेतृत्व में इंग्लैंड ने टेस्ट क्रिकेट में आक्रामक शैली अपनाई, जिसे ‘बैजबॉल’ के नाम से जाना गया। इस रणनीति ने शुरुआती दौर में काफी सफलता हासिल की और इंग्लैंड ने कई बड़ी जीत दर्ज कीं। हालांकि, हाल के प्रदर्शन में निरंतरता की कमी के कारण टीम प्रबंधन ने बदलाव का फैसला किया।
राहुल द्रविड़ को इंग्लैंड के लिए एक मजबूत उम्मीदवार माना जा रहा है। भारतीय टीम के मुख्य कोच के रूप में द्रविड़ ने शानदार कार्य किया था। उनके मार्गदर्शन में भारत ने 2024 टी20 विश्व कप का खिताब जीता था। इसके अलावा, 2023 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल तक पहुंचने में भी उनकी अहम भूमिका रही थी।
53 वर्षीय द्रविड़ अपने शांत स्वभाव, तकनीकी समझ और खिलाड़ियों को विकसित करने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। क्रिकेट जगत में उन्हें एक ऐसे कोच के रूप में देखा जाता है जो युवा खिलाड़ियों को तैयार करने और टीम में स्थिरता लाने में सक्षम हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इंग्लैंड केवल टेस्ट टीम के लिए ही नहीं, बल्कि सीमित ओवरों की टीमों के लिए भी कोचिंग जिम्मेदारी को लेकर विचार कर रहा है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि अगर द्रविड़ नियुक्त होते हैं तो वह वनडे और टी20 टीम की जिम्मेदारी भी संभाल सकते हैं।
राहुल द्रविड़ का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट अनुभव उन्हें इस भूमिका के लिए मजबूत दावेदार बनाता है। बतौर खिलाड़ी उन्होंने करीब दो दशक तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला और टेस्ट क्रिकेट में भारत के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल रहे।
खेल से संन्यास लेने के बाद द्रविड़ ने कोचिंग में भी अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने भारतीय अंडर-19 टीम के साथ काम किया और कई युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में मदद की। इसके बाद वह राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA) से भी जुड़े रहे।
इंग्लैंड क्रिकेट टीम इस समय बदलाव के दौर से गुजर रही है। टीम को एशेज जैसी महत्वपूर्ण सीरीज से पहले एक ऐसे कोच की जरूरत है जो खिलाड़ियों को मानसिक मजबूती दे सके और लंबे प्रारूप में टीम को बेहतर दिशा प्रदान कर सके।
राहुल द्रविड़ की कोचिंग शैली मैकुलम की आक्रामक रणनीति से अलग मानी जाती है। जहां मैकुलम ने आक्रामक क्रिकेट पर जोर दिया, वहीं द्रविड़ तकनीक, अनुशासन और लंबे समय की योजना बनाने के लिए पहचाने जाते हैं।
हालांकि, अभी तक इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड की ओर से अंतिम निर्णय की घोषणा नहीं की गई है। द्रविड़ की नियुक्ति को लेकर भी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अगर राहुल द्रविड़ इंग्लैंड के टेस्ट कोच बनते हैं तो यह भारतीय और इंग्लिश क्रिकेट के बीच एक दिलचस्प अध्याय होगा। एक समय भारत के खिलाफ खेलने वाले द्रविड़ अब इंग्लैंड जैसी बड़ी क्रिकेट टीम को कोचिंग देते नजर आ सकते हैं।
फिलहाल इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड सभी विकल्पों पर विचार कर रहा है। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि मैकुलम की जगह कौन सा दिग्गज इंग्लैंड टेस्ट टीम की जिम्मेदारी संभालेगा।





