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दुनिया के सबसे बड़े स्किल मंच पर टीम इंडिया 63 कैटेगरी में चुनौती
Ratna Netam
23 Sept 2026 7:24 PM IST

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शंघाई। दुनिया के सबसे बड़े कौशल मंचों में शामिल वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 में बुधवार से प्रतियोगिताओं का आगाज हो गया। भारत ने इस बार अपना अब तक का सबसे बड़ा दल उतारा है। टीम इंडिया के 70 युवा प्रतियोगी कुल 63 स्किल कैटेगरी में अपनी प्रतिभा, तकनीकी क्षमता और व्यावसायिक कौशल का प्रदर्शन कर रहे हैं। चार दिनों तक चलने वाली प्रतियोगिताओं में भारतीय युवाओं का मुकाबला दुनिया के अलग-अलग देशों से आए प्रतिभाशाली प्रतियोगियों से होगा।प्रतियोगिताओं की शुरुआत मंगलवार शाम आयोजित भव्य उद्घाटन समारोह के बाद हुई। शंघाई वर्ल्ड एक्सपो कल्चरल सेंटर में आयोजित ओपनिंग सेरेमनी में 65 से अधिक देशों और क्षेत्रों के लगभग 1,400 प्रतियोगियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान अलग-अलग देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने 'परेड ऑफ नेशंस' में हिस्सा लेकर अपने राष्ट्रीय ध्वज और सांस्कृतिक पहचान के साथ वैश्विक मंच पर उपस्थिति दर्ज कराई।
भारतीय दल ने भी राष्ट्रीय ध्वज के साथ पूरे उत्साह से परेड ऑफ नेशंस में हिस्सा लिया। टीम इंडिया के रंगों में सजे भारतीय प्रतियोगियों ने जब एरीना में प्रवेश किया तो दर्शकों ने तालियों के साथ उनका स्वागत किया। इसी समारोह के साथ 48वें वर्ल्डस्किल्स मुकाबले की औपचारिक शुरुआत हुई।भारत के लिए इस बार की प्रतियोगिता कई मायनों में महत्वपूर्ण है। 70 प्रतियोगियों वाला भारतीय दल वर्ल्डस्किल्स के इतिहास में देश का अब तक का सबसे बड़ा प्रतिनिधिमंडल है। भारतीय प्रतिभागी 63 अलग-अलग कौशल श्रेणियों में चुनौती पेश कर रहे हैं। इससे भारत की बढ़ती कौशल प्रशिक्षण व्यवस्था और विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों में युवाओं की भागीदारी का दायरा भी दिखाई देता है।
वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता को अक्सर कौशल की दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में गिना जाता है। इसमें अलग-अलग देशों के युवा व्यावसायिक और तकनीकी कौशल से जुड़ी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं। प्रतियोगियों को निर्धारित समय में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार विभिन्न व्यावहारिक कार्य पूरे करने होते हैं।प्रतियोगिता में केवल गति ही नहीं बल्कि सटीकता, तकनीकी समझ, गुणवत्ता, समस्या समाधान क्षमता और कार्यस्थल से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन भी महत्वपूर्ण होता है। यही वजह है कि वर्ल्डस्किल्स में हिस्सा लेने वाले युवाओं को लंबे प्रशिक्षण और चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।
टीम इंडिया के प्रतिभागी भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारियों के बाद शंघाई पहुंचे हैं। अलग-अलग कौशल श्रेणियों के लिए प्रतियोगियों को विशेषज्ञों की निगरानी में प्रशिक्षण दिया गया। प्रतियोगिता के दौरान उनका उद्देश्य केवल पदक जीतना ही नहीं बल्कि दुनिया की बेहतरीन तकनीकों और कार्य प्रणालियों का अनुभव हासिल करना भी है।चार दिनों तक चलने वाले मुकाबलों में भारतीय प्रतिभागी कई पारंपरिक और उभरते हुए कौशल क्षेत्रों में अपनी चुनौती पेश करेंगे। आधुनिक उद्योगों में तकनीक की बढ़ती भूमिका को देखते हुए वर्ल्डस्किल्स जैसे आयोजनों में डिजिटल, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग, निर्माण, सेवा और रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े कौशल को महत्वपूर्ण स्थान मिलता है।
भारत पिछले कुछ वर्षों में कौशल विकास को रोजगार और औद्योगिक विकास से जोड़ने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। ऐसे में वर्ल्डस्किल्स जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन भारतीय युवाओं को वैश्विक मानकों के मुकाबले अपनी क्षमता परखने का अवसर देते हैं। यहां हासिल अनुभव का इस्तेमाल प्रशिक्षण प्रणालियों और उद्योग की जरूरतों के बीच अंतर को कम करने में भी किया जा सकता है।इस प्रतियोगिता में शामिल अधिकांश प्रतिभागी युवा हैं और अपने-अपने क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर की चयन प्रक्रिया के बाद यहां तक पहुंचे हैं। विश्व मंच पर प्रतिस्पर्धा उनके लिए पेशेवर जीवन का बड़ा अनुभव साबित हो सकती है। अलग-अलग देशों के प्रतियोगियों के साथ प्रतिस्पर्धा से उन्हें नई तकनीकों, उपकरणों और कार्यशैली के बारे में सीखने का अवसर भी मिलता है।
वर्ल्डस्किल्स का उद्देश्य व्यावसायिक शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण को बढ़ावा देना भी है। दुनिया के विभिन्न हिस्सों में उद्योगों को कुशल कर्मचारियों की जरूरत बढ़ रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन और डिजिटल तकनीकों के विस्तार के साथ कई पारंपरिक व्यवसायों की प्रकृति भी बदल रही है। ऐसे में युवाओं को नई तकनीक के अनुरूप प्रशिक्षित करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।शंघाई में भारतीय दल की बड़ी मौजूदगी इस लिहाज से भी अहम है कि देश वैश्विक स्तर पर कुशल कार्यबल तैयार करने पर जोर दे रहा है। प्रतियोगिता के जरिए भारतीय प्रशिक्षण संस्थानों और विशेषज्ञों को यह समझने का मौका मिलेगा कि विभिन्न कौशल क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय मानक किस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
ओपनिंग सेरेमनी के दौरान अलग-अलग देशों के प्रतिभागियों की मौजूदगी ने आयोजन के वैश्विक स्वरूप को सामने रखा। करीब 1,400 प्रतियोगी अपने-अपने देश और क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए चार दिनों तक कौशल की विभिन्न श्रेणियों में प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान प्रतियोगियों के काम का मूल्यांकन विशेषज्ञों द्वारा निर्धारित तकनीकी मानकों के आधार पर किया जाएगा।टीम इंडिया के लिए यह आयोजन पिछले संस्करणों के अनुभव को आगे बढ़ाने का भी अवसर है। भारत ने हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय कौशल प्रतियोगिताओं में अपनी भागीदारी बढ़ाई है और कई श्रेणियों में भारतीय युवाओं ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। अब 70 सदस्यीय दल के साथ भारत ने अपनी भागीदारी को और व्यापक बनाया है।
प्रतियोगिता के दौरान भारतीय दल के विशेषज्ञ और प्रशिक्षक भी प्रतिभागियों के साथ मौजूद हैं। उनकी भूमिका प्रतियोगिता से पहले तैयारियों और तकनीकी मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण रही है। हालांकि वास्तविक मुकाबले के दौरान प्रतियोगियों को अपने प्रशिक्षण और अनुभव के आधार पर निर्धारित कार्य पूरे करने होंगे।वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 के चार दिन भारतीय प्रतिभागियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे। हर कौशल श्रेणी में दुनिया के अलग-अलग देशों से आए श्रेष्ठ युवा प्रतियोगी मौजूद हैं। ऐसे में पदक की चुनौती के साथ प्रत्येक प्रतिभागी के सामने अंतरराष्ट्रीय मानकों पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का लक्ष्य होगा।शंघाई में तिरंगे के साथ परेड ऑफ नेशंस में प्रवेश करने के बाद अब टीम इंडिया की नजर प्रतियोगिताओं पर है। 70 युवा और 63 स्किल कैटेगरी के साथ भारत की अब तक की सबसे बड़ी भागीदारी ने इस संस्करण को देश के लिए खास बना दिया है। आने वाले दिनों में यह तय होगा कि भारतीय युवा वैश्विक कौशल मंच पर अपने प्रदर्शन को कितने पदकों और उपलब्धियों में बदल पाते हैं।
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