
वेस्टइंडीज क्रिकेट: महानतम खिलाड़ियों में शामिल सर गारफील्ड सोबर्स का 89 साल की उम्र में निधन हो गया। दुनिया के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर्स में गिने जाने वाले सोबर्स ने बारबाडोस स्थित अपने घर में अंतिम सांस ली। उनके निधन से क्रिकेट जगत में शोक की लहर है। सोबर्स का 90वां जन्मदिन 28 जुलाई 2026 को आने वाला था, लेकिन उससे पहले ही उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।
सर गारफील्ड सोबर्स ने 1954 से 1974 के बीच वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान उन्होंने 93 टेस्ट मैच खेले और अपनी बल्लेबाजी, गेंदबाजी और शानदार फील्डिंग से क्रिकेट इतिहास में अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी ऑलराउंड क्षमता के कारण उन्हें क्रिकेट के सबसे संपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल किया जाता है।
महान बल्लेबाज सर डॉन ब्रैडमैन ने भी सोबर्स को "फाइव इन वन क्रिकेटर" कहा था। इसकी वजह यह थी कि सोबर्स बल्लेबाजी के साथ-साथ कई तरह की गेंदबाजी करने में सक्षम थे। वह बाएं हाथ से तेज गेंदबाजी, धीमी गेंदबाजी और स्पिन गेंदबाजी भी कर सकते थे। उनकी इसी बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाया।
क्रिकेट प्रेमियों के बीच सोबर्स की लोकप्रियता इतनी ज्यादा थी कि कहा जाता था कि टेस्ट क्रिकेट में पहले सर गैरी सोबर्स आते हैं और उसके बाद बाकी ऑलराउंडर्स का नाम लिया जाता है। उन्होंने अपने करियर में कई यादगार प्रदर्शन किए, लेकिन उनका सबसे बड़ा रिकॉर्ड आज भी 68 साल बाद कायम है।
साल 1958 में सर गारफील्ड सोबर्स ने पाकिस्तान के खिलाफ ऐसा रिकॉर्ड बनाया था, जिसे आज तक कोई बल्लेबाज नहीं तोड़ पाया है। उन्होंने किंग्सटन के सबीना पार्क में खेले गए टेस्ट मैच में नाबाद 365 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी। खास बात यह थी कि उस समय उनकी उम्र केवल 21 साल और 213 दिन थी।
सोबर्स दुनिया के पहले ऐसे बल्लेबाज बने थे, जिन्होंने अपने पहले टेस्ट शतक को तिहरे शतक में बदल दिया था। उनकी 365 रन की पारी उस समय टेस्ट क्रिकेट में किसी भी बल्लेबाज का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर थी। करीब 36 साल तक यह रिकॉर्ड कायम रहा, जिसे 1994 में वेस्टइंडीज के ही ब्रायन लारा ने तोड़ा था। हालांकि, सबसे कम उम्र में तिहरा शतक लगाने का सोबर्स का रिकॉर्ड अब भी सुरक्षित है।
पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए इस ऐतिहासिक मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान ने इम्तियाज अहमद के 122 रन की मदद से 328 रन बनाए थे। इसके जवाब में वेस्टइंडीज ने अपनी पहली पारी 790 रन पर घोषित की। इस पारी में सर गैरी सोबर्स ने तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 38 चौकों की मदद से नाबाद 365 रन बनाए। उनके अलावा ओपनर कॉनराड हंट ने भी 260 रन की शानदार पारी खेली थी।
वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 462 रन की बड़ी बढ़त हासिल की। इसके बाद पाकिस्तान की दूसरी पारी 288 रन पर सिमट गई और वेस्टइंडीज ने यह मुकाबला एक पारी और 174 रन से जीत लिया। पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में भी कैरेबियाई टीम ने पाकिस्तान को 3-1 से मात दी थी।
सर गारफील्ड सोबर्स का टेस्ट करियर बेहद शानदार रहा। उन्होंने 93 टेस्ट मैचों में 57.78 की औसत से 8032 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 26 शतक और 30 अर्धशतक निकले। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 365 नाबाद रन रहा। गेंदबाजी में भी उन्होंने कमाल दिखाते हुए 235 विकेट हासिल किए। इसके अलावा उन्होंने वेस्टइंडीज के लिए एक वनडे मैच भी खेला था, जिसमें उन्होंने एक विकेट लिया।
सोबर्स का निधन क्रिकेट जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। उनकी बल्लेबाजी की कला, गेंदबाजी की विविधता और खेल के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा। उनका 365 रन का रिकॉर्ड और पाकिस्तान के खिलाफ खेली गई ऐतिहासिक पारी हमेशा क्रिकेट इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज रहेगी।





