
बेंगलुरु : शिवमोग्गा योद्धाज़ ने रोमांचक मुकाबले में बेंगलुरु ब्लास्टर्स को चार विकेट से हराकर DACCS महाराजा ट्रॉफी KSCA T20 टूर्नामेंट 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया। एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन आखिर में शिवमोग्गा योद्धाज़ ने शानदार बल्लेबाजी के दम पर बाजी मार ली और पहली बार टूर्नामेंट की ट्रॉफी जीतने का गौरव हासिल किया।
फाइनल मुकाबले में भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी राहुल द्रविड़ के बेटे समित द्रविड़ ने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन किया, लेकिन उनका बेहतरीन खेल भी बेंगलुरु ब्लास्टर्स को जीत नहीं दिला सका। समित ने गेंद और बल्ले दोनों से प्रभाव छोड़ा। उन्होंने गेंदबाजी में चार विकेट हासिल किए और बल्लेबाजी में 37 गेंदों पर 37 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली।
बेंगलुरु ब्लास्टर्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए शिवमोग्गा योद्धाज़ के सामने 186 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था। जवाब में उतरी योद्धाज़ की टीम ने कप्तान लवनीत सिसोदिया की आक्रामक पारी के दम पर लक्ष्य हासिल कर लिया।
लक्ष्य का पीछा करते हुए शिवमोग्गा योद्धाज़ की शुरुआत अच्छी रही। कप्तान लवनीत सिसोदिया ने जिम्मेदारी संभालते हुए शानदार बल्लेबाजी की और 45 गेंदों में 87 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। उनकी पारी में आक्रामक शॉट्स और दबाव में बेहतर नियंत्रण देखने को मिला।
लवनीत ने शुरुआत से ही बेंगलुरु ब्लास्टर्स के गेंदबाजों पर दबाव बनाया और टीम को जीत की राह पर आगे बढ़ाया। हालांकि बीच के ओवरों में कुछ विकेट गिरने से मुकाबला रोमांचक हो गया था, लेकिन शिवमोग्गा के बल्लेबाजों ने धैर्य बनाए रखा।
अनीश केवी ने अंत में शानदार फिनिशिंग करते हुए टीम की जीत पक्की कर दी। उन्होंने सिर्फ 19 गेंदों में नाबाद 38 रन बनाए। उनकी तेजतर्रार पारी की बदौलत शिवमोग्गा योद्धाज़ ने लक्ष्य को दो गेंद शेष रहते हासिल कर लिया।
इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी बेंगलुरु ब्लास्टर्स की टीम ने आक्रामक शुरुआत की। ओपनर भुवन मोहन राजू ने केवल 10 गेंदों में 23 रन बनाकर टीम को तेज शुरुआत दिलाई। उन्होंने शुरुआती ओवरों में बड़े शॉट लगाकर विरोधी गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की।
हालांकि शिवमोग्गा योद्धाज़ के गेंदबाज अभिलाष शेट्टी ने भुवन मोहन राजू को आउट कर टीम को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद मुकाबला धीरे-धीरे संतुलित होता गया और दोनों टीमों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।
बेंगलुरु ब्लास्टर्स के बल्लेबाजों ने इसके बाद पारी को संभालने की कोशिश की और स्कोर को मजबूत स्थिति तक पहुंचाया। टीम ने निर्धारित लक्ष्य के लिए योद्धाज़ के सामने 186 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया।
समित द्रविड़ का प्रदर्शन फाइनल की सबसे बड़ी खासियतों में से एक रहा। उन्होंने गेंदबाजी में महत्वपूर्ण विकेट लेकर शिवमोग्गा की रन गति रोकने की कोशिश की। इसके अलावा बल्लेबाजी में भी उन्होंने टीम को मजबूती दी। हालांकि अंत में लवनीत सिसोदिया और अनीश केवी की साझेदारी ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया।
इस जीत के साथ शिवमोग्गा योद्धाज़ ने टूर्नामेंट के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में दबाव को बेहतर तरीके से संभाला।
महाराजा ट्रॉफी KSCA T20 में इस बार कई युवा खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। टूर्नामेंट ने कर्नाटक क्रिकेट को कई नए चेहरे दिए हैं, जो आने वाले समय में बड़े स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
फाइनल मुकाबले में दर्शकों को आखिरी गेंद तक रोमांच देखने को मिला। बेंगलुरु ब्लास्टर्स ने कड़ी चुनौती पेश की, लेकिन शिवमोग्गा योद्धाज़ ने कप्तान की शानदार पारी और मध्यक्रम के धैर्य के दम पर ऐतिहासिक जीत हासिल कर ली।





