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IND vs WI: भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में संजू सैमसन ने तेज बल्लेबाजी से भारतीय पारी को मजबूत शुरुआत दी। महेंद्र सिंह धोनी के शहर रांची में खेले जा रहे मुकाबले में सैमसन ने सिर्फ 21 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। इसके साथ ही उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी भारतीय बल्लेबाज के सबसे तेज अर्धशतक के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। इससे पहले विराट कोहली ने वर्ष 2019 में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में कैरेबियाई टीम के खिलाफ 21 गेंदों में पचासा लगाया था। अब इस उपलब्धि पर सैमसन का नाम भी कोहली के साथ दर्ज हो गया है।
सैमसन के लिए यह पारी इसलिए भी अहम रही, क्योंकि लखनऊ में खेले गए सीरीज के पहले मुकाबले में वह बड़ी पारी नहीं खेल सके थे। उस मैच में उनके बल्ले से केवल 11 रन निकले थे। रांची में उन्होंने शुरुआत से रन बनाने की रफ्तार बढ़ाई और वेस्टइंडीज के गेंदबाजों को दबाव बनाने का मौका नहीं दिया। हालांकि, उनकी पारी के दौरान मेहमान टीम के पास उन्हें जल्दी आउट करने के अवसर आए। सैमसन ने मिले मौकों का फायदा उठाया और भारतीय स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया। The Times of India
मैच में वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। होप ने मैदान में मौजूद नमी और शाम के साथ परिस्थितियों में होने वाले बदलाव को अपने फैसले की वजह बताया। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर भी पहले गेंदबाजी करना चाहते थे, लेकिन टॉस हारने के बाद टीम को बल्लेबाजी करनी पड़ी। भारत ने अपनी अंतिम एकादश में कोई बदलाव नहीं किया। वेस्टइंडीज ने मैथ्यू फोर्डे की जगह गुडाकेश मोती को मौका दिया। पांच मैचों की सीरीज में भारतीय टीम इस मुकाबले से पहले 1-0 से आगे थी। Jansatta
भारत की ओर से अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन पारी की शुरुआत करने उतरे। दोनों ने पहले विकेट के लिए चार ओवर में 42 रन जोड़े। अभिषेक ने 12 गेंदों में 20 रन बनाए, जबकि सैमसन ने दूसरे छोर से आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी। शुरुआती साझेदारी टूटने के बाद भी उनकी रन बनाने की गति प्रभावित नहीं हुई। ईशान किशन के क्रीज पर आने के बाद सैमसन ने गेंदबाजों पर हमला जारी रखा। उनकी बल्लेबाजी की वजह से भारत शुरुआती विकेट गंवाने के बावजूद पावरप्ले में बड़ा स्कोर बनाने में सफल रहा। The Times of India
सैमसन को पहला जीवनदान तीसरे ओवर में मिला, जब वह छह रन पर खेल रहे थे। इसके बाद छठे ओवर में 42 रन के निजी स्कोर पर उन्हें एक और मौका मिला। दो अवसर गंवाना वेस्टइंडीज के लिए महंगा साबित हुआ। सैमसन ने दूसरे जीवनदान के बाद लगातार दो चौके लगाए और अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। रोमारियो शेफर्ड की गेंद पर एक्स्ट्रा कवर की दिशा में लगाया गया चौका उनके रिकॉर्ड की बराबरी करने का माध्यम बना। अर्धशतक तक पहुंचने के दौरान उन्होंने छह चौके और तीन छक्के लगाए।
भारतीय पारी का पांचवां ओवर भी खास रहा। इस ओवर में कुल 22 रन बने और सैमसन ने दो छक्कों के साथ दो चौके लगाए। चार ओवर के बाद भारत का स्कोर एक विकेट पर 42 रन था, जो अगले ही ओवर में 64 रन तक पहुंच गया। लगातार बाउंड्री आने से मेहमान गेंदबाजों पर दबाव बढ़ा। सैमसन ने पावरप्ले के अंतिम हिस्से में भी तेजी बनाए रखी। छह ओवर पूरे होने तक वह 52 रन बना चुके थे और भारतीय टीम एक विकेट खोकर 79 रन तक पहुंच गई थी।
यह वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत का सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर रहा। इससे पहले भारतीय टीम ने वर्ष 2019 में वानखेड़े स्टेडियम में शुरुआती छह ओवर में बिना विकेट गंवाए 72 रन बनाए थे। रांची में भारत ने उस आंकड़े को सात रन से पीछे छोड़ दिया। इस तरह मुकाबले की शुरुआत में व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ टीम का रिकॉर्ड भी बना। सैमसन की तेज पारी ने भारत को शुरुआती छह ओवर में प्रति ओवर 13 से अधिक रन की गति हासिल करने में मदद की।
सैमसन के साथ ईशान किशन ने भी तेजी से रन जुटाए। किशन ने 22 गेंदों में 43 रन की पारी खेली, जिसमें छह चौके और दो छक्के शामिल रहे। इस दौरान उन्होंने वर्ष 2026 में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 50 से ज्यादा छक्के लगाने की उपलब्धि हासिल की। उनके नाम इस साल 51 छक्के हो गए। इस खास सूची में सूर्यकुमार यादव और अभिषेक शर्मा पहले ही शामिल हो चुके हैं। किशन की पारी ने भारत की आक्रामक शुरुआत को आगे बढ़ाया और दूसरे छोर से सैमसन को उपयोगी समर्थन मिला।
सैमसन की इस पारी से पहले उनकी हालिया बल्लेबाजी को लेकर चर्चा हो रही थी। एशियाई खेलों में जापान के खिलाफ उन्होंने नौ रन, श्रीलंका के खिलाफ सात रन और पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में दो रन बनाए थे। इसके बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 में भी वह 11 रन तक ही पहुंच सके। लगातार छोटी पारियों के बीच रांची का अर्धशतक उनके लिए महत्वपूर्ण वापसी रहा। टीम में वैभव सूर्यवंशी की मौजूदगी के कारण सलामी बल्लेबाजी में विकल्पों पर भी चर्चा थी। दूसरे मुकाबले में सैमसन को मौका मिला और उन्होंने रिकॉर्ड की बराबरी करने वाली पारी खेली।
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