
Thiruvananthapuram तिरुवनंतपुरम। एशिया कप से पहले यह सवाल लगातार उठ रहा है कि क्या विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में जगह बनाएंगे या नहीं। लेकिन मैदान पर सैमसन अपने बल्ले से हर बार यही साबित कर रहे हैं कि उनकी फॉर्म बिल्कुल सही है। केरल क्रिकेट लीग (KCL) में उन्होंने एक और शानदार पारी खेलकर चयनकर्ताओं और प्रशंसकों का ध्यान खींचा है। गुरुवार को त्रिवेन्द्रम रॉयल्स के खिलाफ खेलते हुए संजू सैमसन ने कोच्चि ब्लू टाइगर्स (KBT) की ओर से 37 गेंदों में 62 रनों की तेजतर्रार पारी खेली। उनकी इस पारी में चार चौके और पांच लंबे छक्के शामिल थे। उन्होंने 167.57 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुँचाया। इससे पहले भी सैमसन ने इस प्रतियोगिता में धमाकेदार प्रदर्शन किया है। त्रिशूर टाइटन्स के खिलाफ उन्होंने 46 गेंदों पर 89 रनों की पारी खेली थी। वहीं एरीज कोल्लम सेलर्स के खिलाफ उन्होंने केवल 51 गेंदों पर 121 रन बनाकर अपनी टीम को शानदार जीत दिलाई थी। यह पारी टूर्नामेंट की सबसे यादगार पारियों में गिनी जा रही है।
संजू का यह प्रदर्शन ऐसे समय पर आया है जब भारतीय टीम का चयन और अंतिम एकादश को लेकर चर्चाएँ तेज हैं। ऋषभ पंत की वापसी और केएल राहुल के विकल्पों के चलते सैमसन को अक्सर प्लेइंग इलेवन से बाहर बैठना पड़ा है। लेकिन उनकी लगातार आक्रामक पारियां यह संदेश दे रही हैं कि वह बड़े मंच पर खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। केरल क्रिकेट लीग भले ही घरेलू स्तर की प्रतियोगिता हो, लेकिन इसमें सैमसन की बैटिंग क्लास और मैच फिनिश करने की क्षमता साफ झलक रही है। इस प्रदर्शन ने न सिर्फ केरल के क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह बढ़ाया है बल्कि एशिया कप से पहले भारतीय टीम मैनेजमेंट को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है।
सैमसन के फैंस लंबे समय से यह उम्मीद कर रहे हैं कि उन्हें बड़े टूर्नामेंट में लगातार मौके मिलें। उनका मानना है कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में सैमसन एक बेहतरीन विकल्प हैं, जो पारी को स्थिर भी कर सकते हैं और तेज भी। हाल के समय में जब भी उन्हें मौका मिला, उन्होंने कुछ प्रभावशाली पारियां खेली हैं, लेकिन टीम संयोजन की वजह से उन्हें अक्सर बाहर रहना पड़ा।विशेषज्ञों का मानना है कि सैमसन की सबसे बड़ी ताकत उनकी पावर-हिटिंग और तेज रन बनाने की क्षमता है। साथ ही विकेटकीपिंग में भी वह लगातार सुधार कर रहे हैं। अगर उन्हें एशिया कप में मौका मिलता है, तो वह टीम इंडिया की बल्लेबाजी लाइनअप को और मजबूत कर सकते हैं।
एशिया कप से पहले भारतीय टीम की निगाहें न सिर्फ कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों पर होंगी, बल्कि ऐसे खिलाड़ियों पर भी होंगी जो टीम को अतिरिक्त बढ़त दिला सकते हैं। सैमसन इस सूची में प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि चयनकर्ता और टीम मैनेजमेंट उनके इस घरेलू प्रदर्शन को कितना महत्व देते हैं। लेकिन इतना तय है कि संजू सैमसन ने अपनी पारियों से यह साफ कर दिया है कि वह किसी भी बड़े टूर्नामेंट में प्रभाव डालने की क्षमता रखते हैं।





