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ऋषिकंत सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स में जीता ब्रॉन्ज, भारत को दिलाई बड़ी सफलता

Kavita2
26 July 2026 4:44 PM IST
ऋषिकंत सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स में जीता ब्रॉन्ज, भारत को दिलाई बड़ी सफलता
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नई दिल्ली : भारत के युवा वेटलिफ्टर ऋषिकंत सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए रविवार को पुरुषों के 60 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया। मणिपुर के इस खिलाड़ी ने अपने करियर का अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कुल 264 किलोग्राम वजन उठाया और प्रतियोगिता में अपनी मजबूत दावेदारी पेश की।

ऋषिकंत ने प्रतियोगिता के दौरान अपनी तकनीकी क्षमता, आत्मविश्वास और संयम का शानदार परिचय दिया। उन्होंने स्नैच इवेंट में 121 किलोग्राम वजन उठाकर शानदार शुरुआत की। उनका यह प्रदर्शन रिकॉर्ड की बराबरी करने वाला रहा और इसी के दम पर उन्होंने कुछ समय के लिए प्रतियोगिता में बढ़त भी बना ली थी।

क्लीन एंड जर्क में भी ऋषिकंत ने अपनी पूरी क्षमता के साथ प्रदर्शन किया और कुल 264 किलोग्राम वजन उठाकर पोडियम स्थान हासिल किया। ब्रॉन्ज मेडल जीतना उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के सबसे यादगार पलों में से एक बन गया है।

मणिपुर के इम्फाल वेस्ट के रहने वाले ऋषिकंत सिंह ने कम समय में वेटलिफ्टिंग की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। वह भारतीय सेना के स्पोर्ट्स प्रोग्राम के माध्यम से आगे बढ़े और देश के भरोसेमंद वेटलिफ्टर्स में शामिल हुए। सेना के प्रशिक्षण और अनुशासन ने उनके खेल कौशल को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

ऋषिकंत अपनी तकनीकी सटीकता और शांत स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। भारी वजन उठाने जैसे खेल में जहां शारीरिक ताकत के साथ मानसिक संतुलन भी जरूरी होता है, वहां उन्होंने कई मौकों पर अपनी क्षमता साबित की है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए उन्होंने अपनी पहचान मजबूत की है।

कॉमनवेल्थ गेम्स में मिला यह पदक ऋषिकंत के करियर की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है। इस जीत के बाद भारतीय वेटलिफ्टिंग जगत में भी खुशी का माहौल है। खेल प्रेमियों और प्रशंसकों ने उनकी इस उपलब्धि की सराहना की है।

ऋषिकंत की सफलता मणिपुर के खेल प्रतिभाओं की ताकत को भी दर्शाती है। पूर्वोत्तर भारत लंबे समय से खेलों में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सामने लाता रहा है। वेटलिफ्टिंग जैसे खेलों में मणिपुर के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।

इस प्रतियोगिता में ऋषिकंत ने जिस तरह दबाव के बीच प्रदर्शन किया, वह उनकी तैयारी और अनुभव को दिखाता है। स्नैच में शानदार शुरुआत के बाद उन्होंने क्लीन एंड जर्क में भी धैर्य बनाए रखा और पदक की दौड़ में बने रहे।

भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम के लिए भी यह प्रदर्शन उत्साह बढ़ाने वाला है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने इस खेल में लगातार सुधार किया है और कई खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। ऋषिकंत का प्रदर्शन इस सिलसिले को आगे बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि ऋषिकंत में भविष्य में और बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की क्षमता है। उनकी मेहनत, अनुशासन और लगातार सुधार की कोशिश उन्हें आने वाले वर्षों में भारतीय वेटलिफ्टिंग का प्रमुख चेहरा बना सकती है।

ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद ऋषिकंत ने साबित कर दिया है कि कड़ी मेहनत और सही प्रशिक्षण के दम पर छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले खिलाड़ी भी दुनिया के बड़े मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं।

उनकी इस उपलब्धि पर देशभर से बधाइयां मिल रही हैं। खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि ऋषिकंत आने वाले अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भी इसी तरह शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए और पदक जीतेंगे।

कॉमनवेल्थ गेम्स में जीता गया यह ब्रॉन्ज मेडल न केवल ऋषिकंत सिंह के व्यक्तिगत करियर की बड़ी उपलब्धि है, बल्कि भारतीय वेटलिफ्टिंग के बढ़ते कद का भी प्रमाण है। उनकी सफलता आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।

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