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रिंकू सिंह का रणजी में दमदार शतक

Rajeshwari Nishad
18 Oct 2026 6:52 PM IST
रिंकू सिंह का रणजी में दमदार शतक
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UP vs Goa: बिहार के खिलाफ पारी और 267 रन की विशाल जीत दर्ज करने वाली उत्तर प्रदेश की टीम गोवा के सामने घरेलू मैदान पर संघर्ष करती नजर आई। स्पिनरों की मददगार पिच पर गोवा के गेंदबाजों ने यूपी के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। पहले दिन रिंकू सिंह ने नाबाद 118 रन बनाकर टीम की लाज बचाई, जबकि माधव कौशिक ने 45 रन का योगदान दिया। इन दोनों के अलावा यूपी का कोई अन्य बल्लेबाज क्रीज पर टिककर बड़ी पारी नहीं खेल सका।
बिहार के खिलाफ बड़ी जीत के बाद यूपी की मुश्किलें बढ़ीं
उत्तर प्रदेश की टीम ने बिहार के खिलाफ पारी और 267 रन से शानदार जीत दर्ज कर अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया था। इस बड़ी जीत के बाद उम्मीद थी कि टीम गोवा के खिलाफ भी अपने घरेलू मैदान पर दमदार प्रदर्शन करेगी। लेकिन मुकाबले में तस्वीर अलग नजर आई। गोवा के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही यूपी के बल्लेबाजों पर दबाव बनाया और नियमित अंतराल पर विकेट लेकर टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं।
स्पिनरों की मददगार पिच पर बल्लेबाजी करना आसान नहीं था। गेंद के व्यवहार और टर्न ने बल्लेबाजों के सामने चुनौती पेश की। यूपी के कई बल्लेबाज अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में बदलने में नाकाम रहे। नतीजतन, टीम की बल्लेबाजी का भार एक बार फिर मध्यक्रम के बल्लेबाज रिंकू सिंह के कंधों पर आ गया।
रिंकू सिंह ने संभाला मोर्चा, जड़ा नाबाद शतक
भारतीय क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचान बना चुके रिंकू सिंह ने गोवा के गेंदबाजों के सामने संयम और आक्रामकता का अच्छा संतुलन दिखाया। जब दूसरे छोर से विकेट गिर रहे थे, तब उन्होंने पारी को संभालने की जिम्मेदारी उठाई। रिंकू ने नाबाद 118 रन की पारी खेलकर अपनी बल्लेबाजी क्षमता का प्रदर्शन किया।
रिंकू की पारी यूपी के लिए बेहद अहम रही। स्पिनरों के खिलाफ टिककर खेलना और खराब गेंदों को रन में बदलना इस पिच पर जरूरी था। रिंकू ने परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करते हुए टीम को संभालने की कोशिश की। उनका नाबाद शतक इस बात का संकेत रहा कि मुश्किल हालात में भी धैर्य बनाए रखकर बड़ा स्कोर खड़ा किया जा सकता है।
उनकी पारी ने यूपी को पूरी तरह बिखरने से बचाया। हालांकि, दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरने के कारण रिंकू को अपेक्षित साझेदारी नहीं मिल सकी। टेस्ट या बहुदिवसीय प्रारूप में बड़ी पारी का महत्व तभी और बढ़ जाता है, जब बल्लेबाज के साथ दूसरे छोर पर भी कोई खिलाड़ी लंबे समय तक टिके। यूपी को इस मोर्चे पर निराशा हाथ लगी।
माधव कौशिक ने दिया साथ
रिंकू सिंह के अलावा माधव कौशिक ने 45 रन बनाकर टीम को उपयोगी योगदान दिया। उन्होंने रिंकू के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाने की कोशिश की। उनकी बल्लेबाजी से यूपी को कुछ राहत मिली, लेकिन टीम को बड़े स्कोर की ओर ले जाने के लिए लंबी साझेदारियों की जरूरत थी।
माधव की पारी ने यह जरूर दिखाया कि पिच पर धैर्य के साथ बल्लेबाजी करने का मौका मौजूद था। हालांकि, बाकी बल्लेबाज इसका फायदा नहीं उठा सके। गोवा के गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा और यूपी के बल्लेबाजों को अपनी पारी जमाने का अवसर कम ही दिया।
रिंकू और माधव के अलावा किसी बल्लेबाज का बड़ी पारी नहीं खेल पाना यूपी के लिए चिंता का विषय रहा। टीम को आगे के मुकाबलों में बल्लेबाजी के सभी क्रमों से योगदान की जरूरत होगी, ताकि किसी एक या दो खिलाड़ियों पर पूरा भार न पड़े।
स्पिनरों के सामने क्यों मुश्किल में दिखी यूपी?
मुकाबले की पिच स्पिन गेंदबाजों के अनुकूल बताई जा रही है। ऐसी पिचों पर बल्लेबाजों को केवल रक्षात्मक तकनीक पर निर्भर रहने के बजाय गेंद की दिशा, उछाल और टर्न को समझकर खेलना पड़ता है। क्रीज पर टिकने के साथ-साथ स्ट्राइक रोटेट करना भी अहम होता है, ताकि गेंदबाज लगातार दबाव न बना सकें।
गोवा के गेंदबाजों ने इन परिस्थितियों का फायदा उठाया। यूपी के बल्लेबाजों को आसानी से रन बनाने का मौका नहीं मिला और विकेट गिरने से दबाव लगातार बढ़ता गया। जब एक टीम नियमित अंतराल पर विकेट गंवाती है, तो नए बल्लेबाज के लिए पिच और गेंदबाजों के मिजाज को समझना और भी कठिन हो जाता है।
हालांकि, किसी पिच पर स्पिनरों को मदद मिलना अपने आप में असामान्य नहीं है। ऐसे हालात में बल्लेबाजों की तकनीक, धैर्य और साझेदारी बनाने की क्षमता निर्णायक भूमिका निभाती है।
यूपी के लिए आगे की राह आसान नहीं
बिहार के खिलाफ बड़ी जीत के बाद गोवा के सामने संघर्ष करना यूपी के लिए एक अहम संकेत है। घरेलू मैदान पर खेलने के बावजूद टीम की बल्लेबाजी में निरंतरता नजर नहीं आई। रिंकू सिंह का नाबाद शतक सकारात्मक पहलू रहा, लेकिन टीम को मुकाबले में मजबूत स्थिति हासिल करने के लिए अन्य बल्लेबाजों से भी योगदान की जरूरत थी।
आगे के खेल में यूपी की नजरें इस बात पर रहेंगी कि टीम अपनी बल्लेबाजी की कमजोरियों को कैसे दूर करती है। स्पिन के खिलाफ बेहतर फुटवर्क, विकेटों के बीच तालमेल और लंबी साझेदारियां बनाने पर ध्यान देना जरूरी होगा। गेंदबाजों को भी ऐसा प्रदर्शन करना होगा, जिससे टीम मुकाबले में वापसी कर सके।
दूसरी ओर, गोवा के गेंदबाजों के लिए यह प्रदर्शन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है। उन्होंने अनुकूल परिस्थितियों का फायदा उठाकर यूपी की मजबूत मानी जा रही बल्लेबाजी को दबाव में रखा।
कुल मिलाकर, बिहार के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज करने वाली उत्तर प्रदेश की टीम गोवा के सामने पहले दिन संघर्ष करती दिखी। रिंकू सिंह के नाबाद 118 रन और माधव कौशिक के 45 रन के अलावा कोई बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका। अब मुकाबले में यूपी की आगे की रणनीति और गोवा के गेंदबाजों का प्रदर्शन नतीजे की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
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