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नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम की चयन समिति में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। BCCI सूत्रों के मुताबिक पूर्व भारतीय स्पिनर प्रज्ञान ओझा को अजीत अगरकर की जगह सीनियर पुरुष चयन समिति का अंतरिम मुख्य चयनकर्ता बनाया जा रहा है। अगरकर का कार्यकाल समाप्त होने के करीब है और बोर्ड अब चयन समिति के नेतृत्व में बदलाव की तैयारी कर रहा है। ओझा फिलहाल चार सदस्यीय चयन समिति के अंतरिम प्रमुख की भूमिका निभा रहे हैं और उन्हें भविष्य में स्थायी मुख्य चयनकर्ता बनाए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।
अजीत अगरकर जुलाई 2023 से भारत की सीनियर पुरुष चयन समिति के प्रमुख रहे हैं। अब उनके मौजूदा कार्यकाल के समाप्त होने के साथ BCCI नए मुख्य चयनकर्ता को लेकर फैसला करने की प्रक्रिया में है। हाल में बोर्ड की सालाना आम बैठक के बाद चयन समिति से जुड़े निर्णय लेने का अधिकार BCCI पदाधिकारियों को दिया गया था। रिपोर्टों के मुताबिक अगरकर का कार्यकाल अक्टूबर के शुरुआती दिनों में समाप्त होना है।
इस बदलाव के बीच प्रज्ञान ओझा को फिलहाल चयन समिति की कमान दी गई है। मंगलवार को गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने मौजूदा चयन समिति के सदस्यों के साथ लंबी बैठक की थी। इसमें शिव सुंदर दास, अजय रात्रा, आरपी सिंह और प्रज्ञान ओझा मौजूद थे, जबकि अजीत अगरकर इस बैठक का हिस्सा नहीं थे। इस बैठक को आगामी न्यूजीलैंड दौरे और टीम चयन से जोड़कर देखा जा रहा है।
भारत को आगामी न्यूजीलैंड दौरे के लिए अलग-अलग प्रारूपों में टीम चुननी है। इसके अलावा इंडिया ए के मुकाबलों के लिए भी स्क्वॉड का चयन होना है। ऐसे समय में चयन समिति के नेतृत्व में बदलाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अंतरिम मुख्य चयनकर्ता के तौर पर ओझा के सामने खिलाड़ियों के वर्कलोड, अलग-अलग प्रारूपों के लिए टीम संयोजन और आगामी वनडे विश्व कप की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए कई अहम फैसले लेने की चुनौती होगी।
प्रज्ञान ओझा का नाम भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए नया नहीं है। बाएं हाथ के स्पिनर रहे ओझा ने भारत के लिए 24 टेस्ट, 18 वनडे और छह टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल 144 विकेट हासिल किए। इनमें टेस्ट में 113, वनडे में 21 और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 10 विकेट शामिल हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 6 विकेट पर 47 रन रहा।
ओझा ने साल 2008 से 2013 के बीच भारत का प्रतिनिधित्व किया। उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला बेहद यादगार रहा था। उन्होंने नवंबर 2013 में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट मैच खेला था। यही मुकाबला महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का 200वां और आखिरी टेस्ट भी था।
उस मुकाबले में ओझा ने दोनों पारियों में पांच-पांच विकेट लिए और मैच में कुल 10 विकेट अपने नाम किए। पहली पारी में उन्होंने 40 रन देकर पांच विकेट और दूसरी पारी में 49 रन देकर पांच विकेट हासिल किए थे। भारत ने वह मुकाबला पारी और 126 रन से जीता था। शानदार गेंदबाजी के लिए ओझा को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था।
हालांकि इस यादगार प्रदर्शन के बाद भी ओझा भारत के लिए दोबारा अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेल सके। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में खेलना जारी रखा। उनका आखिरी प्रतिस्पर्धी प्रथम श्रेणी मुकाबला नवंबर 2018 में बिहार के लिए आया था। इसके बाद फरवरी 2020 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय और प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी।
ओझा ने इंडियन प्रीमियर लीग में भी लंबा समय बिताया। उन्होंने डेक्कन चार्जर्स और मुंबई इंडियंस जैसी टीमों का प्रतिनिधित्व किया। 2009 में दक्षिण अफ्रीका में खेले गए IPL सीजन में वह डेक्कन चार्जर्स की खिताब जीतने वाली टीम का हिस्सा थे। इसके बाद उन्होंने मुंबई इंडियंस के लिए भी खेला और अपनी स्पिन गेंदबाजी से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अपने करियर के दौरान ओझा को फ्लाइट, नियंत्रण और बल्लेबाजों को आगे निकलकर खेलने के लिए मजबूर करने की क्षमता के लिए जाना जाता था। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने आर अश्विन और हरभजन सिंह जैसे स्पिनरों के साथ गेंदबाजी की। एक समय वह ICC टेस्ट गेंदबाजी रैंकिंग में शीर्ष पांच के करीब भी पहुंचे थे।
चयन समिति में आने के बाद ओझा की भूमिका अब मैदान से पूरी तरह अलग होगी। खिलाड़ी के तौर पर उनका अंतरराष्ट्रीय अनुभव और भारतीय घरेलू क्रिकेट की समझ चयन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। मौजूदा समिति में उनके साथ शिव सुंदर दास, अजय रात्रा और आरपी सिंह शामिल हैं।
फिलहाल BCCI की ओर से स्थायी नए मुख्य चयनकर्ता की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार प्रज्ञान ओझा अंतरिम तौर पर चयन समिति की कमान संभाल रहे हैं और स्थायी पद के प्रमुख दावेदारों में भी शामिल हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो सकता है कि बोर्ड उन्हें पूर्णकालिक मुख्य चयनकर्ता बनाता है या किसी अन्य नाम पर फैसला करता है।
अजीत अगरकर के कार्यकाल के बाद भारतीय क्रिकेट की चयन व्यवस्था में यह बड़ा बदलाव होगा। ओझा के सामने पहला बड़ा काम न्यूजीलैंड दौरे और उससे जुड़े अलग-अलग स्क्वॉड के चयन का हो सकता है। 2027 वनडे विश्व कप को देखते हुए टीम इंडिया के भविष्य के संयोजन पर लिए जाने वाले फैसलों में भी नई चयन समिति की भूमिका अहम रहने वाली है।
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