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नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की नई कप्तान स्मृति मंधाना ने बुधवार को पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर को उनके लंबे और सफल नेतृत्व कार्यकाल के लिए बधाई दी। मंधाना ने कहा कि हरमनप्रीत की कप्तानी में लगभग एक दशक तक खेलना उनके लिए खुशी और सीख का अनुभव रहा। उन्होंने यह भी कहा कि अब टीम मिलकर देश के लिए और अधिक सम्मान हासिल करने की कोशिश करेगी।
हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार को भारतीय महिला क्रिकेट टीम के सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने की घोषणा की थी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी और साफ किया कि कप्तानी छोड़ने के बावजूद वह खिलाड़ी के रूप में भारत के लिए खेलना जारी रखेंगी। उनके फैसले के बाद बीसीसीआई ने स्मृति मंधाना को तीनों फॉर्मेट में भारतीय महिला टीम की नई कप्तान नियुक्त किया।
हरमनप्रीत का कप्तानी कार्यकाल भारतीय महिला क्रिकेट के सबसे महत्वपूर्ण दौरों में से एक रहा। उन्होंने 2016 में भारत की टी20 टीम की पूर्णकालिक कप्तानी संभाली और 2022 में मिताली राज के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद वनडे और टेस्ट टीम की कमान भी उनके हाथ में आई। उनकी कप्तानी में भारत ने कई बड़े मुकाबलों और टूर्नामेंटों में सफलता हासिल की।
सबसे बड़ी उपलब्धियों में 2025 का महिला वनडे विश्व कप खिताब शामिल है। भारत ने घरेलू मैदान पर अपना पहला महिला 50 ओवर विश्व कप जीता और हरमनप्रीत उस ऐतिहासिक उपलब्धि की कप्तान रहीं। इसके अलावा उनके नेतृत्व में भारत ने एशियाई खेलों में भी स्वर्ण पदक जीता। हाल ही में 2026 एशियाई खेलों में भी भारतीय महिला टीम ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
हरमनप्रीत ने अपने कप्तानी करियर में भारत का 211 अंतरराष्ट्रीय मैचों में नेतृत्व किया। इसमें पांच टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले शामिल हैं। सितंबर 2026 में वह 150 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कप्तानी करने वाली पहली खिलाड़ी भी बनी थीं।
हरमनप्रीत के कप्तानी छोड़ने के बाद स्मृति मंधाना को टीम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंधाना पहले से भारतीय टीम की उपकप्तान रही हैं और जरूरत पड़ने पर भारत की कप्तानी भी कर चुकी हैं। उन्होंने इससे पहले 18 टी20 अंतरराष्ट्रीय और चार वनडे मुकाबलों में भारतीय टीम का नेतृत्व किया है।
मंधाना ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए हरमनप्रीत के लिए भावुक संदेश लिखा। उन्होंने कहा, **“इतने सालों तक आपके साथ खेलना खुशी की बात रही है। आपकी कप्तानी के दस साल शानदार रहे हैं और हम मिलकर देश के लिए और भी सम्मान लाने की कोशिश करेंगे।”** उनके इस संदेश को भारतीय महिला क्रिकेट में नेतृत्व परिवर्तन के दौरान आपसी सम्मान और टीम भावना के रूप में देखा जा रहा है।
मंधाना का नया कप्तानी अध्याय 16 अक्टूबर से शुरू होगा। भारत को जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय और तीन वनडे मुकाबलों की घरेलू सीरीज खेलनी है। सीरीज का पहला टी20 मुकाबला 16 अक्टूबर को रायपुर में होगा। इसके बाद 18 और 20 अक्टूबर को भी रायपुर में टी20 मुकाबले खेले जाएंगे। वनडे सीरीज 23 अक्टूबर से वडोदरा में शुरू होगी।
जिम्बाब्वे सीरीज मंधाना के लिए पूर्णकालिक कप्तान के रूप में पहली बड़ी परीक्षा होगी। हालांकि नेतृत्व उनके लिए नया अनुभव नहीं है। वह पहले भी भारत की कप्तानी कर चुकी हैं और महिला प्रीमियर लीग में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की कप्तानी का भी अनुभव रखती हैं। उनकी अगुवाई में RCB ने दो WPL खिताब जीते हैं।
नई कप्तान के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि हरमनप्रीत के लंबे कार्यकाल के बाद टीम के नेतृत्व परिवर्तन को सहज बनाया जाए। अच्छी बात यह है कि हरमनप्रीत ने कप्तानी छोड़ी है, लेकिन टीम से संन्यास नहीं लिया है। वह जिम्बाब्वे के खिलाफ घोषित वनडे और टी20 दोनों टीमों का हिस्सा हैं। यानी मंधाना को नई भूमिका में हरमनप्रीत के अनुभव का लाभ भी मिलता रहेगा।
हरमनप्रीत ने अपने बयान में कहा था कि कप्तानी छोड़ना आसान फैसला नहीं था और इससे कई वर्षों की यादें, भावनाएं और त्याग जुड़े हुए हैं। बीसीसीआई ने भी उनके योगदान को स्वीकार करते हुए कहा कि वह भारतीय महिला क्रिकेट के विकास और उसकी कई ऐतिहासिक उपलब्धियों का महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं।
स्मृति मंधाना लंबे समय से भारतीय महिला क्रिकेट की प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल रही हैं। 2013 में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण के बाद उन्होंने तीनों फॉर्मेट में भारत के लिए लगातार अहम भूमिका निभाई है। बल्लेबाजी के साथ-साथ अब उन पर टीम के रणनीतिक नेतृत्व, खिलाड़ियों के प्रबंधन और मैदान पर फैसलों की भी जिम्मेदारी होगी।
भारतीय महिला टीम के लिए यह बदलाव एक नए दौर की शुरुआत है। एक तरफ हरमनप्रीत कौर का करीब दशक लंबा कप्तानी अध्याय समाप्त हुआ है, वहीं दूसरी ओर स्मृति मंधाना के नेतृत्व में टीम अब नए लक्ष्यों की ओर बढ़ेगी। मंधाना के संदेश से यह भी स्पष्ट है कि हरमनप्रीत का अनुभव और उनका योगदान टीम के लिए आगे भी महत्वपूर्ण रहेगा।
अब सभी की नजर 16 अक्टूबर से शुरू होने वाली जिम्बाब्वे सीरीज पर होगी, जहां स्मृति मंधाना पहली बार पूर्णकालिक ऑल-फॉर्मेट कप्तान के रूप में भारतीय महिला टीम का नेतृत्व करेंगी। हरमनप्रीत कौर टीम में वरिष्ठ खिलाड़ी के रूप में मौजूद रहेंगी और मंधाना के सामने उनके नेतृत्व की विरासत को आगे बढ़ाते हुए भारत के लिए नई सफलताएं हासिल करने की चुनौती होगी।
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