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वेस्टइंडीज के खिलाफ गरजे अय्यर, गावस्कर ने बताया बड़ी वापसी
Kanchan Paikara
7 Oct 2026 4:32 PM IST

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Shreyas Iyer comeback : भारतीय टी20 टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में ऐसी पारी खेली, जिसने उनके हालिया खराब दौर पर एक साथ कई सवालों का जवाब दे दिया। लखनऊ में खेले गए मुकाबले में अय्यर ने नाबाद 102 रन की विस्फोटक पारी खेलते हुए भारत को आठ विकेट से शानदार जीत दिलाई। उनकी इस पारी के बाद महान भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने कहा कि यह शतक बिल्कुल सही समय पर आया है और इससे साफ संकेत मिलता है कि अय्यर अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में वापस लौट चुके हैं।
श्रेयस अय्यर ने जून 2026 में भारत की टी20 टीम की कप्तानी संभाली थी। कप्तानी मिलने के बाद से उन पर लगातार प्रदर्शन का दबाव बना हुआ था। इस दौरान वह सिर्फ दो बार ही 50 रन का आंकड़ा पार कर पाए थे। पिछले कुछ मुकाबलों में उनका बल्ला उम्मीद के मुताबिक नहीं चला था और उनकी बल्लेबाजी को लेकर सवाल भी उठने लगे थे। ऐसे समय में वेस्टइंडीज के खिलाफ आया उनका पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक बेहद अहम माना जा रहा है।
35 रन पर दो विकेट गिरने के बाद संभाली पारी
वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 172 रन का लक्ष्य रखा था। भारतीय टीम की शुरुआत आसान नहीं रही। शुरुआती चार ओवर के अंदर दो विकेट गिर गए और स्कोर 35 रन पर दो विकेट हो गया। इस स्थिति में अय्यर के सामने केवल तेजी से रन बनाने की नहीं, बल्कि पारी को संभालने की भी जिम्मेदारी थी।
कप्तान ने शुरुआत में परिस्थिति को समझा और फिर धीरे-धीरे आक्रामक अंदाज अपनाया। इसके बाद उन्होंने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। अय्यर ने सिर्फ 43 गेंदों में नाबाद 102 रन बनाए। उनकी पारी में 10 चौके और छह छक्के शामिल रहे। भारत ने 172 रन का लक्ष्य सिर्फ 14.4 ओवर में हासिल कर लिया और मैच आठ विकेट से अपने नाम कर लिया।
गावस्कर ने कहा- सही समय पर आया शतक
सुनील गावस्कर ने अय्यर की इस पारी की खास तौर पर तारीफ की। उनका मानना है कि यह शतक ऐसे समय आया, जब कप्तान की बल्लेबाजी को लेकर आलोचना बढ़ रही थी। गावस्कर के मुताबिक यह पारी केवल एक शतक नहीं, बल्कि यह संकेत है कि अय्यर फिर से उसी लय में लौट रहे हैं, जिसके लिए उन्हें जाना जाता है।
गावस्कर ने यह भी कहा कि खराब फॉर्म से गुजर रहे किसी भी खिलाड़ी के लिए इस तरह की पारी आत्मविश्वास लौटाने का बड़ा जरिया बनती है। खासतौर पर तब, जब वह खिलाड़ी टीम की कप्तानी भी कर रहा हो। अय्यर की पारी इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि उन्होंने कठिन परिस्थिति में टीम की जिम्मेदारी संभाली और लक्ष्य तक पहुंचाया।
कप्तानी के दबाव के बीच बड़ा जवाब
श्रेयस अय्यर के लिए पिछले कुछ महीने आसान नहीं रहे थे। कप्तानी की जिम्मेदारी मिलने के बाद हर मैच में उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन की भी चर्चा होती रही। जब कप्तान रन नहीं बनाता तो उस पर सवाल ज्यादा तेज होते हैं। यही वजह है कि वेस्टइंडीज के खिलाफ उनकी यह पारी कई मायनों में खास बन गई।
उन्होंने दबाव की स्थिति में बल्लेबाजी करते हुए न सिर्फ बड़ा स्कोर बनाया, बल्कि मैच को एकतरफा भी कर दिया। इस पारी से टीम के बाकी बल्लेबाजों को भी भरोसा मिला कि कप्तान बड़ी जिम्मेदारी के मौके पर आगे आकर प्रदर्शन कर सकता है।
ईशान किशन के साथ बड़ी साझेदारी
श्रेयस अय्यर ने ईशान किशन के साथ मिलकर मैच को भारत की तरफ मोड़ दिया। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए नाबाद 137 रन की साझेदारी हुई। यह साझेदारी उस वक्त आई जब भारत ने जल्दी दो विकेट गंवा दिए थे। अय्यर ने आक्रामक अंदाज में रन बनाए, जबकि किशन ने दूसरे छोर से उनका अच्छा साथ दिया।
इस साझेदारी की वजह से वेस्टइंडीज के गेंदबाजों को वापसी का कोई मौका नहीं मिला। अय्यर की बल्लेबाजी इतनी प्रभावशाली रही कि भारत ने लक्ष्य 32 गेंद बाकी रहते हासिल कर लिया।
पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक
यह श्रेयस अय्यर के टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला शतक था। उन्होंने सिर्फ 42 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। इसके साथ ही वह वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज भी बने।
अय्यर ने मैच के बाद अपनी पारी को सपने के सच होने जैसा बताया। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से टी20 अंतरराष्ट्रीय में शतक लगाने के बारे में सोच रहे थे और आखिरकार वह मौका आ गया। उन्होंने टीम के आक्रामक माइंडसेट की भी तारीफ की और कहा कि यही सोच जारी रही तो भारत टी20 क्रिकेट की सबसे खतरनाक टीमों में से एक बन सकता है।
खराब दौर के बाद वापसी
अय्यर की इस पारी से पहले उनका हालिया फॉर्म बहुत अच्छा नहीं था। रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय पारियों में वह 30 रन से आगे नहीं बढ़ पाए थे। इस वजह से उन पर लगातार दबाव बढ़ रहा था।
ऐसे में पहला टी20 शतक उनके लिए केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी बड़ी राहत साबित हुआ। लंबे समय से बड़ी पारी का इंतजार कर रहे अय्यर ने जिस अंदाज में शतक लगाया, उससे यह साफ हुआ कि उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की क्षमता अब भी बरकरार है।
भारत ने सीरीज में बनाई बढ़त
वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 में जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। टीम इंडिया की यह लगातार 10वीं टी20 अंतरराष्ट्रीय जीत भी रही।
इस जीत ने सीरीज की शुरुआत भारत के पक्ष में कर दी है। अय्यर का फॉर्म में लौटना टीम के लिए सबसे बड़ा सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। कप्तान का रन बनाना टीम की रणनीति और आत्मविश्वास दोनों के लिए बेहद अहम है।
गावस्कर की तारीफ का बड़ा मतलब
सुनील गावस्कर जैसे दिग्गज बल्लेबाज की ओर से मिली तारीफ अय्यर के लिए खास है। गावस्कर का मानना है कि यह शतक आलोचकों को जवाब देने वाली पारी रही। उन्होंने संकेत दिया कि अय्यर ने अपने बल्ले से उन सभी सवालों को शांत कर दिया है, जो हाल के दिनों में उनकी फॉर्म को लेकर उठ रहे थे।
कुल मिलाकर वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 102 रन की पारी श्रेयस अय्यर के टी20 करियर का एक बड़ा मोड़ साबित हो सकती है। कप्तानी का दबाव, खराब फॉर्म और लगातार बढ़ती उम्मीदों के बीच आया यह शतक उन्हें नई ऊर्जा दे सकता है। सुनील गावस्कर की बातों से भी यही संकेत मिलता है कि भारतीय कप्तान अपने पुराने रंग में लौट चुके हैं। अब नजर इस बात पर होगी कि अय्यर इस लय को बाकी सीरीज और आने वाले बड़े मुकाबलों में कितनी मजबूती से जारी रखते हैं।
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