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दिल्ली-एनसीआर
SIR के खिलाफ सड़क पर उतरी AAP पुलिस ने बैरिकेड्स पर रोका
Ratna Netam
7 Oct 2026 3:22 PM IST

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नई दिल्ली। दिल्ली में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर आम आदमी पार्टी ने बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता कश्मीरी गेट के पास सिंधी अकादमी से दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया। प्रदर्शनकारी मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी कर रहे थे। AAP ने इस प्रक्रिया को लेकर चुनाव अधिकारियों से जवाब मांगा है।
AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया कि दिल्ली में मतदाताओं के नाम योजनाबद्ध तरीके से मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को मुख्य निर्वाचन अधिकारी के सामने उठाना चाहती है। भारद्वाज ने दावा किया कि चुनाव के दौरान हुई कथित गड़बड़ियों से AAP को नुकसान हुआ और अब SIR प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से बाहर हो गए हैं।
भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में SIR के बाद करीब 47 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं किए गए। उन्होंने इसके अलावा लाखों मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाने का भी मुद्दा उठाया। दिल्ली CEO कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त के अंत में जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में पिछली सूची के करीब 1.45 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 47.7 लाख नाम शामिल नहीं हुए थे। अधिकारियों ने इनमें स्थानांतरित, अनुपस्थित, मृत और एक से अधिक स्थानों पर दर्ज मतदाताओं जैसी श्रेणियां बताई थीं।
SIR प्रक्रिया के तहत करीब 33 लाख मतदाताओं को भी अलग-अलग कारणों से नोटिस जारी किए गए थे। इनमें पिछली SIR से मैपिंग नहीं होने और मतदाता विवरण में तार्किक विसंगतियों से जुड़े मामले शामिल हैं। हालिया आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 33.1 लाख नोटिस में से 10 लाख से अधिक मामलों का सत्यापन पूरा किया जा चुका है। चुनाव अधिकारियों ने प्रक्रिया को तेज करने के लिए अतिरिक्त अधिकारियों की तैनाती और दस्तावेज जमा करने की व्यवस्था में बदलाव भी किए हैं।
हालांकि AAP इन आंकड़ों को लेकर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है। सौरभ भारद्वाज ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि अगर दिल्ली के इतने बड़े हिस्से के मतदाता मतदाता सूची से बाहर हो जाते हैं, तो यह गंभीर मामला है। उन्होंने इसे “पूरी तरह से धोखाधड़ी” बताते हुए चुनाव अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। यह AAP का आरोप है और चुनाव अधिकारियों ने नाम हटाए जाने को अलग-अलग पात्रता और सत्यापन संबंधी कारणों से जुड़ी प्रक्रिया बताया है।
बुधवार को AAP के साथ कांग्रेस, वाम दलों और कई अन्य विपक्षी संगठनों के कार्यकर्ता भी दिल्ली CEO कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची में हुए बदलाव रहे। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से मतदाता सूची की समीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने की मांग की है।
AAP नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की प्रक्रिया में किसी भी पात्र नागरिक का मतदान का अधिकार प्रभावित नहीं होना चाहिए। पार्टी का तर्क है कि मतदाता सूची की सफाई जरूरी हो सकती है, लेकिन वास्तविक और पात्र मतदाताओं को पर्याप्त अवसर और स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए। भारद्वाज ने कहा कि इसी मुद्दे को लेकर पार्टी मुख्य निर्वाचन अधिकारी तक अपनी बात पहुंचाना चाहती थी।
दूसरी ओर, चुनाव अधिकारियों का कहना है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन करना और उन प्रविष्टियों की पहचान करना है, जिनमें मतदाता की स्थिति या विवरण को लेकर सत्यापन जरूरी है। अधिकारियों की ओर से उन लोगों के लिए दावा और आपत्ति प्रक्रिया भी उपलब्ध कराई गई है, जिनके नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं हैं। सितंबर में सुप्रीम कोर्ट ने भी दिल्ली में जारी नोटिसों के तरीके पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग से जवाब मांगा था।
इस मुद्दे को लेकर पिछले कुछ दिनों से राजधानी में राजनीतिक विरोध प्रदर्शन लगातार हो रहे हैं। 6 अक्टूबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी नेताओं ने भी चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया था। पुलिस ने उस दौरान कई नेताओं को हिरासत में लिया था। चुनाव आयोग ने विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे पक्षपात और चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर के आरोपों से इनकार किया है।
AAP ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन का ऐलान किया है। सौरभ भारद्वाज ने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थक संगठनों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने संगठनों से यह भी कहा है कि संभावित गिरफ्तारियों की स्थिति में वैकल्पिक नेतृत्व की तैयारी रखी जाए।
दिल्ली की मतदाता सूची को लेकर जारी विवाद अब राजनीतिक दलों के साथ न्यायिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर विपक्ष पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगा रहा है, वहीं निर्वाचन अधिकारी SIR को मतदाता सूची में गलत, डुप्लीकेट या अप्रासंगिक प्रविष्टियों की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया बता रहे हैं। फिलहाल अंतिम मतदाता सूची जारी होने से पहले दावे, आपत्तियां और सत्यापन की प्रक्रिया जारी है।
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