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आखिरी मैच में भी छाए मेसी, गोल के साथ अर्जेंटीना को कहा अलविदा
Kanchan Paikara
7 Oct 2026 3:25 PM IST

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लियोनेल मेसी : फुटबॉल की दुनिया के महान खिलाड़ियों में शुमार लियोनेल मेसी ने अर्जेंटीना के लिए अपना आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला खेल लिया है। 39 साल के मेसी ने अपने विदाई मैच में भी वही अंदाज दिखाया, जिसके लिए पूरी दुनिया उन्हें जानती है। ब्यूनस आयर्स के मॉन्यूमेंटल स्टेडियम में 85 हजार से ज्यादा दर्शकों के सामने अर्जेंटीना ने बेनिन को 3-0 से हराया और मेसी ने इस जीत में एक गोल तथा दो असिस्ट के साथ अहम भूमिका निभाई। इसके साथ ही उनके 21 साल लंबे इंटरनेशनल करियर का भावुक अंत हो गया।
मेसी के लिए यह मुकाबला सिर्फ एक दोस्ताना मैच नहीं था, बल्कि अर्जेंटीना की जर्सी में उनकी आखिरी मौजूदगी थी। मैच से पहले ही पूरा माहौल भावुक नजर आया। स्टेडियम में विशाल नंबर 10 की जर्सी के साथ ‘Gracias’ यानी धन्यवाद का संदेश दिखाई दिया। जैसे ही मेसी मैदान पर उतरे, पूरा स्टेडियम तालियों और नारों से गूंज उठा। उनके परिवार के सदस्य भी इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने।
आखिरी मैच में भी छाया मेसी का जादू
पहला हाफ गोलरहित रहा, लेकिन दूसरे हाफ में अर्जेंटीना ने अपना असली रंग दिखाया। 48वें मिनट में मेसी के कॉर्नर पर निकोलस ओटामेंडी ने गोल करते हुए अर्जेंटीना को बढ़त दिलाई। इसके बाद 61वें मिनट में मेसी ने निको पाज को शानदार पास दिया और पाज ने उसे गोल में बदलकर स्कोर 2-0 कर दिया।
फैंस को जिस पल का इंतजार था, वह 71वें मिनट में आया। अर्जेंटीना को पेनल्टी मिली और मेसी ने गेंद संभाली। पूरा स्टेडियम खड़ा हो गया। मेसी ने पेनल्टी को गोल में बदलते हुए अपने इंटरनेशनल करियर का 126वां गोल किया। यह उनके शानदार करियर का आखिरी इंटरनेशनल गोल साबित हुआ।
208 मैच और 126 गोल के साथ विदाई
मेसी ने अर्जेंटीना के लिए कुल 208 सीनियर इंटरनेशनल मुकाबले खेले और 126 गोल के साथ देश के सर्वकालिक शीर्ष गोलस्कोरर के रूप में अपना करियर समाप्त किया। इंटर मियामी की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार उनके नाम अर्जेंटीना के लिए 70 असिस्ट भी दर्ज हुए। वह देश के लिए सर्वाधिक मैच खेलने वाले खिलाड़ी भी हैं।
इन आंकड़ों से भी बड़ी कहानी मेसी के उस सफर की है, जिसमें उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे। एक समय ऐसा था जब अर्जेंटीना की जर्सी में उनके प्रदर्शन को लेकर लगातार सवाल उठते थे। विश्व कप और कोपा अमेरिका के फाइनल में हार के बाद उन पर दबाव काफी बढ़ गया था। लेकिन बाद के वर्षों में उन्होंने अर्जेंटीना को उन उपलब्धियों तक पहुंचाया, जिनका देश लंबे समय से इंतजार कर रहा था।
विश्व कप जीत ने पूरा किया सपना
मेसी के इंटरनेशनल करियर का सबसे बड़ा पल 2022 का फीफा विश्व कप रहा, जब अर्जेंटीना ने कतर में खिताब जीता। इसके अलावा उनके नेतृत्व में अर्जेंटीना ने 2021 और 2024 में कोपा अमेरिका तथा 2022 में फाइनलिसिमा भी अपने नाम की। इस तरह उन्होंने सीनियर टीम के साथ चार बड़े खिताब जीते।
विश्व कप जीतने के बाद अर्जेंटीना में मेसी की लोकप्रियता एक अलग स्तर पर पहुंच गई। लंबे समय तक उनकी तुलना डिएगो माराडोना से की जाती रही, लेकिन कतर विश्व कप जीतने के बाद उन्होंने अपनी अलग विरासत स्थापित कर ली।
विदाई में भावुक हुए मेसी
मैच के बाद मेसी काफी भावुक नजर आए। उन्होंने दर्शकों को संबोधित करते हुए अर्जेंटीना की जर्सी पहनने को अपने लिए गर्व की बात बताया। उन्होंने अपने लंबे सफर में मिले समर्थन के लिए फैंस और टीम के साथियों का धन्यवाद किया। मैच के दौरान और उसके बाद कई मौकों पर उनकी आंखों में आंसू दिखाई दिए।
उनकी विदाई को अर्जेंटीना में एक राष्ट्रीय उत्सव जैसा माहौल मिला। ब्यूनस आयर्स की कई इमारतों और जगहों को अर्जेंटीना के आसमानी और सफेद रंगों से रोशन किया गया। स्टेडियम में आतिशबाजी हुई और बाद में विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
ओटामेंडी ने भी कहा अलविदा
यह मैच सिर्फ मेसी के लिए ही आखिरी नहीं था। अर्जेंटीना के अनुभवी डिफेंडर निकोलस ओटामेंडी ने भी इसी मुकाबले के साथ इंटरनेशनल फुटबॉल को अलविदा कहा। खास बात यह रही कि विदाई मैच में अर्जेंटीना का पहला गोल भी ओटामेंडी ने ही किया, जिसमें मेसी ने असिस्ट दिया।
2005 में शुरू हुआ था सफर
मेसी ने अर्जेंटीना की सीनियर टीम के लिए 2005 में डेब्यू किया था। उनका पहला मुकाबला हंगरी के खिलाफ था। उस मैच में उनका डेब्यू बेहद छोटा रहा क्योंकि मैदान पर उतरने के कुछ समय बाद ही उन्हें रेड कार्ड दिखा दिया गया था। लेकिन इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और धीरे-धीरे अर्जेंटीना फुटबॉल की सबसे बड़ी पहचान बन गए।
करीब दो दशक से अधिक समय तक मेसी अर्जेंटीना की उम्मीदों का सबसे बड़ा चेहरा रहे। उन्होंने छह विश्व कप खेले और कई बड़े टूर्नामेंट में टीम का नेतृत्व किया।
क्लब फुटबॉल में जारी रहेगा सफर
इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास लेने का मतलब मेसी के पूरे फुटबॉल करियर का अंत नहीं है। वह क्लब स्तर पर इंटर मियामी के साथ खेलना जारी रखेंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार उनका क्लब करियर अभी आगे चलेगा, लेकिन अर्जेंटीना की नीली-सफेद जर्सी में अब वह दोबारा मैदान पर नजर नहीं आएंगे।
मेसी की विदाई के साथ अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल के एक ऐतिहासिक युग का भी अंत हो गया। 208 मैच, 126 गोल, 70 असिस्ट, विश्व कप और दो कोपा अमेरिका खिताब—ये आंकड़े आने वाली पीढ़ियों को उनकी महानता की याद दिलाते रहेंगे।
अपने आखिरी मुकाबले में एक गोल और दो असिस्ट देकर मेसी ने विदाई को भी यादगार बना दिया। अर्जेंटीना के लिए उनका आखिरी मैच जीत, गोल, आंसू और हजारों प्रशंसकों के धन्यवाद के साथ समाप्त हुआ। फुटबॉल के मैदान पर उनकी नंबर 10 जर्सी अब खाली होगी, लेकिन अर्जेंटीना फुटबॉल के इतिहास में लियोनेल मेसी का नाम हमेशा सबसे खास अध्यायों में दर्ज रहेगा।
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