
टोक्यो, पीटीआई। जापान ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ियों का अभियान निराशाजनक रहा। युवा शटलर आयुष शेट्टी और उन्नति हुड्डा को बुधवार को खेले गए मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। वहीं अनुभवी खिलाड़ी लक्ष्य सेन भी अपना मुकाबला नहीं जीत सके। भारत के तीनों प्रमुख खिलाड़ी टूर्नामेंट के पहले दौर में ही बाहर हो गए।
एशिया चैंपियनशिप के उपविजेता आयुष शेट्टी ने अपने मुकाबले में कड़ा संघर्ष किया, लेकिन वह जीत हासिल नहीं कर सके। आयुष को दूसरी वरीयता प्राप्त थाईलैंड के पूर्व विश्व चैंपियन कुन्लावुत वितिदसर्न ने हराया। दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला काफी रोमांचक रहा।
कुन्लावुत ने पहला गेम 21-19 से अपने नाम किया। इसके बाद आयुष ने शानदार वापसी करते हुए दूसरा गेम 23-25 से जीत लिया और मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचाया। हालांकि तीसरे और अंतिम गेम में थाई खिलाड़ी ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए 21-15 से जीत दर्ज की और मैच अपने नाम कर लिया।
दूसरी ओर महिला एकल वर्ग में भारत की उन्नति हुड्डा भी पहले दौर की बाधा पार नहीं कर सकीं। विश्व रैंकिंग में 24वें स्थान पर मौजूद उन्नति का सामना चीनी ताइपै की हुआंग यू सुन से हुआ। मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला।
उन्नति ने पहला गेम 21-16 से जीतकर अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन इसके बाद हुआंग ने वापसी की। उन्होंने दूसरा गेम 21-16 और तीसरा गेम 21-15 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। उन्नति ने पूरे मैच में मेहनत की, लेकिन निर्णायक पलों में वह बढ़त बनाए रखने में सफल नहीं रहीं।
पुरुष एकल में भारत के स्टार खिलाड़ी लक्ष्य सेन से भी प्रशंसकों को काफी उम्मीदें थीं। ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के उपविजेता लक्ष्य का सामना जापान के स्थानीय खिलाड़ी कोकी वातानाबे से हुआ। हालांकि लक्ष्य अपने लय में नजर नहीं आए और सीधे गेम में हार गए।
कोकी वातानाबे ने 38 मिनट तक चले मुकाबले में लक्ष्य सेन को 21-16, 21-14 से हराया। जापानी खिलाड़ी ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और लक्ष्य को वापसी का ज्यादा मौका नहीं दिया।
जापान ओपन में भारत के तीनों खिलाड़ियों के पहले दौर में बाहर होने को अगले महीने दिल्ली में होने वाली विश्व चैंपियनशिप से पहले एक चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है। भारतीय खिलाड़ियों को अब अपनी कमजोरियों पर काम करना होगा ताकि आगामी बड़े टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।
आयुष शेट्टी, लक्ष्य सेन और उन्नति हुड्डा जैसे खिलाड़ियों से भारतीय बैडमिंटन को काफी उम्मीदें हैं। खासकर युवा खिलाड़ियों के लिए यह टूर्नामेंट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव हासिल करने का बड़ा मौका था। हालांकि इस बार परिणाम उनके पक्ष में नहीं रहे।
भारतीय टीम अब आगामी प्रतियोगिताओं में वापसी की कोशिश करेगी। विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले खिलाड़ियों को अपनी फिटनेस, रणनीति और मानसिक मजबूती पर विशेष ध्यान देना होगा। जापान ओपन में मिली हार से सीख लेकर भारतीय शटलर आने वाले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद करेंगे।





