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हरमनप्रीत की कप्तानी का सुनहरा सफर खत्म, भारत को दिलाए कई ऐतिहासिक खिताब

Rajeshwari Nishad
6 Oct 2026 2:21 PM IST
हरमनप्रीत की कप्तानी का सुनहरा सफर खत्म, भारत को दिलाए कई ऐतिहासिक खिताब
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Harmanpreet Kaur Achievements: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की दिग्गज खिलाड़ी हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का ऐलान कर दिया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए अपने फैसले की जानकारी दी। इसके साथ ही भारतीय महिला क्रिकेट में उनके करीब एक दशक लंबे नेतृत्व युग का अंत हो गया। हालांकि हरमनप्रीत ने साफ किया है कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास नहीं ले रही हैं और बतौर खिलाड़ी भारत के लिए खेलना जारी रखेंगी।

हरमनप्रीत कौर ने 2016 में भारतीय महिला टी20 टीम की पूर्णकालिक कप्तानी संभाली थी। इसके बाद 2022 में मिताली राज के संन्यास के बाद उन्हें वनडे टीम की कमान भी मिली। आगे चलकर वह तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम की कप्तान बनीं। उनके नेतृत्व में भारत ने 5 टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। टी20 अंतरराष्ट्रीय में 155 मैचों में कप्तानी करना अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि है।
हरमनप्रीत की कप्तानी की सबसे बड़ी उपलब्धि साल 2025 में आई, जब भारत ने पहली बार महिला वनडे विश्व कप का खिताब जीता। इससे पहले भारतीय महिला टीम 2005 और 2017 में फाइनल तक पहुंची थी, लेकिन ट्रॉफी जीतने में सफल नहीं हो सकी थी। हरमनप्रीत की अगुवाई में भारत ने इस लंबे इंतजार को खत्म किया और घरेलू मैदान पर विश्व विजेता बना। यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनी जाएगी।
इस जीत के साथ हरमनप्रीत उन चुनिंदा भारतीय कप्तानों में शामिल हो गईं जिन्होंने देश को 50 ओवर का विश्व कप जिताया। महिला क्रिकेट में यह उपलब्धि ऐतिहासिक रही क्योंकि भारत को पहली बार वनडे विश्व कप की ट्रॉफी मिली। यही खिताब हरमनप्रीत के कप्तानी करियर की सबसे मजबूत पहचान बन गया।
हरमनप्रीत के नेतृत्व में भारत ने एशियन गेम्स में भी शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने 2022 और 2026 में दो बार स्वर्ण पदक जीता। खास बात यह रही कि 2026 एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने के कुछ समय बाद ही हरमनप्रीत ने कप्तानी छोड़ने का फैसला किया। इससे उनका कार्यकाल एक बड़े खिताब के साथ समाप्त हुआ।
एशिया कप में भी हरमनप्रीत का रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा। उनके नेतृत्व से जुड़े दौर में भारत ने कई बार एशियाई क्रिकेट में अपना दबदबा कायम रखा। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय टीम ने उनके कप्तानी काल में 2012, 2016, 2022 और 2026 में एशिया कप खिताब जीते। यह उपलब्धि दिखाती है कि भारत ने उनके नेतृत्व में महाद्वीपीय स्तर पर लगातार मजबूत प्रदर्शन किया।
2022 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भी भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने हरमनप्रीत की कप्तानी में
सिल्वर मेडल
जीता था। उस टूर्नामेंट में महिला क्रिकेट को पहली बार टी20 प्रारूप में शामिल किया गया था। भारत फाइनल तक पहुंचा और रजत पदक जीतने में सफल रहा। यह भी हरमनप्रीत के नेतृत्व करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है।
सिर्फ सीमित ओवरों की क्रिकेट ही नहीं, टेस्ट में भी हरमनप्रीत की कप्तानी ने इतिहास रचा। 2026 में भारत ने लॉर्ड्स के मैदान पर इंग्लैंड को 270 रन से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। लॉर्ड्स में महिला टेस्ट के लिहाज से यह जीत बेहद खास थी। लंबे फॉर्मेट में रणनीतिक कप्तानी और गेंदबाजों के इस्तेमाल ने हरमनप्रीत की नेतृत्व क्षमता को अलग पहचान दी।
टी20 क्रिकेट में हरमनप्रीत ने कप्तान के तौर पर कई बड़े रिकॉर्ड भी बनाए। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज कप्तान मेग लैनिंग को पीछे छोड़ते हुए महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय में सर्वाधिक जीत दर्ज करने वाली कप्तानों में शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके साथ ही वह 150 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कप्तानी करने वाली पहली क्रिकेटर भी बनीं। यह रिकॉर्ड उनके लंबे और निरंतर नेतृत्व की तस्वीर पेश करता है।
हरमनप्रीत की कप्तानी की सबसे बड़ी खासियत उनका आक्रामक रवैया रहा। उन्होंने भारतीय महिला टीम को बड़े मुकाबलों में दबाव से लड़ना सिखाया। उनके नेतृत्व में टीम ने ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी मजबूत टीमों को कई बार कड़ी चुनौती दी। 1999 के बाद पहली बार भारत ने इंग्लैंड में द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीतने की उपलब्धि भी उनके नेतृत्व में हासिल की।
उनकी कप्तानी सिर्फ ट्रॉफियों और रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रही। इस दौरान भारतीय महिला क्रिकेट का प्रोफाइल भी तेजी से बढ़ा। महिला प्रीमियर लीग की शुरुआत हुई, खिलाड़ियों को ज्यादा अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर मिला और भारतीय महिला टीम बड़े टूर्नामेंटों में नियमित दावेदार बनी। हरमनप्रीत इस बदलाव के केंद्र में रहीं।
कप्तानी छोड़ने के अपने संदेश में हरमनप्रीत ने कहा कि उन्होंने टीम के लिए कई बार अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं और प्रदर्शन को पीछे रखा। उन्होंने यह भी कहा कि अब उन्हें लगता है कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी है और टीम अच्छी स्थिति में है। उन्होंने अपने साथियों, कोचों, सपोर्ट स्टाफ, बीसीसीआई, परिवार और फैंस का आभार जताया।
फिलहाल भारतीय महिला टीम के अगले कप्तान का आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है। स्मृति मंधाना का नाम संभावित विकल्प के रूप में चर्चा में है, लेकिन अंतिम फैसला बीसीसीआई को करना है।
हरमनप्रीत कौर का कप्तानी सफर अब भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन भारतीय महिला क्रिकेट पर उनकी छाप लंबे समय तक बनी रहेगी। एक वनडे विश्व कप, दो एशियन गेम्स गोल्ड, एशिया कप खिताब, कॉमनवेल्थ गेम्स सिल्वर, लॉर्ड्स टेस्ट जीत और टी20 कप्तानी के कई रिकॉर्ड उनके नेतृत्व की कहानी बताते हैं। उन्होंने भारतीय महिला टीम को सिर्फ जीतना ही नहीं, बल्कि बड़े मंच पर बिना डरे खेलना भी सिखाया।
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