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मीटिंग के अगले दिन हरमनप्रीत ने छोड़ी कप्तानी, उठे सवाल

Rajeshwari Nishad
6 Oct 2026 1:15 PM IST
मीटिंग के अगले दिन हरमनप्रीत ने छोड़ी कप्तानी, उठे सवाल
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Harmanpreet resign story: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी से हरमनप्रीत कौर के अचानक हटने के फैसले ने क्रिकेट जगत में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 24 घंटे पहले तक वह तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम की कप्तान थीं, लेकिन मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए घोषणा कर दी कि वह टेस्ट, वनडे और टी20—तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ रही हैं। खास बात यह है कि उनका फैसला गुवाहाटी में हुई बीसीसीआई की एक अहम रिव्यू मीटिंग के ठीक बाद आया। इसी टाइमिंग ने इस पूरे मामले को और दिलचस्प बना दिया है।

गुवाहाटी में हुई इस बैठक की अध्यक्षता बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने की थी। बैठक में भारतीय महिला टीम के हेड कोच अमोल मजूमदार, कप्तान हरमनप्रीत कौर और उपकप्तान स्मृति मंधाना मौजूद थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक मीटिंग में पिछले कुछ महीनों में टीम के प्रदर्शन, भविष्य की दिशा और आगे की योजनाओं पर चर्चा हुई। इसके अगले ही दिन हरमनप्रीत ने कप्तानी छोड़ दी, इसलिए सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या इस बैठक में नेतृत्व परिवर्तन पर भी बात हुई थी। हालांकि बीसीसीआई या हरमनप्रीत की तरफ से ऐसा कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है कि उन पर कप्तानी छोड़ने का दबाव था।
हरमनप्रीत ने अपने बयान में साफ किया है कि कप्तानी छोड़ना उनके लिए आसान फैसला नहीं था। उन्होंने कहा कि कप्तानी के वर्षों के साथ कई यादें, भावनाएं और त्याग जुड़े हुए हैं। उन्होंने यह भी लिखा कि उन्होंने टीम और भारतीय महिला क्रिकेट के लिए अपना सबकुछ दिया और कई बार अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं और प्रदर्शन को भी टीम के हित में पीछे रखा। उनका कहना था कि अब उन्हें लगता है कि उन्होंने कप्तान के रूप में अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी है।
हरमनप्रीत ने यह भी संकेत दिया कि वह मानसिक रूप से इस फैसले को लेकर शांत हैं। उन्होंने कहा कि टीम अब ऐसी स्थिति में है जहां उसमें प्रतिभा, चरित्र और विश्वास मौजूद है। उनके मुताबिक वह टीम के भविष्य को लेकर उत्साहित हैं और अब बिना कप्तानी के दबाव के क्रिकेट खेलना चाहती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह भारतीय टीम के लिए तीनों फॉर्मेट में खिलाड़ी के तौर पर उपलब्ध रहेंगी।
यही बयान फिलहाल यह संकेत देता है कि आधिकारिक तौर पर यह फैसला हरमनप्रीत का अपना है। लेकिन गुवाहाटी की रिव्यू मीटिंग और उसके ठीक अगले दिन कप्तानी छोड़ने के ऐलान ने अटकलों को जन्म दिया है। क्या बीसीसीआई भविष्य की योजना को लेकर नए नेतृत्व की तरफ बढ़ना चाहता था? क्या मीटिंग में हरमनप्रीत से कप्तानी के भविष्य पर चर्चा हुई? या फिर उन्होंने खुद यह महसूस किया कि अब जिम्मेदारी अगली पीढ़ी को सौंपने का समय आ गया है? इन सवालों के स्पष्ट जवाब फिलहाल सामने नहीं आए हैं।
हरमनप्रीत कौर का कप्तानी करियर भारतीय महिला क्रिकेट के सबसे महत्वपूर्ण दौरों में से एक रहा है। उन्होंने टी20 टीम की कप्तानी कई साल तक संभाली और 2022 में मिताली राज के संन्यास के बाद वनडे टीम की कमान भी उनके हाथों में आई। इसके बाद वह सभी फॉर्मेट की कप्तान बनीं। उनके नेतृत्व में भारत ने बड़े टूर्नामेंटों में कई यादगार उपलब्धियां हासिल कीं। 2025 में भारत ने उनके नेतृत्व में अपना पहला महिला वनडे विश्व कप खिताब जीता, जबकि 2026 एशियन गेम्स में टीम ने स्वर्ण पदक भी हासिल किया।
यही वजह है कि उनकी कप्तानी छोड़ने का फैसला और भी चौंकाने वाला माना जा रहा है। हाल ही में टीम ने उनके नेतृत्व में बड़ी सफलता हासिल की थी और ऐसे समय में कप्तानी परिवर्तन की उम्मीद बहुत कम लोगों को रही होगी। हालांकि लंबे समय तक कप्तानी करना मानसिक और शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण भी होता है। हरमनप्रीत के बयान में इस बात के संकेत भी मिले कि नेतृत्व की जिम्मेदारी के दौरान उन्हें कई बार अपने निजी खेल और व्यक्तिगत लक्ष्यों से समझौता करना पड़ा।
अब सबसे बड़ा सवाल भारतीय महिला क्रिकेट टीम के अगले कप्तान को लेकर है। स्मृति मंधाना लंबे समय से टीम की उपकप्तान रही हैं और नेतृत्व समूह का अहम हिस्सा मानी जाती हैं। हालांकि बीसीसीआई ने अभी तक नए कप्तान की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। इसलिए किसी भी नाम को फिलहाल तय मानना जल्दबाजी होगी।
हरमनप्रीत के फैसले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास नहीं लिया है। वह टीम के लिए उपलब्ध रहेंगी और उनका अनुभव नए कप्तान के लिए भी बेहद उपयोगी हो सकता है। लंबे समय तक टीम का नेतृत्व करने के बाद अब वह सिर्फ बल्लेबाज और खिलाड़ी की भूमिका पर ध्यान केंद्रित कर सकती हैं।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि हरमनप्रीत कौर को कप्तानी छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। उनके सार्वजनिक बयान में उन्होंने इस फैसले को अपनी ओर से लिया गया कदम बताया है। लेकिन चूंकि यह फैसला बीसीसीआई की रिव्यू मीटिंग के अगले ही दिन आया है, इसलिए उस बैठक में हुई चर्चा को लेकर सवाल बने रहेंगे। जब तक बोर्ड या हरमनप्रीत इस बारे में और स्पष्ट जानकारी नहीं देते, दबाव या मजबूरी की बात केवल अटकल ही मानी जाएगी।
हरमनप्रीत ने अपनी पोस्ट के अंत में साफ संदेश दिया कि कप्तानी जरूर खत्म हुई है, लेकिन उनका क्रिकेट सफर जारी है। अब भारतीय महिला क्रिकेट एक नए नेतृत्व की ओर बढ़ेगा, जबकि हरमनप्रीत एक अनुभवी खिलाड़ी के रूप में टीम का हिस्सा बनी रहेंगी।
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