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धोनी की CSK के पूर्व गुरु को ऑस्ट्रेलिया ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

Rajeshwari Nishad
6 Nov 2026 12:31 PM IST
धोनी की CSK के पूर्व गुरु को ऑस्ट्रेलिया ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी
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स्पोर्ट्स : ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम ने आगामी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की तैयारियों को मजबूत करने के लिए अहम फैसला लिया है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने पूर्व दिग्गज बल्लेबाज माइकल हसी को पुरुष राष्ट्रीय टीम का कोचिंग सलाहकार नियुक्त किया है। हसी 2027 में होने वाली प्रतिष्ठित एशेज सीरीज और वनडे विश्व कप के दौरान टीम की तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा उन्हें 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक और टी20 विश्व कप के लिए भी विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने शुक्रवार, 6 नवंबर को इस नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा की।
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में 'मिस्टर क्रिकेट' के नाम से मशहूर माइकल हसी अपने शानदार बल्लेबाजी कौशल, अनुशासन और मुश्किल परिस्थितियों में बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए जाने जाते हैं। अब वह अपने लंबे अंतरराष्ट्रीय अनुभव का इस्तेमाल ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाड़ियों को बेहतर बनाने में करेंगे। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम को आगामी वर्षों में कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने हैं।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अनुसार, माइकल हसी को 2027 एशेज सीरीज और वनडे विश्व कप के लिए सलाहकार कोच की भूमिका दी गई है। वहीं 2028 में लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक खेलों और ऑस्ट्रेलिया तथा न्यूजीलैंड की संयुक्त मेजबानी में आयोजित होने वाले टी20 विश्व कप के लिए वह टी20 सलाहकार के रूप में काम करेंगे।
हसी की नियुक्ति के पीछे ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी को मजबूत करना भी एक प्रमुख उद्देश्य है। हाल के दिनों में ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम के बल्लेबाजी प्रदर्शन को लेकर सवाल उठे हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में मिली 2-1 की हार ने टीम की कमजोरियों को उजागर किया। विशेष रूप से शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों का लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाना चिंता का विषय रहा है।
ऑस्ट्रेलियाई टीम को अगस्त में बांग्लादेश के खिलाफ भी अप्रत्याशित टेस्ट हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में टीम प्रबंधन आगामी एशेज सीरीज से पहले बल्लेबाजी विभाग को मजबूत करना चाहता है। माइकल हसी जैसे अनुभवी खिलाड़ी की मौजूदगी से बल्लेबाजों को तकनीकी और मानसिक दोनों स्तरों पर मार्गदर्शन मिलने की उम्मीद है।
माइकल हसी अपनी नई जिम्मेदारी की शुरुआत इसी महीने करेंगे। वह 21 नवंबर से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू होने वाली पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के दौरान ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ जुड़ेंगे। इसके बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज की तैयारियों में भी सहयोग करेंगे। इससे उन्हें खिलाड़ियों की मौजूदा स्थिति समझने और टीम प्रबंधन के साथ भविष्य की रणनीति तैयार करने का अवसर मिलेगा।
ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती 2027 की एशेज सीरीज होगी। यह प्रतिष्ठित टेस्ट सीरीज इंग्लैंड की मेजबानी में जून से अगस्त 2027 के बीच खेली जाएगी। इंग्लैंड की परिस्थितियों में बल्लेबाजी करना हमेशा चुनौतीपूर्ण माना जाता है। वहां स्विंग और सीम गेंदबाजी का सामना करने के लिए बल्लेबाजों को मजबूत तकनीक और धैर्य की जरूरत होती है। ऐसे में माइकल हसी का अनुभव ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
हसी अपने खेल के दिनों में इंग्लैंड सहित दुनिया के कई देशों में सफल रहे हैं। वह लंबे समय तक ऑस्ट्रेलिया के मध्यक्रम की बल्लेबाजी का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे। मुश्किल परिस्थितियों में साझेदारी बनाने और टीम को संकट से बाहर निकालने की उनकी क्षमता को क्रिकेट जगत में काफी सराहा जाता था।
51 वर्षीय माइकल हसी ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 79 टेस्ट मैच खेले और 51 से अधिक की औसत से बल्लेबाजी की। इसके अलावा उन्होंने 185 वनडे और 38 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भी देश का प्रतिनिधित्व किया। उनकी बल्लेबाजी में तकनीक, संयम और आक्रामकता का शानदार संतुलन देखने को मिलता था।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी हसी लगातार क्रिकेट से जुड़े रहे हैं। उन्होंने विभिन्न देशों की टीमों और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में कोचिंग तथा सलाहकार की भूमिकाएं निभाई हैं। इंडियन प्रीमियर लीग में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ भी उनका लंबा जुड़ाव रहा है। वह टीम के बल्लेबाजी कोच के रूप में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के साथ काम कर चुके हैं।
हसी ने इससे पहले इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम के साथ भी काम किया था। वर्ष 2022 में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित टी20 विश्व कप के दौरान वह इंग्लैंड के कोचिंग सहयोगी दल का हिस्सा थे। उस टूर्नामेंट में इंग्लैंड ने खिताब जीता था। इससे उनके कोचिंग अनुभव और अलग-अलग परिस्थितियों में काम करने की क्षमता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद माइकल हसी ने उत्साह व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ अधिक औपचारिक और महत्वपूर्ण भूमिका में जुड़ने को लेकर वह बेहद उत्साहित हैं। हसी ने उम्मीद जताई कि उनका अनुभव टीम के खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के लिए उपयोगी साबित होगा।
ऑस्ट्रेलियाई टीम के मुख्य कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने भी माइकल हसी की नियुक्ति का स्वागत किया है। उन्होंने हसी के अंतरराष्ट्रीय अनुभव, क्रिकेट की समझ और विभिन्न प्रारूपों में काम करने की क्षमता की सराहना की। मैकडोनाल्ड के अनुसार, हसी पहले भी ऑस्ट्रेलियाई टीम के सहयोगी स्टाफ का महत्वपूर्ण हिस्सा रह चुके हैं और उनका अनुभव मौजूदा खिलाड़ियों के लिए फायदेमंद होगा।
माइकल हसी की भूमिका केवल बल्लेबाजी तकनीक सुधारने तक सीमित नहीं रहेगी। टी20 सलाहकार के रूप में वह टीम की रणनीति, विपक्षी खिलाड़ियों के विश्लेषण, प्रतिभाओं की पहचान और प्रदर्शन सुधारने से जुड़ी योजनाओं में भी सहयोग करेंगे। इसका उद्देश्य ऑस्ट्रेलिया को छोटे प्रारूप के बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए बेहतर तरीके से तैयार करना है।
वर्ष 2028 में होने वाले लॉस एंजिल्स ओलंपिक में क्रिकेट की वापसी होने जा रही है। पुरुष और महिला टी20 क्रिकेट को ओलंपिक कार्यक्रम में शामिल किया गया है। क्रिकेट इससे पहले वर्ष 1900 के पेरिस ओलंपिक में खेला गया था। ऐसे में 128 साल बाद ओलंपिक में क्रिकेट की वापसी ऐतिहासिक अवसर होगी।
ऑस्ट्रेलिया इस मौके पर मजबूत टीम उतारकर पदक जीतने की चुनौती पेश करना चाहेगा। माइकल हसी का अनुभव इस लक्ष्य की तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके अलावा 2028 में ही ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में टी20 विश्व कप का आयोजन होना है। घरेलू परिस्थितियों में विश्व कप खेलने के कारण ऑस्ट्रेलिया से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जाएगी।
इससे पहले 2027 का वनडे विश्व कप भी ऑस्ट्रेलिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा। दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की मेजबानी में होने वाले इस टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया अपना मजबूत प्रदर्शन जारी रखना चाहेगा। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 2023 में भारत में आयोजित वनडे विश्व कप का खिताब जीता था और अब वह अगले संस्करण में भी अपनी दावेदारी मजबूत करना चाहेगी।
कुल मिलाकर माइकल हसी की नियुक्ति ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की दीर्घकालिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है। टीम प्रबंधन उनके अनुभव का इस्तेमाल टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों प्रारूपों में करना चाहता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि 'मिस्टर क्रिकेट' की कोचिंग और सलाह से ऑस्ट्रेलियाई टीम को आगामी एशेज, विश्व कप और ओलंपिक में कितना फायदा मिलता है।
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