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Cricket मैच में विज्ञापन नीति पर बहस तेज

Kanchan Paikara
5 July 2026 4:54 PM IST
Cricket मैच में विज्ञापन नीति पर बहस तेज
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Sports खेल : ओल्ड ट्रैफर्ड में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले के दौरान दिखाए गए एक कथित एडल्ट विज्ञापन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद ने इस मुद्दे पर सवाल उठाते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से मामले की जांच करने की मांग की है।
कीर्ति आजाद ने कहा कि ऐसे विज्ञापन का प्रसारण उस समय किया गया जब मैच को लाखों की संख्या में परिवार और बच्चे देख रहे थे। उन्होंने इसे गंभीर चिंता का विषय बताया और कहा कि खेल जैसे बड़े मंच पर इस तरह के कंटेंट की मौजूदगी बच्चों पर गलत प्रभाव डाल सकती है।
पूर्व ऑलराउंडर कीर्ति आजाद ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि क्रिकेट भारत में केवल एक खेल नहीं बल्कि एक भावना है, जिसे हर उम्र के लोग देखते हैं। उन्होंने कहा कि जब मैच के दौरान एडल्ट विज्ञापन दिखाया जाता है, तो यह परिवारों के लिए असहज स्थिति पैदा करता है।
उन्होंने कहा, “यह एक एडल्ट विज्ञापन है। बच्चे अपने माता-पिता के साथ मैच देखते हैं। 16 साल से कम उम्र के बच्चे भी इसे देखते हैं। इस देश में क्रिकेट को धर्म माना जाता है। जब मैं इसे देख रहा था, तब करोड़ों लोग इसे देख रहे थे और उसी दौरान ऐसा विज्ञापन आया।”
कीर्ति आजाद ने आगे कहा कि ऐसे विज्ञापन बच्चों के मानसिक विकास पर असर डाल सकते हैं, क्योंकि वे अक्सर इसका अर्थ समझ नहीं पाते और माता-पिता से सवाल पूछते हैं, जिनका जवाब देना कठिन हो जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इतने बड़े दर्शक वर्ग वाले मैच चल रहे हों, तो इस तरह के विज्ञापनों की अनुमति कैसे दी जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि माता-पिता के लिए यह स्थिति असहज होती है क्योंकि वे बच्चों को यह समझा नहीं पाते कि ऐसे कंटेंट का क्या मतलब है। उन्होंने BCCI से सवाल किया कि आखिर इस तरह के विज्ञापनों पर नियंत्रण क्यों नहीं है और इसे कैसे अनुमति दी जा रही है।
कीर्ति आजाद ने यह भी संकेत दिया कि यदि इस मामले पर उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो वे इसे संसद में भी उठाएंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह के मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए क्योंकि यह सीधे तौर पर बच्चों और परिवारों से जुड़ा हुआ मामला है।
इस विवाद के बाद खेल प्रसारण और विज्ञापन नीति को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। कई लोग मानते हैं कि बड़े अंतरराष्ट्रीय मैचों के दौरान विज्ञापनों की स्क्रीनिंग को लेकर सख्त नियम होने चाहिए ताकि परिवारिक दर्शकों को असुविधा न हो।
वहीं, BCCI की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उम्मीद की जा रही है कि इस मुद्दे पर जल्द ही बोर्ड की ओर से स्थिति स्पष्ट की जा सकती है।
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