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बढ़ी चिंता विश्व कप 2027 पर बनेगा प्लान
नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट टीम के प्रदर्शन, खिलाड़ियों की लगातार बढ़ती चोटों और 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की अहम समीक्षा बैठक होने वाली है। इस बैठक में टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर से हाल के विदेशी दौरों के प्रदर्शन को लेकर चर्चा किए जाने की संभावना है। खास तौर पर आयरलैंड और इंग्लैंड में मिले नतीजों के साथ खिलाड़ियों की फिटनेस और भविष्य की रणनीति बैठक के प्रमुख मुद्दों में शामिल रह सकती है।
टीम इंडिया के सामने इस समय सबसे बड़ी चिंताओं में खिलाड़ियों की चोट है। अलग-अलग सीरीज के दौरान कई प्रमुख खिलाड़ी फिटनेस समस्याओं से जूझते रहे हैं। इससे टीम संयोजन लगातार प्रभावित हुआ और चयनकर्ताओं तथा टीम प्रबंधन को प्लेइंग इलेवन में बदलाव करने पड़े। बोर्ड यह समझना चाहता है कि खिलाड़ियों के वर्कलोड और फिटनेस को बेहतर तरीके से कैसे संभाला जाए ताकि बड़े टूर्नामेंट से पहले टीम के प्रमुख खिलाड़ी पूरी तरह उपलब्ध रहें। बैठक में खिलाड़ियों के वर्कलोड मैनेजमेंट पर विशेष चर्चा होने की संभावना है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के साथ आईपीएल और घरेलू मुकाबलों के व्यस्त कार्यक्रम के कारण खिलाड़ियों पर लगातार दबाव बना रहता है। ऐसे में मेडिकल टीम, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग स्टाफ और टीम मैनेजमेंट के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर जोर दिया जा सकता है।
इसके अलावा आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरों पर टीम के प्रदर्शन की भी समीक्षा की जा सकती है। विदेशी परिस्थितियों में बल्लेबाजी, गेंदबाजी और टीम संयोजन से जुड़े फैसलों पर गंभीर और अगरकर से बोर्ड के अधिकारी जानकारी ले सकते हैं। किन परिस्थितियों में कौन से खिलाड़ी चुने गए और रणनीति उम्मीद के मुताबिक क्यों सफल नहीं हुई, इस पर भी चर्चा संभव है। सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में 2027 में दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाला वनडे विश्व कप रहेगा। भारतीय टीम के पास अब विश्व कप के लिए अपनी कोर टीम तैयार करने और खिलाड़ियों की भूमिकाएं स्पष्ट करने का समय है। चयनकर्ताओं को अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं के बीच संतुलन बनाने की चुनौती होगी।
विश्व कप को ध्यान में रखते हुए तेज गेंदबाजी आक्रमण, मध्यक्रम, ऑलराउंडर और विकेटकीपर जैसे महत्वपूर्ण स्थानों के लिए विकल्प तैयार करने पर जोर दिया जा सकता है। साथ ही उन युवा खिलाड़ियों की पहचान भी अहम होगी जिन्हें अगले एक साल के दौरान पर्याप्त अंतरराष्ट्रीय अनुभव दिया जा सके। बैठक में गंभीर और अगरकर के सामने सिर्फ पिछली हार की समीक्षा ही नहीं बल्कि आने वाले बड़े टूर्नामेंट के लिए स्पष्ट रोडमैप पेश करने की चुनौती भी होगी। टीम प्रबंधन के लिए प्राथमिकता ऐसी मजबूत और फिट टीम तैयार करना होगी जो 2027 विश्व कप में खिताब की मजबूत दावेदार बन सके।
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